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कोरोना काल में कुरबानी पर जानिए बिहार के आईएएस, आईपीएस अधिकारी और समाजसेवियों ने क्या कहा…। Maurya News18

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जो रब की मर्जी ईद में दी वैसी ही अर्जी  

कोरोना से मुक्ति के लिए दुआएं मांगी गई

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18

ईद मुबारक : अल्लाह को प्यारी है कुरबानी

इस संकट काल में कोरोना से मुक्ति के लिए दुआएं मांगीं। हमको हमी से बचा लो। ऐसा होगा सोंचा ना था। फिर भी वक्त-वक्त की बात है। घर में ही नमाज़ अदा हुई। बच्चों ने कपड़े पहन कर घर में ही खुशियां मनायी। महिलाएं घर में पकवान बनाई। कामकाजी महिलाएं अपने काम को अंजाम दिया। डॉक्टर लोगों की सेवा देते रहे। आईएएस, आईपीएस सहित समाज के प्रबुद्द जनों ने सबको समझाया, आगे जब देश-दुनिया कोरोना संकट से उबर जाएगा तो खुलकर मनाएंगे पर्व। इस वक्त अल्लाह का फरमान शायद ऐसा ही है कि सबकुछ सादगी से हो। सो, जो रब की मर्जी वही सही।  

सबने फोन और आधुनिक टेक्नॉलाजी का सहारा लिया। औऱ फोन पर ही वीडियो कॉलिंग के जरिए दूर-दराज औऱ मित्र-सगे संबंधियों से मिलना जुलना हुआ। ये अनुभव भी खूब रहा। ऐसे वक्त में मौर्य न्यूज18 ने जाना कि कैसे मनी ईद पढ़िए पूरी खबर।

ये है नन्हीं परी जोया खान…

इस नीली परी को आप देखिए। नाम है जोया खान। बिहार की बिटिया है। ईद पर अपने मम्मी-पापा से बैलून मंगवायी। नीली-नीली ड्रेस पहनी और गुब्बारे के साथ खूब खेली। जोया कहती है…घर में मम्मी-पापा और छोटे भाई…बसीर अंकल, पापा राजा खान के साथ भी मस्ती हुई। नमाज भी अदा की। इस छोटी सी परी की मस्ती आप देख सकते हैं। कहते हैं बच्चों में ही रब बसते हैं। आप जोया की खुशियों को देखकर कह सकते हैं…तुझमें रब दिखता है…।

इस प्यारी सी तस्वीर ईद पर जोया ने खुद मौर्य न्यूज18 को भेजी है…

डॉ नाजिया…लोगों की सेवा की और घर में ही इबादत कीं

ये हैं डॉ नाजिया मजीद । पटना के दानापुर में रहती हैं। एमबीबीएस चिकित्सक हैं। कोरोना काल में हर रोज की तरह ईद के मौके पर अस्पताल में जाकर मरीजों और पीड़ितों को चिकित्सा सेवा देती रहीं। कहती हैं…रब की यही मरजी है। इंसानों की सेवा के लिए रब ने मुझे चिकित्सा सेवा में लगाया है। ऐसे में अगर अल्लाह को प्यारी है कुरबानी तो मैं इस संकट काल में पीड़ितों की सेवा कर अपने को खुश रखती हूं। इसे ही अल्लाह के लिए कुरबानी मानती हूं।

आपको बता दें कि डॉ नाजिया मजीद ना सिर्फ चिकित्सक हैं। बिहार में मॉडल के रूप में भी इनकी पहचान हैं। ग्लेमर की दुनिया में बिहार की क्वीन के नाम से भी जानी जाती हैं। आई ग्लैम के एक फैशन शो में मॉडल के रूप में मिस बिहार के रूप में भी अपनी पोजिशन बनाई और देशभर में मिस इंडिया में भी दूसरे स्थान पर रहीं। बिहार की ऐसी बिटिया जो मुस्लिम समाज के हर उस पुरानी मानसिकता को तोड़ते हुए…मॉडेल के नाम रूप में कैट वॉक कीं। औऱ बिहार की क्वीन बनीं। कहती हैं हमारे पति मो. मजरूल हसन रेलवे में अधिकारी है। हमने मिलकर घर में ही रब की इबादत की। फोन पर, वाट्सअप पर भी खुशियां बांटी ।

डॉ नाजिया की कुछ तस्वीरें जो खास मौर्य न्यूज18 से शेयर कीं ईद की खुशी पर। एक झलक…


