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क्या डॉक्टर का फेमस होना टैलेंट है?

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जानिए डॉक्टर से दिल की बात में मौर्य न्यूज18 ने पूछा तो

ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ रमित गुंजन ने क्या कहा, सुनिए

खास रिपोर्ट — Talk with Nayan ,
Show Name – दिल की बात डॉक्टर के साथ

पटना, मौर्य न्यूज18।

कहते हैं हुनर बड़ी चीज होती है। टैलेंट पर लोग फिदा हो जाते हैं। डॉक्टर अगर फेमस हो तो लोग दूरदराज से ईलाज करने पहुंच जाते हैं। लेकिन डॉक्टर कोई रातो-रात फेमस नहीं होते। अगर किसी कारण से हो भी गए तो बाद में उनकी पोल पट्टी खुलती है। लेकिन तब तक समाज के लोगों की सेवा की जगह नुकसान हो चुका होता है। इसलिए ये समझना जरूरी है कि सिर्फ फेमस होने से या नाम फैला लेने से कोई टैलेंटड नहीं होता। टैलेंट तो आप जिस काम को चुना है उसमें होना जरूरी है।

दिल की बात डॉक्टर के साथ में हमने बिहार के उभरते युवा चिकित्सक आर्थोपेडिक सर्जन डॉ रमित गुंजन को चुना और एक डॉक्टर के छोटी सी कोठरी में शुरूआत से बड़े नर्सिंग होम तक पहुंतने के सफर को जानना चाहा औऱ ये भी जानने की कोशिश की कि क्या अब इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए नाम फैला लेने से या फेमस होने ही टैलेंट है या फिर जिस फिल्ड के जो डॉक्टर हैं उन्हें शिक्षा से भी और अपने कार्य में भी गुणवान होना जरूरी है। टैलेंट के लिए एकेडमिक होना जरूरी है।

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डॉ रमित गुंजन कहते हैं। 2007 से बिहार की राजधानी पटना में चिकित्सा क्षेत्र में अपनी शुरूआत की। एक छोटे सी कोठरी मेे मरीजों को देखना शुरू किया औऱ फिर धीरे-धीरे बात आगे बढ़े। मरीजों के बेहतर इलाज औऱ दोस्तो के बीच चर्चा से लोगों के बीच जानकारी पहुंची।

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हां, ये भी रहा कि जब से इंटरनेट का युग आया, इसे भी अपनाया। सोशल मीडिया का हो या प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का हो सबका सहारा लिया। मास तक पहुंचने का ये एक बेहतर माध्यम हो चला है । सो, इसे भी खूब अपनाया। लेकिन इस तरह से खुद को फेमस करना ही सिर्फ टैलेंट नहीं है। जबतक कि आप एकेडमिक काफी स्ट्रॉग ना हो बात नहीं बनने वाली। कहने का मतलब आप जिस फिल़़्ड से डॉक्टर है अगर आप मरीजों का सही से इलाज नहीं करेंगे। उनके रोगों की पकड़ आपके पास नहीं होगी। तो बात सिर्फ फेमसभर होने से नहीं होगी।

डॉ रमित गुंजन कहते है साइंस दिन प्रतिदिन यूं कहें हर पल नया कर रहा है और आप उसकी जानकारी नहीं रखेंगे तो बहुत पीछे हो जाएंगे। फिर आपका चिकित्सक होने भर का मामला रह जाएगा। गुणवत्ता आपसे कोसो दूर हो जाएगी। कहते हैं लोगों के बीच फेमस होना एक अलग बात है लेकिन एक चिकित्सक के तौर पर आप बेहतर इलाज से भी फेमस हो सकते हैं। टैलेंट आपका वहीं दिखेगा। मरीजों का जब दुख तकलीफ आप दूर करेंगे तो टैलेंटड कहलाएंगे।

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नॉलेज से मजबूत होना अब बहुत जरूरी है। एक चिकित्सक कफी फांकीबाजी से आगे नहीं बढ़ सकता है। अगर कोई बढ़ता है तो देश का, और समाज का कहीं ना कहीं नुकासन करके ही बढ़ रहा है। ऐसा मानना है डॉ रमित गुंजन का।

डॉ रमित गुंजन बताते हैं कि एक चिकित्सक के तौर पर संघर्ष कम नहीं है। जब एक कोठरी में शुरूआत जरूर हुई पर मुझे खुद पर भरोसा रहा कि अपने चिकित्सकिय कार्य पर। तभी पटना के बोरिंग केनाल रोड स्थित मैनपुरा, राजापुर पुल के पास 43 नम्बर गेट के पास दिव्यशक्ति ऑर्थो हॉस्पिटल खोलने में सफलता मिली है।

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डॉ रमित गुंजन को इस नई पारी के लिए औऱ एक हड़्डी रोग विशेषज्ञ के तौर पर समाज की सेवा में, गरीब-गुरबों की सेवा में निरंतर बेहतर योगदान देते रहें। ताकि बिहार का मान बढ़े और चिकित्सा के फिल्ड में भ्रष्टाचार का उनमुलन हो।

आगे भी चिकित्सा से जुड़े सवालों के साथ हम फिर मिलेंगे। तबतक के लिए नमस्कार।

मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट।

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