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गुरूवार, जून 24, 2021
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पंचायती राज का फरमान : मुखियाजी, आपने ऐसा किया है तो होगा FIR ! Maurya News18

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1 अप्रैल 2021 के बाद चेक या ड्राफ्ट लेनदेने करने वाले त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि नपेंगे : मंत्री सम्राट चौधरी

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18


पंचायती राज विभाग मंत्री सम्राट चौधरी ने साफ किया है कि बिहार के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियो ने यदि 1 अप्रैल 2021 के बाद कोई लेनदेन चेक या ड्राफ्ट के जरिए किया है तो नपेंगे, FIR भी होगा, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस संबंध में बिहार सरकार पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट निर्देश दे दिया है ।

सम्राट चौधरी, मंत्री पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार ।

मंत्री कहते हैं कि भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार वित्तीय वर्ष 20-21 से 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत ग्राम पंचायतों को दी गई टाइड व अनटाइड अनुदानों की लेन-देन PFMS (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमैंट सिस्टम) के तहत किया है । 1 अप्रैल 2021 के बाद ऐसा करना था, इस संबंध में बिहार के सभी त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र के माध्यम से कई बार सूचना दी जा चुकी है ।
ऐसी स्थिति में कोई भी पंचायत प्रतिनिधि चेक या ड्राफ्ट के जरिए 1 अप्रैल के बाद से कोई लेन-देन नहीं कर सकते हैं । ऐसा जिन्होंने भी किया होगा उनपर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी ।

इस संबंध में बिहार सरकार पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने पत्र जारी कर बैंक खातों की जांच के लिए कहा है और कहा गया है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए । पत्र के जरिए सारा कुछ स्पष्ट करते हुए सभी जिलाधिकारियों, जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को इस संबंध में अतिशीघ्र जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशत कर दिया गया है । ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि को अपनी खाताबही चेक कर लेनी चाहिए कि कहीं इस तरह के दिशा-निर्देश का उल्लंघन तो नहीं किया है । वरना एफआईआर के लिए तैयार रहें ।


विभाग के जरिए जारी पत्र आप भी देख सकते हैं ….।

आपको पता है PFMS क्या होता है …


पीएफएमएस का फूल फॉर्म है…. पब्लिक फाइनेंसियल मैंनेजमेंट सिस्सटम ।
पूर्व में, इसे Central Plan Schemes Monitoring System (CPSMS) के रूप में जाना जाता था। यह एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंटल (CGA) द्वारा विकसित और कार्यान्वित किया गया है।
यह NPCI के माध्यम से आधार आधारित और गैर-आधार आधारित बैंक खातों दोनों के लिए Direct Benefit Transfer (DBT) के तहत सब्सिडी के ई-भुगतान के लिए एक मंच प्रदान करता है। कई बैंकों ने योजनाओं के तहत कवर किए गए लाभार्थियों के लिए पीएफ़एमएस के माध्यम से DBT भुगतान लागू किए हैं।


पीएफएमएस का सबसे बड़ा लाभ …


पीएफ़एमएस का सबसे बड़ा लाभ देश में कोर बैंकिंग प्रणाली के साथ इसका एकीकरण है। लगभग हर लाभार्थी / विक्रेता को ऑनलाइन भुगतान को आगे बढ़ाने में सक्षम है। वर्तमान में, PFMS में बैंकिंग लेनदेन की वास्तविक समय की रिपोर्टिंग की पेशकश करने के लिए सभी बैंकों के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) के अलावा एक इंटरफ़ेस है।

इस कब लागू किया गया था…


PFMS को 2009 के दौरान योजना आयोग की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य सरकार के तहत जारी धन को ट्रैक करना था। भारत योजना योजनाओं और योजना के कार्यान्वयन के सभी स्तरों पर व्यय की वास्तविक समय रिपोर्टिंग। कुछ वर्षों के बाद, वर्ष 2013 में, योजना और गैर-योजना दोनों योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सीधे भुगतान को कवर करने के लिए दायरा चौड़ा किया गया था। 2014 के अंत में, यह योजना बनाई गई थी कि PFMS खातों का डिजिटलीकरण करेंगे और विभिन्न चरणों में PFMS में अतिरिक्त सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी।


सरकार के द्वारा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है योजनाएं जैसे जनधन खाता, ऑनलाइन जीएसटी रिफंड और सब्सिडी आदि का पैसा भी ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर किया जाता है।सरकार ने इसके लिए एक पोर्टल पीएफएमएस बनाया हुआ है।

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