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खगड़िया : “डीएम साहब”, कुछ करिए …मृतक के परिजन को अनुग्रह राशि दिलवा दीजिए ! Maurya News18

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कोरोना मौत के बाद परिवार को मिलने वाली अनुग्रह राशि सबको मिल जाए

भाजपा युवा नेता संजय खंडेलिया ने की पहल, डीएम को लिखा पत्र

आम जनों में इसकी जानकारी सुलभ कराने की मांग उठाई, डीएम बोले- आपदा प्रबंधन इस पर काम कर रहा है।

खगड़िया, मौर्य न्यूज18 ।
14 मई 2021

एक तो कोरोना से तबाही । इपर से जिंदगी-मौत के बीच का खौफ सो अलग । ऐसे में जिनके परिवार में किसी की मौत हो जाने पर मंजर ही अलग हो जाता है । कल्पना करने की जरूरत नहीं कि स्तिथि हर इंसान समझ सकता है । तबाही ऐसी कि रोजी-रोटी पर आफत हो जाती रही ।ऐसे विपदा की स्थिति में कैसे एक-दूसरे की मदद हो सके । उसमें से एक योजना सरकार के जरिए मिलने वाली अनुग्रह राशि भी है । अनुग्रह राशि उसके लिए जिनके परिवार में किसी की कोरोना से मौत हो गई ।


मौत कोरोना से हो जाने के बाद की जो चुनौती है । आप सोंचेंगे या देखेंगे तो हिल जाएंगे । ऐसे में सरकार के जरिए यदि किसी तरह की अनुदान राशि का प्रवधान किया गया है तो उस पर अमल भी हो । और जो भी पीड़ित परिवार हैं उनतक हर हाल में राशि कैसे पहुंचे । उचित माध्यम के जरिए इस पर कार्य होना चाहिए ।


इसी चिंता को लेकर जिलाधिकारी डॉ आलोक रंजन घोष से गुहार लगाई जा रही है कि इस संबंध में पब्लिक के बीच जागरूकता भी फैलाने की जरूरत है । मौत के बाद पैसे के लिए फिर किसी मौत का समाना हो….जिंदा मौत की तरह है ये…इसलिए इस तरह की राशि को एक पल के लिए भी रोक रखना गुनाह होगा । जिलाधिकारी को इस संबंध में आपदा प्रबंधन को सतर्क करने की जरूरत है । इसी चिता को लेकर भाजपा नेता प्रदेश प्रवक्ता संजय खंडेलिया ने इस संबंध में एक पत्र लिखा है जिसका विषय है- कोरोना पीडि़त मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि के संबंध में ।

जिलाधिकारी, खगड़िया को दिए गए पत्र में क्या कहा गया है उसे आप भी पढ़ लीजिए …
पत्र में जो लिखा गया है उसे अक्षर सह दिया जा रहा है ।

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सेवा में ,
जिलाधिकारी महोदय, खगड़िया ।
विषय – कोरोना पीडि़त मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि के संबंध में ।
महोदय,
उपर्युक्त विषय में कहना है कि कोरोना महामारी के दूसरे चऱण में खगड़िया जिले में कोरोना पीड़ित मृतक की सरकारी आंकड़ों के अनुसार संख्या तकरीबन तीस है । जबकि, आप भी अवगत होंगे इससे अधिक संख्या वैसे मृतकों की है जो निजी अस्पतालों में खगड़िया या अन्यत्र इलाज करा रहे थे ।
उलेखनीय है कि सरकार ने निर्णय लिया है कि कोरोना पीड़ित की मृत्यु होने पर उनके आश्रृत को रूपये चार लाख (4 लाख ) की राशि आपदा प्रबंधन विभाग से मिलनी है।
बड़ा ही दुखद और अफसोसजनक है कि आपके जैसे संवेदनशील पदाधिकारी के मार्गदर्शन के बावजूद भी आपदा प्रबंधन विभाग इस योजना की विस्तृत जानकारी, आवेदन देने की प्रक्रिया, आवश्यक कागजातों की सूची के बारे में आम लोगों तक जानकारी पहुंचाने में विफल रहा है, इसका दुष्प्रभाव ये है कि खगड़िया जिले में हुई कोरोना मृतकों के आश्रृतों द्वारा अनुग्रह राशि हेतू आवेदन भी नहीं किया जा सका है । जहां तक मेरे संज्ञान में है कि कोरोना की इस दूसरी लहर में एक भी पीड़ित परिवार को अभी तक अनुग्रह राशि नहीं मिल पाई है ।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आग्रह है कि सक्षम प्राधिकार को निर्देशित किया जाए कि इस अनुग्रह राशि को प्राप्त करने हेतू विहित प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज के संबंध में प्रचार-प्रसार कर आम लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए और एक सिंगल विंडो व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जहां से मृत्तकों के आश्रृत को आसान प्रक्रिया के तहत सरकार द्वारा मिलने वाली अनुग्रह राशि का लाभ तत्काल प्राप्त हो सके ।
सादर आभार ।
भवदीय
संजय खंडेलिया ।

