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शनिवार, जून 19, 2021
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नरसंहार से कांपा बिहार, मिथिलांचल का डॉन बनने की चाहत में फौजी समेत 5 को भून डाला गोलियों से। Maurya News18

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मौैर्य न्यूज18, पटना

अतुल कुमार

होली के दिन खेली खून की होली, मधुबनी के महमदपुर गांव में पसरा मातम

चेतन आनंद ( आनंद मोहन के पुत्र) सबसे पहले पहुंचे मातमपुर्सी करने

जेडीयू से सबसे पहले पहुंचे विपिन सिंह, परिवार को न्याय का दिलाया भरोसा

फिर पहुंचे जेडीयू के एमएलसी व मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह

एक शख्स ने अपनी दबंगई कायम करने के लिए एक ही दिन एक ही झटके में 5 लोगों का कत्ल कर डाला। मासूम बच्चों के सिर से उसके पिता का साया हमेशा-हमेशा के लिए उठा डाला। उन्हें जिंदगी भर के लिए उनके पिता से अलग कर डाला। सिर्फ डॉन कहलाने की चाहत में मां-बाप के बुढ़ापे के सहारे को खत्म कर डाला।

प्रवीण झा और उसके गुर्गों ने खेली खून की होली

होली के दिन सभी लोग रंगों से होली खेल रहे थे तो प्रवीण झा और उसके गुर्गे मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड के महमदपुर गांव में खून की होली खेल रहे थे। डॉन बनने की चाहत प्रवीण झा के सिर पर भूत की तरह सवार था। जो कोई भी इस रास्ते में बाधक बना, उसे वह मौत के घाट उतारते चला गया।

फौजी सुरेंद्र सिंह का लगभग पूरा परिवार खत्म हो गया। बड़े बेटे संजय सिंह को छोड़कर तीन बेटों की जान आपसी दुश्मनी में चली गई।

गोलीकांड के बाद महमदपुर गांव में मौका-ए-वारदात पर जांच करती पुलिस

रंगदारी के रूप में मछली ले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

होली के दिन यानी 29 मार्च को जिस नरसंहार को अंजाम दिया गया, उसकी साजिश एक साल पहले रची गई थी। साल 2020 का 20 नवंबर। ग्रामीण बताते हैं कि छठ महापर्व के संध्याकालीन अर्घ्य वाला दिन था। प्रवीण झा और उसके आदमी बेनीपट्टी थाना अंतर्गत महमदपुर गांव के रहनेवाले संजय सिंह के पोखर यानी तालाब से रंगदारी के रूप में मछली ले जाना चाहते थे।

संजय सिंह ने जब इसका विरोध किया तो धारदार हथियार से उसके पैर पर वार कर उन्हें घायल कर दिया गया। अब आगे की जो पुलिसिया कहानी है वह और भी चौंकानेवाली है। संजय सिंह इस घटना की शिकायत लिखवाने स्थानीय थाना गए तो उल्टा उन्हें ही हरिजन एक्ट में फंसाकर जेल भेज दिया गया। किसी दलित, महादलित को सामने खड़ाकर उनके खिलाफ केस करवाया गया। फिलहाल संजय सिंह जेल में बंद हैं।

लोगों का तो यहां तक कहना है कि यह सब एक विधायक के इशारे पर किया गया। चूकि मौर्य न्यूज18 के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है, इसलिए विधायक का नाम खुलकर नहीं लिखा जा रहा। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रवीण झा को विधायक का समर्थन भी प्राप्त है।

प्रवीण झा मिथिलांचल का डॉन बनना चाहता है लिहाजा दहशत फैलाने की नीयत से फायरिंग करना उसकी आदत में शुमार हो गया है।

