Global Statistics

All countries
198,183,006
Confirmed
Updated on Saturday, 31 July 2021, 19:09:57 IST 7:09 pm
All countries
177,340,924
Recovered
Updated on Saturday, 31 July 2021, 19:09:57 IST 7:09 pm
All countries
4,228,091
Deaths
Updated on Saturday, 31 July 2021, 19:09:57 IST 7:09 pm
होमPOLITICAL NEWSआयरन मंत्री की चट्टानी बोल से दलहा जदयू

आयरन मंत्री की चट्टानी बोल से दलहा जदयू

-

केन्द्रीय मंत्री आरसीपी बोले – भाजपा ने जदयू पर एहसान किया और क्या-क्या बोले स्टील मंत्री

मंत्री बनने के बाद उठे बवाल का जवाब दे रहे थे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अब पीएम मोदी हैं बॉस

नयन, नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचन्द्र प्रसाद सिंह केन्द्र में स्टील मंत्री बन गए हैं । स्टील माने आयरन । लोहा । राजनीति में भी लोहा गरम देखा और हथौड़ा चला दिए …मंत्री बनके ही दम लिया । अब आयरन मंत्री बनते ही चट्टानी बोल से जदयू को दहला दिया है । जनता दल यू में कोई चूं-चापर कर रहा है तो उसकी खैर नहीं । क्योंकि वही इस वक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं । यानि फूल पावर पहले से ही मौजूद है । सो, ज्यादा चूं-चां-चीं करने वाले बाहर का रास्ता भी नाप सकते हैं । वैसे, घटना क्रम देंखे तो पहला डंडा संजय सिंह पर चला दिया है । मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह को पद मुक्त करते हुए अब कुछ नहीं सीधा मुंह बंद करके पार्टी में बैठने के लिए कह दिया गया है, उनकी जगह एमएलसी व पूर्व मंत्री नीरज कुमार को मुख्य प्रवक्ता का ताज पहना दिया है ।

आयरन मंत्री का ये अंदाज जदयू में खलबली मचा रखा है । यहां तक की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शांत पड़ गए हैं । लेकिन जो अंदर खाने की खबर है वो छन-छन कर बाहर आ रही है उससे सबको लगता है पार्टी के अंदर कोई बड़ी बीमारी पैदा हो गई है जिसका इलाज स्टील मंत्री ही करेंगे । यही कारण है कि कई सवाल जो उठे उसे लेकर मंत्री बनते ही स्पष्ट कर दिया कि जदयू को मंत्रीमंडल में क्यों शामिल किया गया ।

उन्होंने शपथ लेने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में सारी बातें स्पष्ट की । उनसे पूछा गया कि जदयू को जब 2019 में मंत्रीमंडल में शामिल किया जा रहा था तो क्यों नहीं शामिल हुए जबकि तब भी एक ही सीट और अब 2021 में भी एक ही सीट मिली ।

जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी ने कहा – अब आराम से सवालों का जवाब सुन लीजिए । 2019 में पार्टी एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ी । भाजपा को स्वयं बहुमत मिल गई है, वो अपने बुते सरकार चला सकते हैं लेकिन उन्होंने सभी घटक दलों को सरकार का हिस्सा बनाने की सोंची और इसके लिए सबसे कहा भी कि आप जिसे मंत्री बनाना चाहे बना सकते हैं, आप मंत्रीमंडल में शामिल हो सकते हैं । छोटे दल हों या बड़े दल संख्या बल चाहे जो हो सबको एक सीट देने की बात कही थी ।
ऐसी स्थिति में जदयू ने 2019 में अपने आपको मंत्रीमंडल में आपसी सहमति से शामिल होने का मन नहीं बना सकी और फिर हुआ कि आगे देखा जाएगा अभी सिर्फ बिहार की बात सोंची जाए । क्योंकि आगे 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव भी होना था । ऐसे में मंत्रीमंडल में शामिल होने की जगह सभी नेताओं से बिहार की जनता के बीच मेहनत करने का ही मन बनाया गया । इसलिए सबकी सहमति से मंत्रीमंडल में शामिल होने की बात टाल दी गई ।
लेकिन अब तो बिहार में चुनाव के बाद वहां भी एनडीए की सरकार है और भाजपा के साथ मिलकर मजबूती से काम कर रहे हैं इसलिए इसबार पार्टी मन बना चुकी थी कि यदि भाजपा की ओर से फिर से मंत्रीमंडल विस्तार के दौरान कोई प्रस्ताव आया तो उसे सहर्ष स्वीकार किया जाएगा।

ALSO READ  UP POLITICS :अखिलेश-जयंत की दोस्ती गुल खिलाएगी
ALSO READ  मिलन : फिर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिल आए सीएम योगी। एक महिने में दो बार।

