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होमPOLITICSगेस्ट रिपोर्ट : कश्मीर और कश्मीरी:- लगाव से अलगाव तक- Part-3

गेस्ट रिपोर्ट : कश्मीर और कश्मीरी:- लगाव से अलगाव तक- Part-3

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कश्मीर की बातें किस्तों में – पढ़िए पार्ट-3

देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की कलम से

पार्ट-3

नेहरू और शेख अब्दुल्ला के रिश्ते बिगड़ने लगे

अविश्वास और तनाव का यही माहौल था जिसकी वजह से आज़ादी के पाँच साल होते-होते नेहरू और शेख़ अब्दुल्ला के रिश्ते बिगड़ने लगे। रिश्तों में बिगाड़ की कई वज़हें बताई जाती हैं। शेख़ अब्दुल्ला के नज़रिए से देखें तो दिल्ली के रवैये की वज़ह से ऐसा हुआ। उनके मुताबिक दिल्ली ने धारा 370 के तहत जो वायदे किए थे वह उनसे मुकरने लगी। दूसरी तरफ दिल्ली की नज़र में शेख़ साहब की विश्सनीयता कम हो गई। उसे लगने लगा कि वे पाकिस्तान के इशारे पर आज़ाद कश्मीर के ख़्वाब देखने लगे हैं। सचाई चाहे जो हो मगर तल्खियाँ इतनी बढ़ीं कि 8 अगस्त 1953 को नेहरू को अपने ही दोस्त की सरकार को बर्खास्त करनी पड़ी और उन्हें गिरफ़्तार करके जेल भेजना पड़ा। उन पर राज्य के विरुद्ध साज़िश करने का आरोप लगाया गया। उनकी जगह उन्होंने बाग़ी मंत्री बख्शी ग़ुलाम मोहम्मद को राज्य की बागडोर सौंप दी। कश्मीर में इसका जमकर विरोध हुआ। ये स्वाभाविक भी था क्योंकि शेख अब्दुल्ला की लोकप्रियता असंदिग्ध थी जबकि बख्शी को दिल्ली की कठपुतली के रूप में देखा गया। 

दिल्ली औऱ श्रीनगर के बीच संबधों पर पहला वार


दिल्ली और श्रीनगर के बीच संबंधों पर ये पहला वार था, जिसने कश्मीरी अवाम में अलगाव की भावना को भरना शुरू कर दिया। इस बीच सांप्रदायिकता की राजनीति भी दूरियों को बढ़ाने में जुटी हुई थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देकर जनसंघ की स्थापना की और धारा 370 के ख़िलाफ़ अभियान भी छेड़ दिया। अतिवादी हिंदुओं के मन में तो ये पहले से ही खटक रही थी मगर उदारवादी हिंदुओं का एक छोटा सा ही हिस्सा सही, उस दिशा में सोचने के लिए बाध्य होने शुरू हुआ। मुखर्जी की कश्मीर यात्रा और फिर वहाँ उनकी मृत्यु ने इस मामले में आग में घी का काम किया। कश्मीरी नेताओं के मन में ये बात घर करने लगी कि ये हिंदूवादी राजनीति उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करके ही मानेगी। उधर, पाकिस्तान की नज़रें तो कश्मीर पर लगी ही हुई थीं। वहाँ के हुक्मरानों के एजेंडे में शेष कश्मीर को भी पाकिस्तान में मिलाना सबसे ऊपर था। पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में कश्मीर के नाम पर लोगों को भारत के विरुद्ध एकजुट करना और मूल समस्याओं से उनका ध्यान भटकाना बहुत आसान नुस्खा था। इसलिए वह हर तरह से कश्मीरी नेताओं और अवाम को पटाने की जुगत में लगा रहता था। 

अभी बात बनने ही वाली थी कि नेहरू चल बसे


अलबत्ता शेख अब्दुल्ला की बर्खास्तगी और उनको जेल में डालने से हुआ घाव इतना गहरा नहीं था कि भरा न जा सके और ग्यारह साल बाद 8 अप्रैल 1964 को उन पर लगाए गए आरोप वापस ले लिए गए। इस तरह शेख अब्दुल्ला की रिहाई के साथ इसे भरने की प्रक्रिया शुरू भी हो गई। नेहरू के आग्रह पर ही वे पाकिस्तान गए और राष्ट्रपति अयूब के भारत दौरे के लिए ज़मीन तैयार की। ये समाधान की दिशा में एक बड़ी पहल सावित होने वाली थी मगर अचानक नेहरू का देहावसान हो गया और सबकुछ थम गया। इसके बाद 1965 के भारत-पाक युद्ध ने समाधान की गुंज़ाइश को लगभग ख़त्म ही कर दिया। दिल्ली का रुख़ भी सख़्त होता चला गया। उसने धारा 370 को काफ़ी कमज़ोर कर डाला। सदर-ए-रियासत और वज़ीर-ए-आज़म के पद भी ख़त्म कर दिए गए। वहाँ भी दूसरे राज्यों की तरह राज्यपाल और मुख्यमंत्री होने लगे। राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंट की तरह काम करते और राज्य सरकारों को स्वंतंत्र होकर काम करने ही नहीं देते। दिल्ली की दखलंदाज़ी दूरियों को बढ़ाती चली गई।

……..जारी………

लेखक परिचय

मुकेश कुमार, देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं।

मुकेश कुमार
देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं।
 
इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से लंबे समय से जुड़े हैं। 
मौर्य टीवी, के निदेशक भी रह चुके हैं। कई नेशनल और रिजनल चैनल से भी जुड़े रहे।
पत्र- पत्रिकाओं में बेवाक लेखनी के लिए जाने जाते हैं। साहित्य से खास लगाव रहा है।

गेस्ट कॉलम, मौर्य न्यूज18 में आप सभी आदरणीय लेखकों का हम सम्मान करते हैं। संपादक, मौर्य न्यूज18

Nayan Kumarhttp://www.mauryanews18.com%20
MANAGING EDITOR MAURYA X NEWS18 PVT LTD . #March 2019 to till now ------- #20yrs Experience field of Journalism, #Mass Com - Print Media & Electronic Media #Former Sr. Subeditor, Dainik Jagaran, India's No-1 Hindi Daily News Paper, Patna, Bihar, 12 April 2000 -March2008 #Former Channel Co-Ordinator, Maurya Tv, Patna, Bihar/Jharkhand, April 2008 - March 2013 Channel Co-Ordinator, Zee Bihar/Jharkhand news from march 2013- march2014 #Editor, Ommtimes.com news portal, Patna, Bihar, April 2014 - AuG2018 #Former Editor, Maurya News, news Portal, Sept.2018-Feb2019

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