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बिहार में आईएएस-आईपीएस बना रही एक युवा आर्मी ! Maurya News18

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नाम है अर्जुना-30 आर्मी ।

इस आर्मी के बारे में जानेंगे तो करेंगे सैल्यूट ।  

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18 ।

कहते हैं… ये जिंदगी उसी की है जो किसी का हो गया…। बिहार की एक युवा टीम है जिस पर ये लाइनें बिल्कुल फिट बैठती है। ऐसा हम इसलिए कह रहे क्योंकि ये टीम समाज में कुछ ऐसा ही कर रही है जिसे आप भी जानेंगे तो इनके लिए आप भी ऐसा ही गुणगुनाएंगे।

आपको बता दें कि बिहार की राजधानी पटना में कुछ युवाओं की टीम है- नाम है अर्जुना-30 आर्मी । जिसे तैयार किया है आईएएस मंत्रा एकादमी ने। काम समाज की सेवा करना, गरीब-गुरबों को पढ़ना। भूखे को भोजन करना, जरूरतमंदों को कपड़े देना और उनकी सेवा में सदैव तत्पर रहना । वैसे ऐसे कार्य करने वाले समाज में कई लोग हैं, कई संगठन हैं । लेकिन ये टीम कई मायनों में जरा हट के है । मसलन, ये टीम बच्चों को तालिम ही नहीं देती बल्कि उनका कैरियर भी संवारने तक साथ देती है। सपने अगर आईएएस बनने का हो या आईपीएस बनने का तो यहां आकर बच्चे इस सपने को साकार कर सकते हैं।

यहां कुशल युवा टीचर नवजीत सिंह रावत के नेतृत्व में इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है । इसमें टीम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से जान लगा कर काम करती है। ऐसे टीम और युवा आर्मी के बारे में सबको जानना चाहिए और देखना चाहिए कि आखिर कैसे औऱ किस तरह से ये टीम काम करती है। अगर देखेंगे तो जरूर कहेंगे युवा अर्जुना-30 आर्मी तुझे सलाम। एक हमारे देश की आर्मी है जो देश की सीम रेखाओं पर काम करती है औऱ ये देश की सीमा के अंदर। दोनों का उदेश्य देश की रक्षा और तरक्की ही है।

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तो आइए जानते हैं इस टीम के कार्य करने के तौर तरीके औऱ अबतक कैसे और किस तरह से ये टीम काम कर रही है। मौर्य न्यूज18 डॉट कॉम को बता रहे हैं इस संस्था के प्रमुख नवजीत सिंह रावत तो जानते हैं पूरी बात।

जब संस्था के प्रमुख नवजीत सिंह से पूछा गया कि आपकी अर्जुना-30 आर्मी क्या करती है ।

तो कहने लगे कि समाज को शिक्षा की दिशा में आगे कैसे बढ़ाया जाए, उन्हें कैसे संवारा जाए यही लक्ष्य होता है औऱ अर्जुन की तरह लक्ष्य को भेदना ही हमारी प्राथमिकता होती है। और इसके लिए हम गरीब-गुरबों को चुनते हैं, जो पढ़ सकते हैं लेकिन निर्धन हैं, बहुत चीजों से लाचार हैं। वहीं दूसरे ऐसे बच्चे जिनके अभिभावक पैसे देने में सक्षम होते हैं उन्हें भी शामिल करते हैं। गरीब-गुरबों से कोई फी नहीं ली जाती है औऱ उसे सारी सुविधा दी जाती है। उनके लिए जो पेंमेंट करने वाले बच्चे होते हैं उन्हीं के दिए पैसे से करते हैं। इस तरह उन्हें हम आईएएस और आईपीएस के लिए तैयार करते हैं ताकि देश को एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी दिया जा सके।

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शिक्षण के अतिरिक्त औऱ कोई एक्टिवीटी होती है?