इनायत खान, जिलाधिकारी, शेखपुरा ने यूं मनाई ईद

इनायत खान, जिलाधिकारी, शेखपुरा।

आईएएस इनायत खान । आगरा की बेटी। बिहार के शेखपुरा की डीएम। युवा भी और जोश के साथ अपने कामो को अंजाम देने वाली बेटी। बिहार में उम्दा प्रशासनिक अधिकारी में से एक। अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम देने के लिए जाने जानी वाली । पुलवामा एटैक में शहीद रतन कुमार ठाकुर और शहीद संजय कुमार की बच्चियों को गोद लेने और उनकी शिक्षा एवं परवरिश की जिम्मेदारी लेने वाली। ऐसे कामों से आम-आवाम पर छाप छोड़ने वाली इनायत खान ने आखिक कैसे मनाई ईद मौर्य न्यूज18 ने खास बातचीत कर उनसे जानने की कोशिश की। आप भी जानिए आखिर उन्होंने कहा क्या।  

कहती हैं, कोरोना काल जो ना कराए। लेकिन कोई बात नहीं। वक्त के हिसाब से जो बन सका की। परिवार के साथ घर में ही रब की इबादत की। नमाज अदा की। और फोन पर परिवार व मित्रों को ईद-उल-जुआ पर खुशियां मनाई। अपने आम-आवाम से भी अपील की कि घर पर रह कर ही ईद मनाएं। ऐसा करना ही सबसे बड़ी इबादत होगी। कोरोना संकट में ऐसा करना ही देश और समाज हित में है।

आपको बता दें कि इनायत खान के पति डॉ इनामुल हक मैगनु भी बिहार के जमुई जिले के एसपी हैं। एक ही घर में आईएएस और आईपीएस ने पूरी तरह से सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए ईद-उल-जुहा का पर्व मनाया।

खिलाफत अंसारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, जमुई

अपनी बिटिया को गोद में लिए खिलाफत अंसारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जमुई।

चलिए मिलवाते हैं अब बिहार के एक और अधिकारी से। जो इन दिनों बिहार के जमुई में जिला कल्याण पदाधिकारी हैं। नाम है खिलाफत अंसारी। काफी युवा हैं। और कोरोना काल में ही रब ने उन्हें घर में एक बिटिया भेजी है। प्यारी सी बिटिया के साथ ही ईद मनी। तस्वीर में आप देख सकते हैं। बिटिया को गोद में लिये हैं।

अधिकारी खिलाफत अंसारी के बेटे की तस्वीर ।

ये तस्वीर उन्होंने खास कर ईद के मौके पर मौर्य न्यूज18 को भेजी है। कहते हैं, सरकार का गाइडलाइन था कि इस माहमारी काल में घर में ही ईद मनाई जाए। वही किया। बच्चे जो थोड़े बड़े हैं वो तो बाहर जाने की जिद करते हैं लेकिन उसे बड़े लार-प्यार से मनाया। नये-नये कपड़े पहने और नमाज पढ़े। इस तरह से इबादत कर सगे-संबधियों और मित्रों के संग फोन से ही मुबारकबाद का सिलिसला चला । इस तरह से ईद मनाई। ये भी वक्त के अनुसार एक अलग अनुभव रहा। कोई नहीं चाहेगा कि इस तरह से ईद मनाए लेकिन बस यही हुआ।

शिक्षक व समाज सेवी एच. रहमान सर, जमुई

शिक्षक के तौर पर रहमान सर के नाम से जमुई में हर कोई जानता है। सरकारी सेवा से रहते हुए समाज के बीच अब भी सेवा जारी है। एक अभिभावक के तौर पर हिन्दू-मुस्लिम हर धर्म के लोग इन्हें देखते हैं। अधिकारी हो या आम-आवाम इनका काफी रिसपेक्ट है। सबके आदरणीय हैं। मौर्य न्यूज18 ने इनसे भी जानना चाहा कि आखिर आपकी ईद कैसे मनी।

कहने लगे कि मुझे खुद को ही नहीं समाज में जो लोग मस्जिद में भीड़ लगाकर नमाज अदा करने की नासमझी करने वाले थे उनको भी देखना था। वैसे, हमारे भाई-बंधु काफी समझदार थे । उन्हें सरकारी गाइडलाइन पता था। संकट काल में कैसे ईद मनानी है। सो, वैसा हुआ। मस्जिदों में थोड़े-बहुत लोग जुटे और हमने तो घर में ही ईद मनाई। हमारे एक डॉक्टर मित्र थे उनकी फैमली अकेले बच्चों के साथ थीं तो उनसे मिलना-जुलना हुआ। और फिर फोन का सिलसिला जारी रहा। मेरे घर में भी तो बच्चे नहीं हैं। कोई अमेरिका तो कोई और जगह सबसे फोन से ही दुआ-सलाम हुई।   