उन्होंने कहा कि रही बात आपके अगले सवाल की वो ये कि एक ही मंत्री क्यों बनाए गए जबकि संख्याबल तो अधिक थी । दो-चार बनाए जा सकते थे ।

आरसीपी ने बहुत ही तेवर के साथ पत्रकारों से कहते है इसका भी जवाब सुन लीजिए हल्ला मत मचाइए ।
एक मंत्री हों या दो-चार मंत्री ये सब भाजपा को तय करना था…हर जगह गणित और जोड़-तोड़ व सौदेबाजी नहीं होती । भाजपा आज की तारीख में सिंगल ऐसी पार्टी है जो खुद सरकार बनाने में सक्षम है, उनके पास स्वयं की बहुत से अधिक सीट है, ऐसे में किसी घटक दलों को मंत्रीमंडल में शामिल ना भी किया जाए तो भी उनकी सरकार बनी रहेगी ।
ऐसी स्थिति में होने के बाद भी भाजपा नेतृत्व हमेशा से ये चाहती रही कि सभी घटक दल मंत्रीमंडल में शामिल हों यहां संख्याबल की कोई बात ही नहीं है । यदि जदयू संख्या बल में कम भी होता या कोई दल जो संख्याबल में कम भी है उसे भी एक सीट दिया गया, सिर्फ ये सोंच थी कि मंत्रीमंडल में सभी दल शामिल हों और मिलकर सरकार बनाएं । अब देखिए लोजपा को ही उनकी संख्या तो कम ही थी फिर भी उन्हें एक सीट दी गई ।

ऐसी स्थिति में ये मानकर चलिए कि भाजपा नेतृत्व ने जदयू पर एहसान ही किया है कि मंत्रीमंडल में शामिल करने का अवसर दिया । यहां हम जोड़-तोड़ या सौदेबाजी नहीं कर सकते हैं । हर जगह सौदेबाजी नहीं चलती है । ऐसे में इसबार जब मंत्रींमंडल का विस्तार हुआ तो पार्टी पहले से ही मन बना चुकी थी कि मंत्रीमंडल में शामिल होकर बिहार के विकास को और गति दी जाए ।

ALSO READ  देश का पहला मॉब लिंचिंग, जिसमें सिर्फ एक राजनेता को मिली फांसी की सजा

पार्टी को मजबूती देने के लिए भी मंत्रीमंडल में शामिल होना जरूरी था ।

उन्होंने कहा कि जदयू औऱ भाजपा का गंठबंधन मजबूती के साथ वर्षों से आगे बढ़ रहा है । अब और मजबूती के साथ हम भाजपा के साथ आगे बढ़ेंगे, इसके लिए जरूरी था गठबंधन धर्म को निभाना औऱ मंत्रीमंडल में शामिल होना । आपलोग अनर्गल सवाल खड़े कर रहे हैं कि एक ही मंत्री क्यों बने । उन्होंने ये हिदायत भी दी कि ये सवाल अब आगे नहीं उठनी चाहिए ।
कुल मिलकार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह मंत्री बनने के बाद पूरी तरह से तेवर में दिखे । उन्होंने भाजपा के बारे में जदयू पर एहसान की जो बात कही है उसे लेकर राजनीति गरम हो गई है ।
विपक्ष अब टोंट कस रहा है कि आरसीपी अब जदयू के नहीं भाजपा के हो गए हैं । आरसीपी सिंह नीतीश कुमार का नहीं अब पीएम मोदी का साथ देते दिख रहे हैं । ऐसी टिप्पणी अब बिहार के हरेक चौक-चौराहों औऱ राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भी होती देखी औऱ सुनी जा सकती है ।

कहने वाले तो यहां तक कह रहे हैं कि अब जदयू में टूट होना तय है ।

लोजपा नेता चिराग पासवान ने बेगूसराय की सभा में इसपर टिप्पणी भी की है औऱ कहा है कि जदयू को टूटने से अब कोई बचा नहीं सकता । अब जदयू के विध्वंस की बारी आयी है । सीएम नीतीश कुमार ने जैसा बोया है वैसा काटेंगे । उन्होंने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार खुद को राजनीति का तीसमार खां समझते हैं लेकिन इसबार वो भाजपा की चाल में फंस गए हैं । भाजपा ही उनके घर में लड़ाई लगवाने की पूरी व्यवस्था कर दी है । अब आपलोग देखते जाइए जदयू में किस तरह से बगावत खुलकर सामने आती है । कितने दिनों तक दबा कर रखेंगे अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को ।

