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हरियाणवी छोरी से UN में बेचैनी। Maurya News18

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संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव पद के लिए ठोंकी ताल ।

Maurya News18

General Desk

संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के महासचिव पद का चुनाव काफी रोमांचक हो गया है। हरियाणा की रहनेवाली भारतीय अमेरिकी आकांक्षा अरोड़ा ने आने वाले चुनाव में वर्तमान महासचिव गुटेरेस के खिलाफ ताल ठोक दिया है। महज 34 वर्षीय आकांक्षा खुद को युवा पीढ़ी का प्रतिनिधि बताकर चुनाव मैदान में उतरी हैं और आक्रामक ढंग से अपनी योजनाओं व इरादों को लेकर बात कर रही हैं।


हालांकि आकांक्षा की उम्मीदवारी को अब तक नेशनल सपोर्ट नहीं मिला है, लेकिन आकांक्षा ने सोशल मीडिया के जरिए 9 फरवरी से एक कैंपेन शुरू करते हुए संयुक्त राष्ट्र में विकास और बेहतर लक्ष्य के लिए बदलाव को अहम बताया। आकांक्षा ने साफ तौर पर मौजूदा महासचिव एंटोनियो के कार्यकाल को कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर फेल बताते हुए संस्था के नेतृत्व को बदले जाने की जरूरत पर जोर दिया।

जानिए आकांक्षा के बारे में

भारत के हरियाणा में जन्मी आकांक्षा जब छह साल की थीं, तब उनका परिवार सऊदी अरब चला गया था। बाद में आकांक्षा ने कनाडा के टोरंटो स्थित योर्क यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया। फिर कोलंबिया यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में मास्टर्स की डिग्री ली। आकांक्षा के पास भारत की ओवरसीज़ नागरिकता है और कनाडा का पासपोर्ट भी।

फिलहाल आकांक्षा संयुक्त राष्ट्र के विकास कार्यक्रम यानी UNDP में ऑडिट कोऑर्डिनेटर के पद पर हैं, जो आंतरिक और बाहरी मामलों के प्रबंधन के ऑडिट का काम संभालती है।

UN के वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस

आकांक्षा का कहना है कि वो यूएन में सुधारों के लिए दो साल से काम कर रही हैं और शीर्ष नेतृत्व तक उनकी पहुंच रही है लेकिन उनका अनुभव यही रहा कि इस संस्था में कोई सुधार नहीं चाहता और न ही किसी तरह का जोखिम लेना चाहता है।

उनका दावा है कि उनकी कम उम्र ही प्लस प्वाइंट है। आकांक्षा के मुताबिक दुनिया की आधी आबादी 30 साल से कम उम्र की है, तो युवाओं को प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए।

साल 2006 में जब कांग्रेस नेता शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद के लिए दावेदारी पेश की थी, तब आखिरी मौका था, जब किसी भारतीय ने ऐसा कदम उठाया हो। 15 साल बाद यही दावेदारी पेश करने वाली आकांक्षा के बारे में एक खास बात ये भी है कि वे दुनिया भर में रिफ्यूजियों के अधिकारों को लेकर काफी चर्चा करती हैं।

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