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पुष्पम प्रिया : वो कहती हैं…मैं किसी से डरती नहीं…पर वो किसी से डरती है…कौन है वो ! Maurya News18

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!!! बात-बे-बात !!!

प्लुरल्स पार्टी की ओर से बिहार के लिए मुख्यमंत्री उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी

जनता के बीच चल रही शतरंज की चाल, सारे नेताओं को बता रही नकली

नयन, पटना,  मौर्य न्यूज18 ।

बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव। बिहार की वो लड़की। मिथलांचन की वो लड़की। लंदन से आय़ी। अखबार में छायी। कहलाई सीएम कैंटिडेट । नाम पुष्पम प्रिया चौधरी। काली ड्रेस वाली। वही लड़की…पीपीसी। जो खुद को बिहार की मुख्ममंत्री की उम्मीदवार घोषित कर रखी है। पूरे बिहार में घूम-घूमकर कह रही कि बदलेंगे बिहार। सबसे अपील भी कर रही….कि आओ बदलो बिहार। कहती है…यहां सब हैं नकली नेता। नकली सोंच। नीयत में खोट । लाचार। हताश..। थका-मरा। घिसापिटा। शासन-प्रशासन। ठाठ-बाट के शौकीन…राजपाट चलाने वाले। सबसे मुक्ति की राह…दिखाने निकली है वो।

 

जनता से ये अपील करती वो लड़की। कहती है…सबको  परखा…अब नकली नेताओं से पीछा छुड़ाने की बारी है। जो कहती है…संघर्ष करूंगी। बिहार में बदलाव लाकर रहूंगी। लंदन छोड़ आई…लंदन वापस जाना भी नहीं है। बिहार को बनाना भी है। पक्के इरादे। ठोस और ईमानदार नेतृत्व देने  का भरोसा दिलाने के लिए जनता के बीच है।

वो लड़की जो कहती है….मैं किसी से डरती नहीं…।

पर सच तो ये है कि वो किसी से डरती है…। खूब डरती है। लेकिन डर के आगे निकलकर जीतने की कोशिश में है। डर के साये में भी खुद को साहसी बनाई हुई है।

अब सवाल उठता है कि वो लड़की…जो इतनी साहसी है…जो किसी से ना डरने की बात करती है। जो कहती है कि मुझको किसी से नहीं लगता है डर….मैं किसी से नहीं डरती…। तो फिर उसके डरने की बात कहां से आई…। सच कहिए तो डरने वाली बात है…वो भी किसी से डरती है।

सच में ऐसा है..वो डरती है….तो चलिए मौर्य न्यूज18 आपको ये राज भी अब आपके सामने खोल रहा है…पुष्पम प्रिया के डर का राज… पुष्पम प्रिया चौधरी किससे डरती है…। जानिए आप भी…।

दरअसल, ये बिहार है। खूबसूरत और सुकून की जिंदगी जिने वाले लोगों से घिरा… भरपूर औऱ आराम की जिंदगी जीने का मजा लेने वाले लोगों को आंचल में समेटे अपना बिहार।

यहां के लोगों को शंतरज की चाल तो खूब समझ में आती पर चलने का दिल नहीं करता…इस बात से लगता है डर।

यहां कहने वाले बहुत अच्छी-अच्छी बातें करते हैं…बच्चे को डॉक्टर, इंजीनियर..आईएएस बनाना चाहते हैं…। पर कोई डॉक्टर, इंजीनियर यदि राजनीति में हिस्सा लेता है तो उसकी खूब तारीफ होती है लेकिन….जब कुछ करने की बारी आती है तो, एन मौके पर किसी और की बातों में आकर…कुछ और ही कर बैठते हैं….अपने लोगों के इस मूड से लगता है डर।

!!! यहां के लोगों के भोलापन…यहां के लोगों का प्यार..यहां के लोगों का सम्मान तो छप्पड़फार वाली होती है…पर ना जाने क्यों कब वो ये सब करते-करते आराम फरमाने लग जाएं….समय पर कुछ भी करने से चूक जाएं….इससे लगता है डर। !!!

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!!! यहां के लोग….नकली नेता…उनकी नकली बोल…नकली सोंच…नकली पहनावा…नकली-नकली बातों से भोली-भाली जनता फंसाए रखने वाले…, उनको अनपढ़, बेवकूफ बना कर रखने वाले…नकलचियों की चंगूल में छनभर में फंस जाते हैं..। सब जानते हुए भी इन नकलचियों पर….हर पल अपनी दया लुटाने वाली हमारी जनता के इसी स्वभाव से, ….इसी बात से लगता है डर। !!!

