Global Statistics

All countries
198,241,433
Confirmed
Updated on Saturday, 31 July 2021, 21:11:54 IST 9:11 pm
All countries
177,377,489
Recovered
Updated on Saturday, 31 July 2021, 21:11:54 IST 9:11 pm
All countries
4,228,877
Deaths
Updated on Saturday, 31 July 2021, 21:11:54 IST 9:11 pm
होमPOLITICAL NEWSदिल्ली में बैठी जम्मू-कश्मीर ! पीएम बोले- चुनाव चाहता हूं साथ दीजिए…फिर...

दिल्ली में बैठी जम्मू-कश्मीर ! पीएम बोले- चुनाव चाहता हूं साथ दीजिए…फिर क्या हुआ

-

पढ़िए पूरी रिपोर्ट ।

किसने क्या कहा —

परिसीमन की प्रक्रिया तेज गति से होनी चाहिए ताकि विधानसभा चुनाव हो सकें : पीएम मोदी

हम कश्मीर के लिए प्रतिबद्ध हैं, चुनाव जल्द चाहते हैं : गृहमंत्री अमित शाह

कश्मीर में सख्ती खत्म होना चाहिए : महबूबा

370 फिर से बहाल हो नहीं तो अदालत में लड़ेंगे 370 की लड़ाई : उमर अब्दुल्ला

पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिलाया पीएम ने : कवींदर गुप्ता

24 जून 2021 स्पेशल रिपोर्ट ।

नयन, नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18

इंट्रो रिपोर्ट ।

तारीख 24 जून 2021 । भारत के लिए काफी अहम दिन रहा । इस तारीख में दिल्ली में जम्मू-कश्मीर बैठी और शांति से बातचीत की । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के गवर्नर मनोज सिन्हा के साथ पूरी जम्मू-कश्मीर एकजुट दिखी। पीएम ने खुद सबको आमंत्रित किया, सब आए भी..करीब आठ दलों के 14 नेता मौजूद रहे और तीन घंटे तक लगातार बैठे और आपस में गुप्तगु की । देश के लिए सुनहरापल था…सो, मौके पर पीएम मोदी ने सबके सामने अपनी बातें रखी औऱ साफ कहा – जम्मू-कश्मीर में चुनाव चाहता हूं । चाहता हूं कि वहां चुनी हुई सरकार बने । जनता के प्रतिनिधि चुनें जाएं और शासन-प्रशासन चलाएं । इसमें आप सबका साथ चाहिए । बात उठी…अच्छी लगी…सबने कहा…चुनाव जरूर हो । लेकिन एक सवाल जो उठा वो ये कि 370 का क्या । क्यों और कैसे । पर ये मुद्दा आज का था ही नहीं …सो नहीं चला लेकिन आवाज बुलंद हुई । पढिए पूरी रिपोर्ट ।

जम्मू-कश्मीर मींटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर पर 8 दलों के 14 नेताओं के साथ करीब 3 घंटे तक बैठक की। प्रधानमंत्री आवास पर चली इस बैठक में मोदी ने संदेश दिया कि जम्मू-कश्मीर से दिल्ली और दिल की दूरी कम होगी। उन्होंने परिसीमन के बाद जल्द विधानसभा चुनाव कराए जाने की बात भी कही और नेताओं से ये भी कहा कि वे इस प्रक्रिया में शामिल हों।

बैठक में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत गुपकार अलायंस के बड़े नेता भी मौजूद थे। इनके अलावा गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी बैठक में शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होंगे लेकिन सभी को राष्ट्रहित में काम करना चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों को फायदा हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी के लिए सुरक्षा और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने की जरूरत है।

ALSO READ  खगड़िया पॉलिटिक्स : भाजपा में तेजी से जुड़ रहीं जिलेभर की महिलाएं ।

जमीनी स्तर पर लोकतंत्र बहाल करना हमारी प्राथमिकता : पीएम मोदी ।


राजनीतिक दलों के साथ आज की बैठक विकासशील जम्मू-कश्मीर के लिए जारी प्रयासों की दिशा में अहम कदम है। जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को बहाल करना हमारी प्राथमिकता है। परिसीमन की प्रक्रिया तेज गति से होनी चाहिए ताकि विधानसभा चुनाव हो सकें और सरकार चुनी जा सके, जो जम्मू-कश्मीर के विकास को मजबूती दे।

हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत ये है कि हम आपस में अपने नजरिए को साझा कर सकते हैं। मैंने जम्मू-कश्मीर के नेताओं से कहा है कि अवाम खासतौर से युवाओं को जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक लीडरशिप दी जानी चाहिए। यह निश्चित करना चाहिए कि उनकी उम्मीदें भी पूरी हों।

मीटिंग में मुसीबतों से रूबरू कराई महबूबा

PDP नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैंने मीटिंग में जम्मू -कश्मीर के लोगों की मुसीबतें सामने रखीं। कश्मीर के लोग 5 अगस्त 2019 के बाद से नाराज हैं और शोषित महसूस करते हैं। हम चीन के साथ आप बात कर रहे हैं। पाकिस्तान से फिर बातचीत करनी चाहिए ताकि जो ट्रेड उनके साथ रुका है, वो बहाल हो। UAPA की सख्ती बंद हो, जेलों में बंद कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के लोग तंग आ गए हैं कि जोर से सांस भी लें तो उन्हें जेल में डाला जाता है।

ALSO READ  दिल्ली में बाढ़ का खतरा: खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना।

अदालत में 370 की लड़ाई लड़ेंगे अब्दुल्ला


नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम आर्टिकल-370 पर अपनी लड़ाई अदालत में लड़ेंगे। हमने प्रधानमंत्री से भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और केंद्र के बीच विश्वास को दोबारा कायम करना आपकी जिम्मेदारी है। जम्मू-कश्मीर को यूनियन टेरेटरी का दर्जा दिया गया है, कश्मीरी इसे पसंद नहीं करते हैं।

उमर ने कहा कि प्रधानमंत्री दिल की दूरी कम करना चाहते हैं, लेकिन एक मुलाकात से न दिल की दूरी कम होती है और न दिल्ली की दूरी कम होती है। एक मीटिंग में इस बात की उम्मीद करना गलतफहमी होगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। हमने ये भी कहा कि परिसीमन की कोई जरूरत नहीं है। इससे बहुत संदेह पैदा होते हैं।

गृहमंत्री बोले- हम कश्मीर के लिए प्रतिबद्ध


बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जम्मू-कश्मीर पर आज की बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। सभी ने लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। साथ ही जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने जम्मू और कश्मीर के भविष्य पर चर्चा की। परिसीमन और चुनाव संसद में किए गए वादे के अनुसार राज्य का दर्जा बहाल करने में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।

पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिलाया पीएम ने : कवींदर गुप्ता

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा नेता कवींदर गुप्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई है। लगता ऐसा है कि परिसीमन के बाद जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे। सभी नेता सामान्य तरीके से चुनाव चाहते हैं। प्रधानमंत्रीजी ने भरोसा दिलाया है कि हम जम्मू-कश्मीर के विकास पर काम करेंगे। गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्रीजी ने कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर भी पूरा भरोसा नेताओं को दिलाया है।

ALSO READ  दिल्ली में बाढ़ का खतरा: खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना।

चलते-चलते नतीजा भी जान लीजिए….।

मीटिंग करीब 3 घंटे से ज्यादा चली । जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन और परिसीमन की बात केन्द्र सरकार ने कही । इतना तक तो मामला ठीक रहा । एक उमर अब्दुल्ला ने ये बात जरूर उठाई कि परिसीमन की जरूरत नहीं हैं । जब पूरा देश में होगा तब हो ..अभी स्पेशल कश्मीर के लिए ही क्यों । महबूबा ने धारा 370 बहाल करने की बात की , लगभग केन्द्र सरकार को छोड़कर 370 बहाल करने की बात सभी ने की । लेकिन किसी की बातों में उतना वज़न नहीं दिखा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदी हुई चाल में कांग्रेस से भी वो बातें मनवाने में सफल रही कि अब जम्मू-कश्मीर में परिसीमन तेजी से हो औऱ फिर चुनाव भी जल्द हो । चुनाव की बात पर सबकी सहमति दिखी । परिसीमन से भी बैठक में हिस्सा लेने वाले अधिकांश नेता भी राजी ही दिखे । माहौैल बहुत खुशनुमा दिखा। मीटिंग के बाद जिस तरह से पीएम मोदी हाथ जोड़कर सभी का अभिनंदन कर रहे थे, पीएम मोदी के साथ फोटो भी खींचवाने में लगे थे…दिखा कि ऑल पार्टी मीटिंग गुड आइडिया था । जो बहुत हद तक सफल दिखा । देश लोकतंत्र से चलता है । लोकतंत्र को कायम करने के पक्ष में दिखे तमाम नेताओं ने बेहतर माहौल में मीटिंग कर जम्मू-कश्मीर के आवाम के साथ-साथ देश औऱ दुनिया के सामने शांतिपूर्ण राजनीति की उम्मीद जगाई है ।