मधुबनी के महमदपुर गांव में हुए नरसंहार का आरोपी प्रवीण झा

चुनावी रंजिश से भी जुड़ा है मामला

दरअसल, प्रवीण झा इलाके में अपना टेरर बनाकर रखना चाहता था। लोगों का कहना है कि वह अक्सर गोली चलाकर दहशत कायम कर देता था। साल 2020 में दुर्गा पूजा के मौके पर भी उसने दुरगोली गांव में मंच पर चढ़कर अंधाधुंध फायरिंग की थी। वर्चस्व कायम करने के साथ ही सियासत में भी दांव आजमा रहा था। स्थानीय चुनाव में वह अपने आदमी को जितवाना चाहता था लेकिन संजय सिंह के समर्थन से किसी यादव जाति के शख्स की जीत हो जाती है, इसको लेकर भी वह भड़का हुआ था। फौजी सुरेंद्र सिंह के परिवार का वह जानी-दुश्मन बन बैठा था।

इलाके में फौजी सुरेंद्र सिंह के परिजनों से उसे चुनौती मिलती थी। फौजी के बड़े बेटे संजय सिंह को तो उसने जेल भिजवा दिया था लेकिन बाकी तीन बेटों से उसे खतरा महसूस हो रहा था।

क्या पुलिस से प्रवीण झा की है मिलीभगत

ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय थाने की पुलिस यदि उसी वक्त प्रवीण झा के खिलाफ कार्रवाई करती तो शायद आज मासूम बच्चों के सिर से उनके पिता का साया नहीं उठता। पुलिस की शह पर ही प्रवीण झा और उसके गुर्गे खुलेआम होली के दिन गोलियां बरसाते हैं और आराम से मौके से फरार हो जाते हैं

राजद के विधायक चेतन आनंद का कहना है कि घटना की सूचना देने के बाद भी पुलिस चार घंटे देर से महमदपुर गांव पहुंचती है। पुलिसिया मिलीभगत की बू आती है। सही से जांच होने पर सबकुछ साफ हो जाएगा।

राजद विधायक चेतन आनंद पीड़ित परिजनों से मामले की जानकारी लेते हुए

होली के दिन फिल्मी स्टाइल में दिया गया वारदात को अंजाम

दोपहर का समय था। प्रवीण झा और उसके आदमी एक महंत की दुकान पर गुटखा लेने पहुंचते हैं। पैसा मांगने पर महंत से कहासुनी होती और फिर वो महंत को वहीं ढेर कर देता है। महंत की दुकान से कुछ दूरी पर ही फौजी सुरेंद्र सिंह का घर है।

गोली की आवाज सुनते ही उनके घर से पहले भतीजा बाहर निकला, उसे भी वहीं ढेर कर दिया गया। फिर फौजी के तीनों बेटे बाहर आए तो उन्हें भी एक-एक कर गोली मार दी गई। कहा जा रहा है कि खेत में प्रवीण झा के आदमी छिपे हुए थे और पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया गया।

चीख-पुकार से दहल उठा पूरा गांव, खून से लाल हो गईं सड़कें   

बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में होली के दिन तीन सहोदर भाइयों सहित कुल पांच लोगों की हत्या कर दी गई। एक गंभीर रूप से घायल है। मृतकों की पहचान बीएसएफ के एएसआई राणा प्रताप सिंह (42), रणविजय सिंह (40), वीरू सिंह (40) व अमरेंद्र सिंह के रूप में की गयी है।

सभी महमदपुर के रहनेवाले थे। रणविजय सिंह, वीरू सिंह और अमरेंद्र सिंह सहोदर भाई हैं। वहीं राणा प्रताप सिंह उनके चचेरे भाई हैं। इनके अलावे घायल किसान रुद्र नारायण सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं घायल मनोज कुमार सिंह जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं।

जेडीयू नेता विपिन सिंह पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए

संजय सिंह के पिता पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वे अपने बरामदे पर बैठे पर थे तभी उनके घर में काम करनेवाले ने बताया कि सड़क पर उनके बेटों को कोई पीट रहा है। कहा कि बरामदे से जब तक वे आंगन में आए गोलियों की आवाज चलने लगी।

कोई खेत में तो कोई सड़क पर गिरा पड़ा था, वीभत्स था दृश्य

ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज आ रही थी। गोली चलने की दिशा में गया तो देखा कि गांव की सड़क पर उनका भतीजा राणा प्रताप सिंह गिरा हुआ है। वहीं बगल के खेत में उनका बेटा रणविजय सिंह गिरा हुआ है। उनका दूसरा बेटा बीरेंद्र सिंह वहीं रोड किनारे खेत में गिरा हुआ है।

