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पशुओं के अत्याचार पर कानून बने – डॉ बी कुमार Mauryanews18 !

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विशेष : दिल्ली के पशुचिकित्सक डॉ बी कुमार से खास बातचीत, पशुपालकों के लिए विशेष

बबली सिंह , नई दिल्ली, बिजनेस रिपोर्टर , मौर्य न्यूज 18

05 जून 2020।

प्रकृति में जैसे इंसान है, वैसे ही सभी जीव-जन्तु, पेड़-पौधे । यानि सभी सजीव प्रकृति के अहम हिस्सा हैं। जिसके साथ किसी भी तरह की हिंसक कार्य प्रकृति के खिलाफ ही मानी जाएगी। ऐसे में मनुष्य ही एक ऐसा जीव है जो बुद्दिजीवी है और अपने हिसाब से प्रकृति से छेड़छाड़ करता रहता है। इन दिनों कोरोना महामारी भी पूरी दुनिया में है…इसकी वजह भी प्रकृति से छेड़छाड़ ही बतायी जा रही है। खासकर पशुओं के साथ अत्याचार औऱ उसका निवाला बना लेना, ये सारी नेगेटिव अप्रोच इंसान को ही निगल रही है। हाल ही में केरल में हाथी के साथ हिंसक घटना हुई। ये सब मानवीय सोंच की विकृति को प्रकट करता है। ये सब ना हो, इंसानों में जागरूकता कैसे लाई जाय, या फिर जानवरों पर हिंसा रूके। मौर्य न्यूज18 की ओर से दिल्ली संवाददाता बबली सिंह ने दिल्ली के जाने-माने पशु चिकित्सक डॉ बी कुमार से बातचीत की। औऱ पशुओं पर हिंसा सहित उसके संरक्षण संबंधी तमाम विषयों पर बाचचीत की है। पूरी रिपोर्ट पढ़िए।

पशुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में आप क्या सोंचते हैं। इंसान ऐसा क्यों होता जा रहा है। क्या सचमुच में पशुओं पर अत्याचार पढ़ते जा रहे। एक पशु चिकित्सक के तौर पर आपके पास क्या रिपोर्ट है।

डॉक्टर बी कुमार कहते हैं कि पशु पर अत्याचार के मामले जिस तरह से सामने आ रहे हैं वो चिंता का विषय है। एक तो जिस तादाद में इंसानों की आबादी बढ़ती जा रही है । मीडिया रिपोर्ट की ही माने तो कई पशुओं के विलुप्त होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जंगल भी काटे जा रहे हैं। जंगल तो लगभग समाप्त ही होते जा रहे हैं। ऐसे में पशुओं को संरक्षित करना तो दूर उसके प्रजजन में भी दिक्कते आ रहीं। स्वभाविक है कि कई पशु विलुप्त होने के कागार पर हैं। कई तो विलुप्त भी होते जा रहे। दूसरी ओऱ जो पालतू जानवर हैं, उनपर भी जंगली की तरह इंसानों का व्यवहार दिखता है। पशुओ को कैसे पाला जाए, इसके एजुकेशन की भी कमी है लोगों में। जिससे दिक्कते आ रही हैं। और तो और मानशाहारी मनुष्यों की तादाद भी बढ़ रही है। जिससे कारण पशुओं को काटा-मारा जा रहा है। इसे बिजनेस के रूप में लिया जा रहा है। ये सब प्रकृति के खिलाफ ही है। सचेत और सतर्क नहीं हुए इंसान तो आगे और गंभीर खतरा हो सकता है। अभी तो बचने लायक स्थिति भी है।

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कोरोना काल में डॉक्टरों पर बड़ी जिम्मेदारी बढ़ गई है। पशु हो या इंसान सबकी जान की रक्षा करना उनका कर्तव्य है। ऐसे में डॉक्टर पर ही हमला या अत्याचार की खबरें। ये सब क्या है। कैसे लेते हैं इन सब को आप ।

मौर्य न्यूज18 के साथ डॉ बी कुमार । नई दिल्ली स्थिति अपने क्लीनिक में । फोटो – मौर्य न्यूज18 ।