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लगता है डर इस बात से कि पब्लिक झूमती है, गाती है पर दूसरों के बैंड पर…अपना बैंड अबतक क्यों नहीं तैयार हो रहा। कबतक चलता रहेगा ऐसा…। कोई ठोक और निर्णायक कदम क्यों नहीं उठा पाती है हमारी जनता। इसी बात से लगात है डर।

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हां, मैं पुष्पम प्रिया ही हूं…मुझको वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से…वक्त से .., नकली नेताओं के जरिए जनता के दिमाग में कचरा डालने वाली सोंच से….ऐसी कई चीजें हैं…क्या-क्या गिनवाउं…इसकी बहुत गहरी और लंबी सूची है….जिससे लगता है डर।

पर पुष्पम प्रिया कहती है कि सबकुछ जानते हुए भी ऐसे डर का भी सामना करने को तैयार हूं…ये सब जानते हुए भी…आगे बढ़ रही हूं…कूद चूकी हूं मैदान में ….वो कहती है….आप मान लीजिए….परिस्थितियां… बदलेगी…बदलूंगी सबको …आप सबको भी बदलना होगा….नई सोंच बनानी होगी…बनाना है नया नजरिया…।

चलते-चलते एक बात और….

इतना तो तय है कि जब हम ये कहते हैं कि अच्छाई और सच्चाई पर चलना चाहिए। पब्लिक हमेशा ईमानदारी…की बात करती हैं…नेता भी करते हैं। भष्ट्राचार बढ़ गया है इसकी बात करते हैं। हमसब राजनीति करने वालों में ढ़ेरों बुराइयां देखते हैं….मसलन, जूठ बोलना…वादा खिलाफी….जनता के पैसे पर ठाठ-बाट करना, सरकारी फंड का दुरूपयोग…घूसखोरी… हर काम में दौलत बनाने की चेष्ठा…इस तरह राजनेता…राजनीति करने वाले…नकली नेता …भ्रष्टाचार के कई तौर-तरीकों को अपनाते हैं… उन्हें सामाजिक बुराइयों में लीन रहने की लत लग जाती है…अपराधी और अपराध को अपने हिसाब से डील करते हैं….कानून का मजाक बनाकर रख देते हैं…बैगरह..बैगरह…कई बातें राजनीति करने वालों पर लागू होती है…जनता के बीच ऐसी बातें होती भी है…औऱ सच्चाई भी लगभग इसके करीब ही है।

ऐसी स्थिति में हमलोग, हमसब कहते भी हैं…राजनीति अच्छी चीज नहीं है। इसमें अच्छे लोगों को आना चाहिए।..पढ़े लिखे को….ईमादार लोगों को आना चाहिए। गरीबी समझने वाले….मेहनकस औऱ ईमानदार लोगों को इस फिल़्ड में आना चाहिए। विद्वान लोगों को भी इसमें आना चाहिए। चुनाव में भी मतदान की बारी आती है तो अच्छी छवि के उम्मीदवारों को जनप्रतिनिधि बनाने की बात करते हैं….लेकिन हमसब करते क्या हैं…।

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ये सारी बातें सबके सामने है। मिथिलांचल, बिहार की बेटी पुष्पम प्रिया चौधरी लंदन से पढ़कर राजनीति करने फिर से बिहार में उतरी है…अपनी जन्म भूमि पर उतरी है। शायद यही सोंच लेकर की जनता जो कहती है….राजनीति में अच्छे लोग…अच्छी बातें … और ईमानदार लोग हों… साथ में…भ्रष्टाचारी…अपराध से मुक्त राजनीति हो औऱ इसी तरह का शासक भी देखना चाहती है.. । यही सब सोंच लिए पुष्पम प्रिया चौधरी …अपनी जन्मभूमि…बिहार की मिट्टी पर फिर से खड़ी हो रही है…धूल फांक रही है…कुछ बेहतरी के लिए। अब उसे पूरा विश्वास है कि हमारी बिहार की जनता हमे इस काम के लिए चुनेगी। जनता जैसी अच्छाई…जैसी अच्छी छवि की बात करती है वैसा ही करके तो दे रही हूं तो जनता मुझे क्यों नहीं चुनेगी…। कोई कारण तो नहीं दिखता। जहां जनता को कम से कम वोट देने में दिक्कत हो…उन्हें तो अच्छाई पर वोट करना है। पर ऐसा सच में होता है क्या। जनता कई तरह की घुट्टी पीकर पहले से बैठी है…इसलिए समझने में ज्यादा टाइम भी नहीं लगना है कि पुष्पम प्रिया चौधरी का बिहार विधानसभा 2020 में होना क्या है। बिहार की जनता इन को सब समझने में अभी काफी वक्त ले रही है…ना जाने आगे क्या होगा …देखना होगा।

लेकिन इतना तो सच है कि पुष्पम प्रिया ने बिहार की राजनीति में एक बेहतर शुरूआत तो जरूर कर दी है। और जनता जिस दिन दिमाग में बिठा ली कि अब कोई और नहीं। उस दिन पुष्पम प्रिया चौधरी देशभर के लिए एक बेहतरीन उदाहरण बनेगी।

पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट।

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