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होमSTATEबड़े मिजाज वाले हैं थानेदारजी ! Maurya News18

बड़े मिजाज वाले हैं थानेदारजी ! Maurya News18

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मिलिए पटना के गर्दनीबाग थानेदार से…!

शिक्षिका ने कहा मेरे साथ छेड़खानी हुई…!

थानेदार ने पूछा किसने करा…शिक्षिका बोली…वार्ड पार्षद के पति ने …। फिर क्या हुआ…आप भी जानिए ।

क्राइम रिपोर्ट, पटना, मौर्य न्यूज18 ।

महिने बीत गये । एक महिला टीचर के साथ छेड़खानी हुई। शिकायत गर्दनीबाग पटना थाने में की गई । शिकायत वार्ड पार्षद के पति के खिलाफ थी। थानेदार ने मटिया दिया। रिपोर्ट सुनकर भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की। मामला उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा। वहां से भी कोई सुनवाई नहीं। थानेदार अपने हिसाब-किताब में कोई कमी नहीं की। शिक्षिका कोर्ट का दरबाजा खटखटाई।

कोर्ट ने तुरंत एक्शन लेने को कहा। एक्शन ये कि प्राथमिकी दर्ज करिए और आरोपी को गिरफ्तार करिए। कोर्ट का ऑडर आने के बाद लगा कि थानेदारजी अब तो सुनेंगे ही सुनेंगे लेकिन कोई असर नहीं हुआ। थानेदार ने कोर्ट के आदेश के बाद भी वही किया जो उनकी मर्जी की थी। फिर मामला डीजीपी तक पहुंचा । अखबारबाजी हुई थानेदारजी फिर भी डिगे नहीं। मैं बात पटना के गर्दनीबाग थाने के थानेदार साहब का कर रहा हूं। समझ लीजिए ये कितने मिजाज वाले हैं। इन्होंने कानून की रक्षा की शपत ली है। कानून के रखवाले हैं लेकिन धज्जियां कानून की कैसे उड़ाई जाती है इनसे आप सीख सकते हैं।

मामला अब काफी दिनों का हो चला है। शिक्षिका काफी गुस्से में है। खफा है। न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। कैसे क्या करा जाए शिक्षिका को समझ में नहीं आ रहा, अब वो करे तो क्या करे। लेकिन वो झुकने वाली या डिगने वाली नहीं है। कह रही है न्याय लेकर रहूंगी। कप्लेन अब भी उपर तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। पूरा दम लगा रही है लेकिन थानेदार बेदम अपनी कागजी कारनामे से बेदम किए हैं। ऐसा आरोप उस शिक्षिका का है। मामला फिर से तूल पकड़ रहा है।

हो सकता है मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक जाए। फिर देखना होगा कि आखिर क्या करते हैं । मामला छेड़खानी का है और हाई प्रोफाइल है। किसकी सुने थानेदारजी, किसकी ना सुने.. थानेदार इसी उलझन में हैं। कुछ साफ-साफ नहीं कहते बस इतना जरूर कहते हैं कि कर रहा हूं ना कार्रवाई चल रही है… जांच चल रही है, जांच के बाद ही कोई एक्शन होगा। खैर, आगे-आगे देखिए होता है क्या। आगे की स्क्रिप्ट में समझिए पूरा मामला क्या है।

पूरी घटना को समझिए।

पीडित शिक्षका के अनुसार उसने पिछले 24 सितंबर को गर्दनीबाग थाने में सूचना दी कि वार्ड पार्षद पति अविनाश कुमार मंटू उसके साथ छेड़खानी,  इज्जत से खिलवाड़ करने के बाद जान मारने की धमकी दे रहा है. थाने ने कोई कार्रवाई नहीं की. पीड़ित महिला फिर से 29 सितंबर को थाने पहुंची और अविनाश कुमार मंटू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगायी. थानेदार ने जब केस करने से इंकार कर दिया तो पीडिता 1 अक्टूबर को एसएसपी के सामने फरियाद करने पहुंची. लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.

आगे क्या हुआ ये जानिए

पुलिस ने जब एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया तो पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली. पिछले 12 नवंबर को पीड़िता ने गर्दनीबाग वार्ड नंबर 14 के वार्ड पार्षद पति अविनाश कुमार मंटू और उसके 4-5 साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पटना के सीजेएम कोर्ट में आवेदन दिया. सीजेएम कोर्ट ने उसी दिन पटना के एसएसपी के पास आवेदन भेज कर एफआईआर दर्ज करने को कहा. एसएसपी ऑफिस ने उसे गर्दनीबाग थाने भेज दिया. लेकिन थाने ने एक महीने से ज्यादा समय तक एफआईआर दी दर्ज नहीं की.

मामला कोर्ट पहुंचा

शिक्षिका ने फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. एफआईआर दर्ज नहीं होने से नाराज सीजेएम कोर्ट ने गर्दनीबाग थाने के थानेदार को 16 दिसंबर को शो कॉज नोटिस जारी किया. दिलचस्प बात ये है कि कोर्ट का शो कॉज नोटिस 16 दिसंबर के दोपहर में ढ़ाई बजे गर्दनीबाग थाने में रिसीव किया गया. थाने ने उसी दिन सुबह में एफआईआर दर्ज करने का कागजी सबूत बना लिया. 

कोर्ट के आदेश के बाद भी थानेदार ने वही किया जो उन्हें ठीक लगा

दरअसल पीडिता ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ धारा 323, 354, 354बी, 354डी, 339 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगायी थी. सीआरपीसी की धारा 153(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए उसे थाने भेजा था. कानून के मुताबिक कोर्ट जिस धारा में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देती है, थाने को उसी धारा में केस दर्ज करना होता है. अनुसंधान के दौरान पुलिस मामले को सही या गलत करार दे सकती है. लेकिन गर्दनीबाग थाने ने एफआईआर दर्ज करने में ही कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा दी. कोर्ट के शो कॉज के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी में सारे ऐसी धारायें लगायी गयीं, जिससे आरोपियों को थाने से ही बेल मिल जा सके. पुलिस ने कोर्ट द्वारा भेजी गयी प्राथमिकी में से धारा 354, 354बी और 339 हटा दिया.

अब इन सवालों का जवाब भी नहीं दे रहे थानेदार । बताएं महिला क्या करें। कहां जाए।

पटना से मौर्य न्यूज18 की रिपोर्ट ।

mauryanews18
MAURYA NEWS18 DESK

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