डॉ कुमार कहते हैं – चिकित्सक भी पहले एक इंसान ही होते हैं। फिर डॉक्टर के रूप में सेवा की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यदि कोई इंसान चिकित्सक का पेश चुनता है तो वो कहीं ना कहीं आम इंसानों से हटकर सोंच औऱ सेवा रखने वाला इंसान होता है। औऱ जब यही चिकित्सक अपनी डयूटी निभाते हैं तो जिम्मेदारी और बढ जाती है कि कोई अपनी पीड़ा हमारे हवाले कर रहे हैं। ये एक बहुत बड़े भरोसे की बात है। ऐसे में चिकित्सक पर ही हिंसा होने लगे तो फिर इस सेवा में कोई कैसे योगदान दे पायेगा। जान की बाजी लगाकर कोई कैसे काम कर पाएगा। लोगों को ये भी समझना चाहिए कि मौत प्रकृति की देन है, जैसे जन्म। रही बात आप हर उम्र में स्वस्थ्य रहें, इसके लिए डॉक्टर की मदद लेते हैं। डॉक्टर मदद करते हैं। इसलिए किसी भी कीमत पर समाज के लोंगों को चिकित्सक हर हमले से बचना चाहिए। हां, रही बात कोई डॉक्टर के वेश में अमानवीय या असंवेदनशी हरकते कर रहा है, और लोगों की जान बचाने में उसकी कोई रूचि नहीं। वो पेशेवर हो गया है तो फिर कानून का सहारा लेना चाहिए। खुद कानून को हाथ में लेकर अत्याचार या जुर्म करने लग जाना बहुत ही बड़ा घोर अपराध है। इसलिए पढ़ाई-लिखाई पर यानि शिक्षा पर जोड़ देना जरूरी है। बड़ा बदलाव होकर रहेगा।

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सवाल : क्या सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल डाक्टर को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है, इस पर आपकी क्या राय है ?

उत्तर : यह हैं विचित्र घटना आज कल सामने आ रहीं हैं ,जो की समाज के लिए चिंता की बात है, अगर डॉक्टर को सही तरीके से काम करने ना दिया जाए तो बुरा लगता हैं, डॉक्टर होने के नाते हामरी पहली कोशिश होती हैं ,की हम जानवरो का सही इलाज करे ,लेकिन हम भगवान नहीं हैं , हमारी कोशिश होती हैं कि हमारे यहां आए हुए पशु , की अच्छी देख भाल की जाए और उनका सही उपचार कर उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ बनाया जाए।

अब सवाल ये कि आप CoVid 19 में अपने और अपने पेट्स का ख्याल कैसे रखते हैं ? लोगों को कुछ बताएं।

उत्तर: हम सारे नियमो का पालन कर रहे हैं , जो इस मामले में की जाती रही हैं , सरकार की तरफ से दिए गाइड लाइन का पालन करना होता है। जिसे सबको करना चाहिए। डॉ कुमार कहते हैं कि , पशु चिकित्सक होने के नाते हमें और भी ज्यादा ख्याल रखना होता है , की यह संकर्मण जानवरो में ना फैले इसके लिए निरंतर पशुओं को साफ-सुथरा रखें। कुत्ते को पालने वालों को ये भी ख्याल रखना चाहिए कि उसे अपने बदन में ज्यादा रब ना करें। कई लोग कुत्ते को लेकर विस्तर पर खेलते हैं। सुलाते भी हैं। तो इस तरह के प्यार से इस पीरियड में बचना चाहिए। क्योंकि पशु तो पशु हीं हैं उनको खुलकर जीने दें। उनकी देखभाल करें अलग-तरह की एक्टिविटी करने लगें। बच्चे ज्यादा टच ना करें। बांकी किसी तरह की बीमारी का कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। पशुपालकों को हमेशा चिकित्सकों के टच में रहना चाहिए।

सवाल : CoVid 19 वायरस हैं , यह जानवरो से इंसानों में आया है ,इसमें कितनी सच्चाई है?

उत्तर: जानवरो में कोरोनावायरस के लक्षण पहले से पाए जाते हैं ,लेकिन यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि यह वायरस जानवरो से इंसान में आया है, इसकी जांच हो रहीं और समय आने पे सच्चाई सामने आ जाएगी ।

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सवाल : अभी जो अमानवीय घटना जानवरो के साथ हो रहीं हैं ,उसपे आपकी क्या राय है ?

उत्तर : जानवरो में अत्याचार काफी दिनों से हो रहा है ,और ये बहुत दुख की बात है की ,कोई भी सरकार कोई सख्त कानून नहीं बना पाई । जैसे एक मनुष्य को किसी की हत्या की सजा मिलती है ,ठीक वैसे ही पशु के हत्यारों पर भी कानून होना चाहिए, उन्हें भी अपनी जीवन जीने का उतना ही हक हैं ,जितना हमें हैं ।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 की विशेष रिपोर्ट

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