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आपपदा की इस स्थिति में सक्रिय होने की जरूरी है । जिलाधिकारी खगड़िया डॉ आलोक रंजन ने भी इस ओर ध्यान दने का भरपूर भरोसा भी दिलाया है ।

अब चलिए थोड़ी सी इस योजना की व्यवस्था और जरूरी जानकारी भी आपको दे दें ।

बिहार में अनुदान राशि योजना के बारे में अपडेट जानिए
राशि मिलने की क्या व्यवस्था है, इसे भी समझिए


पटना, बिहार से रिपोर्ट के मुताबिक आपको बात दें कि कोरोना से इलाज के दौरान अस्पताल में होने वाली मौत पर चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है । इस योजना यानि अनुग्रह राशि देने के प्रविधान को खूब सराहा गया है । लेकिन ये राशि जरूरत मंदों तक सुलभ तरीके से पहुंचे इस पर काम बहुत ही स्लो है । धीमी गति से चल रही है । जैसा की सरकारी कार्यों में होता है ।

जिला स्तर पर देखें तो ….


वर्तमान स्थिति देखे तो, अभी जिला स्तर से सत्यापन में विलंब होने की वजह से मृत व्यक्ति के निकटतम आश्रित को यह राशि मिलने में काफी विलंब हो जाता है। मुख्यमंत्री राहत कोष से यह राशि दी जाती है। राज्य में अभी तक कोरोना संक्रमण के चलते कुल 2392 लोगों की जान चुकी है। हालांकि इनमें से अनुग्रह राशि अभी आधे को भी नहीं मिल सकी है। पिछले साल तक अधिकारियों में अनुग्रह राशि देने की तत्परता दिखती थी। बिना पहल के भी कई मृतकों के आश्रितों को यह राशि दी जा चुकी थी। किंतु इस बार मृतकों की संख्या अधिक होने और लोगों में जागरूकता की कमी की वजह से बहुत कम लोगों को यह राशि मिल रही है।


कैसे मिलती है राशि


अगर किसी व्यक्ति की कोरोना से मौत होती है तो संबंधित अस्पताल इसके लिए बने स्वास्थ्य विभाग के कोविड डैशबोर्ड पर इस सूचना को मृतक के निकटतम आश्रित के आधार नंबर के साथ डालता है। इसके बाद सूचना जिला प्रशासन को दी जाती है।


फिर क्या होता है ….

  1. जिला प्रशासन के स्तर पर इसका सत्यापन कराया जाता है। इस प्रक्रिया में काफी विलंब होता है।
  2. सत्यापन होने के बाद अनुग्रह अनुदान की राशि कोरोना से मृत व्यक्ति के निकटतम आश्रित के बैंक खाते में आरटीजीएस या फिर नेफ्ट के माध्यम से स्थानांतरित की जाती है।
  3. इस संबंध में आधिकारिक तौर पर बताया गया कि अस्पताल में मरीजों को लेकर व्यस्तता अधिक होने की वजह से इस काम के लिए थोड़ा कम समय मिल रहा है।
  4. इस वजह से डैशबोर्ड पर सूचना डालने में कुछ देरी जरूर होती है। बता दें कि संक्रमण बढ़ने के साथ ही अब बिहार में कोरोना से जान गंवाने वालों का सिलसिला बढ़ गया है।
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खगड़िया से मौर्य न्यूज18 डॉट कॉम की रिपर्ट ।

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