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मंत्रियों को क्षेत्र जाने से रोकना, सीएम नीतीश कुमार के लिए बन सकता है काल ! Maurya News18

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नीतीश के इस फरमान से भाजपा के अंदर ही अंदर लगी है आग ।

नीतीश कुमार से भाजपा खफा, सरकार अब लंबे समय तक नहीं चलने के आसार ..।

विपक्ष का कहना – नीतीश खुद तो कहीं नहीं जाते है मंत्रियों को भी जनता की सुधि लेने से रोका, आखिर क्यों ?


नयन, पटना, मौर्य न्यूज18 ।

बिहार में कोरोना है । नीतीश सरकार है । और उनके चहेते आलाधिकारी हैं । वही जो कहते हैं करते हैं । लॉकडाउन लगाने को जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बोलते हैं …तो नीतीश कहते हैं नो । जब अधिकारी कहते हैं तो कहते हैं यस । फिर जदयू-भाजपा में तू-तू मैं-मैं चलती है ।


अब एक नया आया है …फरमान । मैं नहीं तो तू भी नहीं । अब नीतीश कुमार ने साफ-साफ सरकारी आदेश जारी कर अपने मंत्रियों को भी जनता की सुधि लेने के लिए क्षेत्र में जाने से रोक दिया है । साफ कहा है कि खबरदार ! कोई मंत्री जनता की सुधि लेने घर से बाहर नहीं निकल सकते । ये एक नया बवाल बनने वाला है । कह सकते हैं काल बनने वाला है नीतीश सरकार के लिए ।
वजह, आप गौर करें तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होकर बंगले से ही सब मॉनिटर करते हैं …वो निकलेंगे तो अधिकारियों को भी निकलना होगा…सो, चहेते अधिकारियों को क्यों कष्ट देना । सो, घर में लॉक हो गए । कोरोना से बचके रहना है …घर में रहने का ..इससे शानदार कारण क्या हो सकता है ।

खैर । बात आगे की करते हैं…।


इन दिनों कुछ मंत्री जनता की स्थिति खराब देख क्षेत्र का भ्रमण करने निकले थे । ताकि जनता जनार्दन की सुधि ली जा सकते और कुव्यवस्था की शिकायत को दूर की जा सके । और ये क्षेत्र भ्रमण करने वाले मंत्रीगण कोई और नहीं भाजपा के थे…सो, नीतीश कुमार की सांसें फूलनी ही थी…। फिर क्या था, जारी कर दिया फरमान । खैर, जो भी हो…फरमान वाला लेटर नीचे देखिए ।

सरकारी लेटर भी आप देख सकते हैं …।

अब फरमान तो जारी कर दिया लेकिन इसका असर क्या होने वाला है, इस पर भी गौर करिए ..।

मंत्रियों को ये तो पता है कि कोरोना काल चल रहा है । प्रतिबंध का मामला है । लेकिन जनता के बीच कुव्यवस्था से मौत की खबरें आने लगी…जनता आवाज उठाने लगी…कोई सुधि लेने वाला नहीं । मंत्रियों पर और क्षेत्रिय प्रभारियों पर इसका असर पड़ा । नतीजा, मंत्री जनता की सुधि लेने क्षेत्र में कोरोना नियम का पालन करते हुए निकलना शुरू कर दिए । जिसमें ज्यादातर भाजपाई मंत्री ही थे…। शायद नीतीश कुमार को ये सब सुहाया नहीं । और अधिकारियों को आदेश दिया कि जारी करो पत्र । सरकारी फरमान जारी हो गया । घर से निकलना नहीं है । जो भी काम करना है वर्चुअल । कुल मिलाकर घर में हाथ-पैर समेट कर बैठें या लेटे रहें ।


पत्र में मंत्री के पीएस से कहा गया है कि आप अपने मंत्री को कहिए क्षेत्र में ना जाएं । अब बताएं कि मंत्री के पीएस उनको गाइड करेंगे कि आपको कहां जाना है और कहां नहीं जाना है । क्या कोई भी सरकार इस तरह का आदेश निकलती है । यदि यही सब करना ही था तो मंत्रियों की वर्चुअल मीटिंग ले सकते थे । और कह सकते थे कि क्षेत्र में जाने से बचना है । लेकिन नहीं पत्र जारी कर पीएस के जरिए मंत्री को क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए कहा गया । इतनी हड़बड़ी क्या थी । रातो-रात ऐसा कर गुजरे नीतीश कुमार । भाजपा को कुछ कहते बन नहीं रहा । वहीं विपक्ष इसे नाकामी भरा फरमान बताकर चुटकी ले रही ।


इस तरह से कोई आदेश निकाला जाना चाहिए ?