ALSO READ  खगड़िया पॉलिटिक्स : भाजपा में तेजी से जुड़ रहीं जिलेभर की महिलाएं ।

राजद ने क्या कहा —-

वहीं राजद की ओर से भी ये कहा गया कि नीतीश कुमार पूरी तरह से भाजपा के शरण में चले गए हैं । अब जदयू के अंदर ही भाजपा और जदयू दो टीम काम कर रही है । ऐसे में बहुत जल्द जदयू में टूट की खबर सामने आएगी । और सरकार पूरी तरह से टूट जाएगी । राजद का कहना है कि वो दिन दूर नहीं जब जदयू में बवाल मचेगा और नीतीश कुमार मुंह देखते रह जाएंगे, अब नीतीश कुमार के हाथ से जदयू पूरी तरह से निकल चुका है ।
देखना होगा कि राजनीति किस ओऱ करवट लेती है । क्योंकि इतना तो तय है कि जदयू में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा । हाल ही में जिस तरह से बिहार के मंत्री मदन साहनी ने बवागत की और कहा कि नीतीश सरकार में मंत्री बने रहना बेकार है । एक मिनट भी रहना मुश्किल है । ऐसी स्थिति में कई और आवाज जो अभी दबी है बाहर आना बांकी है । क्योंकि इस तरह की टिप्पणी किसी जदयू नेता ने पार्टी में रहते नहीं की थी, वो भी मंत्रीमंडल का हिस्सा रहते हुए पद छोड़ने और इस्तीफा देने की बात किसी ने नहीं की थी लेकिन इस बार वो सब हुआ जिसकी बात अंदर खाने भी आये दिन चलती रहती थी । इससे पहले देखा ये जाता रहा कि कोई भी पार्टी या पार्टी लीडर के खिलाफ अंदरूनी तौर पर भी कोई उल्टी-सीधी हरकत करता था तो पार्टी एक्शन लेती और बाहर का रास्ता दिखा देती थी लेकिन मंत्री मदन साहनी के केस में कुछ भी एक्शन नहीं हुआ बल्कि मान-मुनव्ल की पहल खुद सीएम नीतीश कुमार को कड़नी पड़ी ।

ALSO READ  मिलन : फिर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिल आए सीएम योगी। एक महिने में दो बार।

विपक्ष इसे भी नीतीश कुमार की हेकड़ी गुम कर देने वाली घटना बता रही है ।

क्या सच में नीतीश कुमार की नहीं चल रही । केन्द्रीय मंत्रीमडल में कितने लोग शामिल हो रहे…कौन-कौन जदयू से उम्मीदवार हैं । ऐसे कई सवालों के जवाब में भी नीतीश कुमार कह चुके हैं कि इन सब के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है, और ना ही मैंने कोई जानकारी हांसिल की है । ये सब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विशेषाधिकार का मामला है । यदि ऐसी बिखड़ी-बिखड़ी बातें नीतीश कुमार कर रहे हैं तो जाहिर है कि जदयू में सब ठीक-ठाक नहीं है । अब देखते जाइए बिहार की राजनीति क्या गुल खिलाती है । भाजपा के सामने जदयू औऱ लोजपा के पारस गुट व चिराग गुट जैसे घटक दल में फूट करो राज करो वाली स्थिति तो आ ही गई है । आरसीपी सिंह के मंत्री बनने के बाद अब नज़र सबकी जदयू पर टिकी है ।
आप देख रहे हैं मौर्य न्यूज18 पाँलिटिक्स आगे आपको बताएंगे कि आरसीपी सिंह ने ललन सिंह क्यों नहीं बने मंत्री इस सवाल के जवाब में क्या कहा आप देखते रहिए मौर्य न्यूज18 ।

ALSO READ  देश का पहला मॉब लिंचिंग, जिसमें सिर्फ एक राजनेता को मिली फांसी की सजा

फेसबुक पेज @mauryanews18 और इंस्टाग्राम @Mauryanews18 के साथ-साथ यूट्यूब पर भी देखिए @mauryanews18 ।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।।

Nayan Kumarhttps://www.mauryanews18.com%20
MANAGING EDITOR MAURYA X NEWS18 PVT LTD . #March 2019 to till now ------- #20yrs Experience field of Journalism, #Mass Com - Print Media & Electronic Media #Former Sr. Subeditor, Dainik Jagaran, India's No-1 Hindi Daily News Paper, Patna, Bihar, 12 April 2000 -March2008 #Former Channel Co-Ordinator, Maurya Tv, Patna, Bihar/Jharkhand, April 2008 - March 2013 Channel Co-Ordinator, Zee Bihar/Jharkhand news from march 2013- march2014 #Editor, Ommtimes.com news portal, Patna, Bihar, April 2014 - AuG2018 #Former Editor, Maurya News, news Portal, Sept.2018-Feb2019

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Must Read

दिल्ली में बाढ़ का खतरा: खतरे के निशान से ऊपर बह...

दिल्ली में शुक्रवार को यमुना में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। इससे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही...