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नंदीग्राम : क्या ममता ने भी हार कबूल की? MAURYA NEWS18

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ममता बनर्जी 1956 वोट से चुनाव हारीं

इससे पहले 1200 वोटों से जीत और 1622 वोटों से हार के दावे सामने आए थे

KOLKATTA, MAURYA NEWS18 !

बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव हार गई हैं। उन्हें, तृणमूल छोड़कर भाजपा में गए शुभेंदु अधिकारी ने 1956 वोट से हराया। रात 11 बजे आए नतीजों के मुताबिक, नंदीग्राम में कुल 17 राउंड की काउंटिंग हुई। ममता बनर्जी ने 12वें से 15वें राउंड तक बढ़त बनाई, लेकिन आखिरकार अधिकारी ने उन्हें शिकस्त दे ही दी।

62 दिन चली चुनाव प्रक्रिया के बाद रविवार को बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के चुनाव नतीजे आए। इन पांचों जगह पर अकेली नंदीग्राम सीट का फैसला भारी पड़ गया। ‘खेला’ और झमेला भी यहीं होता दिखा। बंगाल की इस सीट से खुद सीएम ममता बनर्जी मैदान में थीं। उनका मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से होने की वजह से भी यहां चुनाव रोचक हो गया था।

नंदीग्राम में


इससे पहले, शाम साढ़े 4 बजे खबर आई कि नंदीग्राम में ममता 1200 वोटों से जीत गई हैं, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद शाम 6 बजे भाजपा की IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि ममता जीती नहीं, बल्कि 1,622 वोटों से हार गई हैं। उधर, चुनाव आयोग की वेबसाइट अलग ही आंकड़े बताती रही।

बंगाल के पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा इसी सीट की रही। तृणमूल छोड़कर भाजपा में आए शुभेंदु ने कहा था कि वे 50 हजार वोटों से जीतेंगे और अगर हार गए तो राजनीति छोड़ देंगे।

क्या ममता ने भी हार कबूल की?


ममता के बयान से जाहिर हो रहा था कि नंदीग्राम में उनकी हार हुई है। कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने कहा कि नंदीग्राम के बारे में फिक्र मत करिए। मैंने नंदीग्राम के लिए संघर्ष किया। वहां के लोग जो भी तय करते हैं, मैं उसे स्वीकार करती हूं।


1. बंगाल

कुल सीटें: 294 (वोटिंग 292 सीटों पर हुई)
बहुमत: 148 (292 सीटों के लिहाज से 147)
कौन जीता: तृणमूल कांग्रेस

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नतीजों के मायने

  1. यह तृणमूल की हैट्रिक और ममता के नेतृत्व पर मुहर है। तृणमूल को सीटों का भी कोई खास नुकसान नहीं हुआ।
  2. 1972 से अब तक बीते 49 साल में बंगाल में यह 11वां चुनाव है और जो पार्टी जीत रही है, उसका 200+ सीटों का ट्रेंड बरकरार है। सिर्फ एक बार 2001 में लेफ्ट को 200 से 4 सीटें कम यानी 196 सीटें मिलीं।
  3. भाजपा के लिए साइकोलॉजिकल एडवांटेज यही है कि वह 5 साल में 3 सीटों से बढ़कर 70 सीटों के पार हो गई है और नंदीग्राम में उसने ममता को चौंका दिया है।
  4. भाजपा के लिए बड़ा नुकसान यह है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में वह 126 विधानसभा क्षेत्रों में आगे थी। 2 साल में उसने 40 से ज्यादा सीटों पर यह मजबूती गंवा दी।
  5. लेफ्ट और कांग्रेस का बंगाल में एक तरह से सफाया ही हो गया।
  6. इस बार 8 विधायकों सहित 16 दलबदलू भी हार गए। बाबुल सुप्रियो सहित BJP के तीन सांसद हार की कगार पर आ गए।
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MAURYA NEWS18, KOLKATTA DESK !

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