नीतीश कुमार का फरमान भाजपा को कचोट रहा है..बिहार में राजनीतिक भूचाल आना तय


इस तरह का फरमान भाजपा को कचोट रहा है । अंदर ही अंदर आग लगी है । राजनीति में इस तरह के फरमान से यदि आग लगती है तो खेला होना तय है । इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि भाजपा ऐसे फरमान से खफा नहीं होगी । गुस्सा फूटना तय है । अब ये गुस्सा अंदर ही अंदर बिहार की राजनीति में उथल-पुथल भी ला सकती है ।


आपको बता दें कि भाजपा इस समय बिहार में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और नीतीश कुमार की जदयू काफी कमजोर स्थिति में है । कोरोना काल में जिस तरह से लॉकडाउन को लेकर भाजपा-जदयू में टकराव की स्थिति बनी थी …वो आग अभी ठंड भी नहीं हुई थी कि अब मंत्रियों पर अंकुश लगाना फिर से आग में घी डालने का काम किया है । सूत्रों की मानें तो बिहार भाजपा में अंदर ही अंदर आग लग चुकी है । कभी भी बिहार भाजपा के नेताओं का इसके खिलाफ बयान आ सकता है । वैसे भी गौर करें तो बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ऐसे फरमानों पर चुप बैठने वाले तो नहीं हैं । उन्होंने लॉकडाउन नहीं लगाय़े जाने के सरकार के रवैये पर भी लगातार बोलते रहे ।


जनता क्या कह रही …

जनता भी सरकार के इस आदेश से आश्चर्यचकित है । पब्लिक का कहना है कि ये कैसा फरमान है । मंत्री या जनप्रतिनिधि विकट स्थिति में जनता को नहीं देखेंगे , उसकी सुधि लेने नहीं आएंगे तो कौन लेगा । मुख्यमंत्री खुद तो घर से निकलते नहीं हैं और ना ही किसी को काम करने के लिए निकलने देते हैं । ऐसे में कोई अधिकारी या स्वास्थ्य कर्मी कैसे काम करेंगे । वो भी घर में ही रहना चाहेंगे ।


विपक्ष का क्या कहना है …

बिहार की विपक्षी राजनीतिक पार्टियां इस फरमान को सरकार के नाकारापन के रूप में देख रही है । विपक्षियों का कहना है कि सरकार जनता को यूं ही मरने के लिए छोड़ देना चाहती है । मंत्री के साथ-साथ विधायक भी कहीं नहीं जाएंगे । जनता का सुध नहीं लेंगे । तो डॉक्टर भी घर बैठ जाएंगे । अधिकारी भी घर बैठ जाएंगे । उनको भी तो अपनी जान की फिक्र है । जब आप अपने मंत्रियों और विधायको को क्षेत्र में जाने से रोकेंगे तो स्वास्थकर्मियों का मनोबल टूटेगा । संबंधित अधिकारियों का भी मनोबल टूटेगा । ऐसे आदेश की जगह कहा ये जाता कि पीपीई कीट पहनकर पूरे प्रोटोकॉल का पालन करके क्षेत्र भ्रमण करिए तो एक बात थी। वर्चुअल माध्यम से क्षेत्र की व्यवस्था की कितनी निगरानी की जा सकती है । हर जगह तो सीसीटीवी कैमरा लगा नहीं है । ना ही नीतीश सरकार ने कहीं कैमरा लगवाया है ।

साफ है कि , सरकार पर निर्भरता अब छोड़ने वाली स्थिति बन गई है । सरकार एक तरह से हाथ खड़े कर चुकी है । जनता अपनी स्थिति से खुद निपटे …चाहे जान जाए या रहे । कुल मिलाकर ऐसी ही स्थिति है । विपक्षी पार्टियों का कहना है कि नीतीश कुमार अब सरकार चलाने में सक्षम नहीं हैं, वो पूरी तरह से अधिकारियों के दिमाग से ही काम कर रहे हैं । जो सूबे को ले डूबेगा ।


इधर, भाजपा को आग लगी है, अंदरूनी सूत्रों की मानें तो अब भाजपा नीतीश कुमार को नहीं बख्शेगी । वजह भी साफ है, अब नीतीश कुमार और सुशील मोदी की जोड़ी नहीं रही । ऐसे में भाजपा नीतीश कुमार के हर फरमान को आसानी से मान ले, ऐसा संभव नहीं दिखता है ।


वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो, खुद डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद जनता को भोजन कराने पब्लिक के बीच जाते थे । साथ में कई भाजपाई मंत्री भी क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने लगे थे। ऐसे में शायद डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद को भी ये फरमन पसंद ना आया हो । क्योंकि ऐसा कुछ उनके दिमाग में होता तो वे खुद कहीं नहीं निकलते । ऐसे में निश्चिततौर पर ये कहा जा सकता है कि डिप्टी सीएम से इस संबंध में सीएम नीतीश कुमार कुछ राय भी ली गई हो । यदि पूछा जाता तो शायद इस तरह के फरमान नहीं निकलते । ऐसे में भाजपा-जदयू के बीच इस मुद्दे को लेकर तनातनी तय मानी जा रही है । पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा का पारा जिस तरह से गरम है ये कहना गलत नहीं होगा कि नीतीश कुमार को भी इसका नुकसान सहने के लिए तैयार रहना होगा, कह सकते हैं नीतीश कुमार की कुर्सी पर अब भाजपा अटैक कर सकती है । समय का इंतजार करना होगा ।

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18

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