ALSO READ  खगड़िया पॉलिटिक्स : भाजपा में तेजी से जुड़ रहीं जिलेभर की महिलाएं ।

जम्मू-कश्मीर का चेहरा-ए-खास : –

फारूक अब्दुल्ला: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष हैं। 2009 से 2014 की यूपीए सरकार में मंत्री रहे। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद इन्हें भी नजरबंद किया गया था।

ALSO READ  शुक्रिया हिमालय...खुली आंखों से तुझे देखा, समझा...।

गुलाम नबी आजाद: वरिष्ठ कांग्रेस नेता। राज्यसभा में विपक्ष के नेता। 2005 से 2008 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे।

महबूबा मुफ्ती : पीडीपी की चीफ और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद नजरबंद किए जाने वाले नेताओं में शामिल।

उमर अब्दुल्ला: नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता। जम्मू-कश्मीर की पिछली पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के वक्त विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। वे राज्य के मुख्यमंत्री का जिम्मा भी संभाल चुके हैं। इन्हें भी PSA के तहत नजरबंद किया गया था।

कविंदर गुप्ता:  पीडीपी-भाजपा सरकार में डिप्टी सीएम का जिम्मा संभाल रहे थे। 13 साल की उम्र में स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। लंबे समय तक संघ के साथ काम करने के बाद उन्हें भाजपा में भेजा गया।

सज्जाद लोन:जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष हैं। वे अब्दुल गनी लोन के बेटे हैं, जिनकी 2002 में श्रीनगर में एक रैली के दौरान हत्या कर दी गई थी। सज्जाद गुपकार अलायंस के नेताओं में शामिल हैं।

रविंदर रैना:जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष हैं। संघ में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्हें पार्टी के काम में लगाया गया है।

निर्मल सिंह:  BJP नेता डॉ. निर्मल कुमार सिंह पूर्ण राज्य रहने के दौरान जम्मू और कश्मीर विधान सभा के अंतिम अध्यक्ष थे। वह जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

एमवाई तारिगामी: CPI के नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी पीपुल्स अलायंस के संयोजक और प्रवक्ता हैं। तारिगामी 1996, 2002, 2008 और 2014 में कुलगाम से विधायक चुने गए थे।

गुलाम अहमद मीर: कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर दूरू विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वह जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हार गए थे।

भीम सिंह :  भीम सिंह जम्मू और कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (JKNPP) के संस्थापक हैं।। भीम सिंह 30 साल तक पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष रहे। 2012 में उन्होंने अपने भतीजे को यह जिम्मेदारी सौंप दी।

मुजफ्फर बेग : मुजफ्फर हुसैन बेग जम्मू और कश्मीर के उप मुख्यमंत्री रहे हैं। वह मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व वाली जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे हैं।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।

Nayan Kumarhttps://www.mauryanews18.com%20
MANAGING EDITOR MAURYA X NEWS18 PVT LTD . #March 2019 to till now ------- #20yrs Experience field of Journalism, #Mass Com - Print Media & Electronic Media #Former Sr. Subeditor, Dainik Jagaran, India's No-1 Hindi Daily News Paper, Patna, Bihar, 12 April 2000 -March2008 #Former Channel Co-Ordinator, Maurya Tv, Patna, Bihar/Jharkhand, April 2008 - March 2013 Channel Co-Ordinator, Zee Bihar/Jharkhand news from march 2013- march2014 #Editor, Ommtimes.com news portal, Patna, Bihar, April 2014 - AuG2018 #Former Editor, Maurya News, news Portal, Sept.2018-Feb2019

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Must Read

शुक्रिया हिमालय…खुली आंखों से तुझे देखा, समझा…।

एक साक्षात्कार ऐसा भी : हिमालय पहुंचा, बादल फटा...फिर क्या हुआ... नुबार घाटी से वारिला होते हुए पैंगोंग का सफर हिमालय से विकास वैभव...की आंखों देखी...