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BIG BREAKING अहमदाबाद : पीएम मोदी मिले हनुमान चिराग पासवान से । गुल खिला, पारस-नीतीश गुट में खलबली ।

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हौसला बुलंद हुआ चिराग का, बन सकते हैं केन्द्रीय मंत्री

शक्ति प्रदर्शन के बाद ही होगा मंत्री पद का फैसला

भाजपा नेतृत्व ने लोजपा के संबंध में अब तक नहीं लिया है कोई फैसला

पॉलिटिकल ब्यूरो, पटना, मौर्य न्यूज18 ।


लोजपा में टूट के बाद भी मंत्री पद का मामला अब तक नहीं सुलझा है। लेकिन जिस तरह से पिछले दिन हनुमान चिराग से राम पीएम मोदी मिले । हनुमान का हौसला बुलंद हो गया है । राजनीति का पास पलटने लगा है । कल तक भारी दिखने वाले पारस-नीतीश गुट में खलबली मच गई है । अब क्या होगा रामा रे । हनुमान को राम ने ताकत क्या भरी कि बिहार की राजनीति फिर से उफान मारने लगी है ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ लोजपा सांसद चिराग पासवान …फाइल फोटो ।

लेकिन लोजपा के दो गुट में आगे क्या होगा ये स्पष्ट नहीं हो पाया है । सिर्फ कयास पर कयास ही लगाए जा रहे हैं वैसे, सूत्रों की माने तो भाजपा नेतृत्व अब तक इस बात का निर्णय नहीं कर सका है कि लोजपा के किस गुट को अहमियत दी जाए और किसे मंत्री बनाया जाए।

भाजपा कर रही है चिंतन, मंथन …।


भाजपा में भी दुविधा कायम है। वहां पर चिंतन, मंथन चल रहा है । इसी बीच कल अहमदाबाद में प्रधानमंत्री से चिराग पासवान की भेंट से उनका पक्ष भी मजबूत हुआ है। पिछले कुछ सप्ताह से जारी आशंकाओं का अंत हुआ है, जिसमें कहा जाता था कि प्रधानमंत्री ने अपने हनुमान को उपेक्षित छोड़ दिया है।

अहमदाबाद में राम-हनुमान के बीच हुई मुलाकात

अहमदाबाद में राम हनुमान के बीच मुलाकात ने चिराग पासवान की संभावनाओं को फिर से जगा दिया है।
उस बैठक में चिराग पासवान ने अपने पक्ष को मजबूती से रखा है । बताया जाता है कि सकारात्मक माहौल में बातें हुई और प्रधानमंत्री ने उन्हें सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। इसके पूर्व भी वे प्रधानमंत्री के हनुमान के रूप में जाने जाते रहे और भाजपा ने कभी उनको खारिज नहीं किया था । उनके लिए उचित स्थान की खोज भी हो रही थी। इसी बीच प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद उनके लिए स्थितियां अनुकूल होती दिखाई दे रही हैं। आपको बता दें कि पीएम मोदी 27 जून 2021 को एएमए, अहमदाबाद में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ज़ेन गार्डन, काइज़न अकादमी का उद्घाटन करने पहुंचना था । उसी दिन दिल्ली से हुनमान चिराग पासवान भी उड़ते हुए राम के पास पहुंच गए । वहां पत्रकारों ने पूछा भी कि यहां क्या करने आए हैं तो उन्होंने निजी कार्यक्रम बताया । इन सब के बीच पत्रकार भी ये भांप नहीं पाए कि राम से मिलने हनुमान आए हैं । राम का बुलावा आया है हनुमान को तो वो उड़कर अहमदाबाद आ गए। वैसे, कहां कैसे मीटिंग हुई ये सब बहुत कुछ जानना अभी बांकी है । ये सब गुपचुप तरीके से हुआ लेकिन सब पूर्व निर्धारित ही था । ऐसा सूत्र बताते हैं । गुजरात की धरती को सेफटी के ख्याल से चुना गया ऐसा बताया जा रहा है । ताकि कोई बात लीक ना हो ।

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5 जुलाई को लोजपा के दोनों गुटों का होगा प्रदर्शन, पारस करेंगे दरिद्र नारायण भोज तो चिराग लेंगे जनता से आशीर्वाद

भाजपा सूत्रों का कहना है कि दिल्ली का शीर्ष नेतृत्व लोजपा के दोनों गुटों के बीच शक्ति प्रदर्शन को देखने के बाद ही निर्णय लेगा । यह शक्ति प्रदर्शन 5 जुलाई को होगा, जब रामविलास पासवान की जयंती के मौके पर दोनों गुट अपना ताकत दिखाएंगे। चिराग पासवान जहां अपनी विरासत को संभालने के लिए आशीर्वाद यात्रा निकालेंगे और जनता से समर्थन मांगेंगे ।

लोजपा के चिराग पासवान औऱ उनके चाचा पशुपति कुमार पारस । दोनों की गुटबाजी का अबतक फैसला नहीं हुआ है ।


वहीं दूसरी ओर पशुपति पारस ने दरिद्र नारायण भोज का आयोजन किया है जिस में जुटे लोगों के आधार पर वह भी अपना ताकत दिखाएंगे। हालांकि पशुपति पारस के सबसे बड़े ताकत स्वयं नीतीश कुमार हैं। मुख्यमंत्री के उनकी ओर रहने से पारस गुट अभी काफी भारी दिखाई देता है । फिलहाल भाजपा नेतृत्व कि यह कोशिश है कि यदि किसी को मंत्री बनाया भी जाए तो भी चिराग पासवान के हाथ खाली नहीं रहे ।


वैसे राजनीति के वैज्ञानिकों का कुछ धरा ये मान रहा है कि सब कुछ ठीक है, लेकिन चिराग पासवान को भी नीतीश के चक्कर में भाजपा कहीं झुनझुना जैसी तोहफा ना थमा दे । और वो झुनझुना कौन सा होगा , किस रूप में होगा, कहना इसलिए मुश्किल है। वहीं राजनीति के वैज्ञानिकों का दूसरा धरा ये कह रहा है कि प्रधानमंत्री ने उनकी दावेदारी की बातों को ध्यान पूर्वक सुना है । ऐसे में संभावना है कि चिराग पासवान के लिए मंत्री या समकक्ष पद बहुत दूर नहीं है । मिलना लगभग तय है । पीएम मोदी कभी हनुमान की शक्ति को कुंद नहीं करेंगे ।
लेकिन भाजपा समेत सभी राजनीतिक पंडित की नजर 5 जुलाई के आशीर्वाद यात्रा पर ही टिकी है। आशीर्वाद यात्रा में उमड़ने वाली भीड़ ही चिराग पासवान का भविष्य तय करेगी।

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पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए पॉलिटिकल ब्यूरो रिपोर्ट ।

mauryanews18
MAURYA NEWS18 DESK

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