मासूम बच्चे जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।

पांच कदम पर उनका तीसरा बेटा अमरेंद्र रोड पर गिरा हुआ है। एक भतीजा मनोज सिंह केवल होश में था जिसके चेहरे के पास गोली लगी थी। वहीं कुछ दूरी पर गांव के ही रुद्र नारायण सिंह भी गोली लगने से घायल होकर गिरे हुए थे।

इस घटना में 35 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एसपी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि घटना के बाद पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

राजद विधायक चेतन आनंद अपने समर्थकों के साथ महमदपुर गांव में पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।

चेतन आनंद ने सरकार को जगाया नींद से

शिवहर से राजद के विधायक चेतन आनंद ने सरकार को नींद से जगाया। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि जब वे महमदपुर गांव जाकर पीड़ित परिजनों से मिले तब जाकर दूर तलक इस मामले पर बात होने लगी। लोग चर्चा करने लगे कि आखिर वहां हुआ क्या है ? मासूम बच्चों का फोटो वायरल होने लगा।

चेतन आनंद ने मौर्य न्यूज18 के विशेष संवाददाता को बताया कि इस मामले में यदि सही से जांच कराई जाएगी तभी दूध-का-दूध और पानी-का-पानी हो पाएगा। कहीं-न-कहीं पुलिस की मिलीभगत भी जान पड़ती है। इतनी बड़ी घटना घट जाए और पुलिस चार घंटे बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंचे, ये समझ से परे है।

पीड़ित परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और आरोपित को एक विधायक का समर्थन प्राप्त है, ऐसे में पुलिस पर दबाव होना स्वाभाविक है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से पूछा कि आप ही बताइए कि आखिर आरोपित को किसका संरक्षण प्राप्त है ? कई केस होने के बाद भी पुलिस ने उसे छुट्टा क्यों छोड़ रखा था ?

बहरहाल चेतन आनंद के वहां जाने के बाद सरकार की नींद खुली और जेडीयू-बीजेपी खेमे के राजपूत नेताओं ने घटना को लेकर आक्रोश जाहिर किया।

जेडीयू नेताओं में सबसे पहले विपिन सिंह पहुंचे गांव

जेडीयू की ओर से सबसे पहले गांव पहुंचनेवालों में किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विपिन सिंह थे। उन्होंने वारदात को लेकर गुस्सा जताते हुए कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति का क्यों न हो, उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नीतीश सरकार में कानून का राज चलता है।

उन्होंने इस मामले से जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह उर्फ दादा को भी अवगत कराया। साथ ही अपने दल के अन्य नेताओं को भी घटना की जानकारी दी।

मातमपुर्सी के लिए जेडीयू नेता विपिन सिंह के साथ अन्य लोग महमदपुर गांव जाते हुए।

इसके बाद एमएलसी व जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह गांव पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपी चाहे पाताल में भी क्यों न छिपा हो, उसे खोज निकाला जाएगा और सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर इस मालमे की जानकारी देंगे। इस कांड में लापरवाही बरतने वाले स्थानीय प्रशासन के लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों को हर हाल में न्याय मिलेगा।

संजय सिंह ने कहा कि स्पीडी ट्रायल के माध्यम से छह माह के अंदर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। सरकारी प्रावधान के अनुसार जो भी संभव होगा, उस हिसाब से आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी के मुद्दे पर पहल की जाएगी। कहा कि यह घटना मानवता के नाम पर कलंक है। अपराधियों की कोई जाति व धर्म नहीं होता है।

जेडीयू एमएलसी व मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह परिजनों को सांत्वना देते हुए।

जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं। इस घटना के संबंध में डीएम व एसपी से बात की गई है। थोड़ा समय लग सकता है, पर अपराधी खोज निकाले जाएंगे। पीड़ित परिवार के लिए जो भी होगा, हम आगे बढ़कर करेंगे। पीड़ित स्वजनों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

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