रहमान सर कहते हैं एक पत्रकार बंधु ने पूछा कि इस तरह से ईद में अकेले-अकेले घर में रहना किसी के मिलना-जुलना नहीं फिर तो खुशियों वाली ईद तो हुई नहीं।

उन्होंने कहा कि इसपर हमने कहा कि कोई फिक्र की बात नहीं । वक्त के हिसाब से अभी जो किया जा सकता था वही सबसे बड़ी खुशी है। दूसरी बात जब अपना मुल्क हिन्दुस्तान और पूरी दुनिया कोरोना जैसे संकट से मुक्त हो जाएगी तब देखना ईद की खुशियां कैसे मनेगी।

रहमान सर की घर में यूं मनी ईद

रहमान सर ने आम लोगों के बीच एक और बड़ा संदेश दिया कहा कि सवान का महीना है, हमारे बहुत से भाई बंधु मिल नहीं सके। ना ही पकवान में शरीक हो सके। हमने अल्लाह को कुरबानी भी दी। और आम लोगों के बीच ये भी संदेश भेजा है कि इस ईद की खुशी के बाद रक्षा बंधन के मुबारक मौके पर तमाम बहनों के लिए मेरी कलाई भी हाजिर है। ऐसे हैं हमारे-हम सबके जमुई वाले रहमान सर।

शबाना दाउद, समाज सेवी, भागलपुर

एक ऐसा नाम जो खुद तकलीफ में रहकर आगे बढ़ती रही। समाज सेवा की बात आई तो परिवार और सगे-संबधियों का साथ मिले ना मिले बढ़-चढ़कर काम करती रहीं। बाद में परिवार और सगे-संबंधी भी साथ हो लिए । राजनीति में भी खुद को झोंका और धीरे-धीरे बिहार में अपनी पहचान बनाई। कितने बिछड़े परिजनों को एक किया। जब भी कोई महिला इनके दरबाजे पर गुहार लगाने आई…उनका साथ देती रहीं और समस्याओं के हल होने तक लगी रहीं। किसी भी लक्ष्य का पीछा ऐसे करती हैं कि लक्ष्य भी कहता है बस अब और नहीं लो मैं मिल गया। कई महिलाएं जिनसे प्रेरित होकर खुद की जीविका चलाने में सक्षम हुईं। पीड़ा सहकर भी औरों की पीड़ा दूर करना ही जिसे धर्म बनाया वो नाम बिहार के भागलपुर की बेटी शबाना दाउद हैं। मौर्य न्यूज18 ने इनसे जानने की कोशिश की कोरोना संकट में कैसे मनी ईद। सुनिए क्या कह रही हैं…।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समाजसेवी शबाना दाउद । फाइल फोटो।

शबाना कहती हैं…कि ईद के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का फोन आया और मुख्यमंत्री ने ईद की ढेरों बधाइयां दी और कोरोना संकट में खुद को बचाते हुए समाज सेवा करने के लिए प्रेरित भी किया।

अपने बेटे के साथ शबाना दाउद ।

कहती हैं,.,इस संकट की घड़ी में दुख तो होता है कि बकरीद मनाने का ये कैसा अवसर आया है। लेकिन कोई बात नहीं रब की मरजी। सो, सादगी से मनी बकरीद। बच्चे तो बच्चे होते हैं वो तो मेले में जाना और लोगों से मिलना जुलना करते हैं। लेकिन मैं खुश किस्मत हूं कि मेरे बच्चे कोरोना संकट को बखूबी जानते हैं। किसी का फोन आता भी है तो मेरे बच्चे बताते हैं कि कोरोना से बचकर रहना है। कहीं बाहर नहीं जाना है। मुझे ऐसे बच्चों पर गर्व है। ईद में भी बच्चे यही कहते रहे। घर में ही सेवइयां बनी । रब से कुरबानी के दिन कहा जाता है कि हम से जो गलतियां हुईं है उसे माफ करना । कोरोना संकट मुक्ति की भी कामना की।

सबको मुबारक ।

अंत में एक बात और…

आप तमाम लोगों का जिन्होंने इस मुबारक मौके पर मौर्य न्यूज18 के साथ बातचीत की औऱ पर्व कैसे मनाया इस बात को शेयर किया। तस्वीरें भेंजी। सबको मौर्य न्यूज18 की ओर से ढ़ेरों बधाइयां। और देश और अपने सूबे के सभी भाई-बंधुओं को मुबारकबाद।

पटना से नयन की खास रिपोर्ट ।

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