इस सवाल पर वो कहते हैं जरूर होती है। हम समाज में उन अंतिम व्यक्तियों की मदद के लिए भी सड़कों पर निकलते हैं जो भूखे हैं या वस्त्र भी नहीं खरीद सकते हैं। इसके लिए विभिन्न हॉस्टलों में या होटलों, रेस्तां में बचे हुए भोजन को इक्ट्ठा करके उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं। इसके लिए एक फोन नम्बर भी दिया जाता है जहां जो भी चाहे मदद के लिए फोन कर सकते हैं हमारी अर्जुन-30 आर्मी की टीम जाकर उसे कलेक्ट करती है और फिर उसे जरूरतमंदों तक टीम पहुंचाती है।

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कितने लोगों की टीम है और कब से ये सब कर रहे।

इस पर टीम कमांडर नवजीत कहते हैं कि जैसा नाम से ही है – अर्जुना-30 यानि 30 युवाओं की आर्मी है। पांच सालों से इसे मुकम्मल तरीके से किया जा रहा। लेकिन इस कार्य की शुरूआत किए नौ साल हो गए। तब अकेला ही निकला था, अब कई लोग जुड़ गए हैं। इसमें शिक्षण कार्य तो प्रतिदिन होते ही हैं। गुरूकुल की तरह सप्ताह में तीन दिन अन्य सामाजिक कार्य होते हैं । वैसे पूरी टीम हमेशा ही टाइम देने को तैयार रहती है। जिससे काफी मदद मिलती है। इसके लिए मैं अपने सभी युवा साथियों का शुक्रिया अदा करता हूं। इस टीम में लड़कियां भी शामिल है।

और क्या कुछ करती है युवा अर्जुना-30 आर्मी।

नवजीत थोड़ा इमोशनल होकर कहते हैं, सर, जो भी लोग जुड़े हैं वो बहुत ही कर्मठ और सच्चे साथी है। हमलोग कहीं से फंड मांगते भी नहीं स्वेच्छा से जहां से जो मिल जाता है उसका उपयोग गरीब-गुरबों के लिए ही करते हैं। देश की सेवा हम किस तरह से कर सकें इसी जज्बे के साथ हर कार्य को अंजाम देते हैं। हमारी टीम समाज के उन लोगों को भी साक्षर बनाती है जो बिल्कुल कभी पढ़ाई से नहीं जुड़ सके । वो किसी भी उम्र के हो सकते हैं। झुग्गी-झोपड़ी में जाकर उन्हें इतना तालिम जरूर दे देते हैं कि वो अपना नाम लिखना सीख जाएं और टूटी फूटी भाषा में किताबों को पढ़ना सीख लें। इतना करके ही दम लेते हैं।स औऱ ये सब करके काफी अच्छा लगता है।

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कहने लगे ये क्रम जारी रहेगा। अब तो कई जगहों पर पर्वावरण को लेकर भी बहुत सारे कार्य हमारी अर्जुन-30 आर्मी कर रही है। इसके तहत सड़कों के किनारे औऱ अन्य कई स्थलों पर वृक्षारोपण का कार्य भी करते हैं। पर्यावरण पर सेमिनार के जरिए लोगों में इसके प्रति जागरूकता भी पैदा करते हैं। यही है हमारी अर्जुना-30 आर्मी का उदेश्य , जिसमें अबतक सफलता मिलती जा रही है। और आगे भी लोग जुड़े इसके लिए देशवासियों से अपील करना चाहूंगा कि वो अर्जुना-30 आर्मी का साथ दें और हमारी शिक्षण संस्था को देखने जरूर आयें और जरूरतमंद बच्चों की मदद करें।

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पटना में कहां पर है ये संस्था ।

हमारी संस्था पटना के कंकड़बाग इलाके में हैं। आईएएस मंत्रा एकादमी, अर्जुन-30 आर्मी, ई-3, पीसी कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना, बिहार। फोन नम्बर-8809198880 और 9102303286 इस पर डायल कर पूरी जानकारी ली जा सकती है और सहायता के लिए भी हाथ बंटाया जा सकता है। इसके लिए आईएएस मंत्रा एकादमी अर्जुन-30 आर्मी हमेशा स्वागत करेगी।

पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।

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