Google search engine
गुरूवार, जून 24, 2021
होमBIHAR NEWSBIG POLITICS : बिहार भाजपा के डॉन निकले सुशील मोदी , केन्द्रीय...

BIG POLITICS : बिहार भाजपा के डॉन निकले सुशील मोदी , केन्द्रीय नेतृत्व की हवा निकाल दी ! Maurya News18

-

भाजपा में टिकट बंटवारा : मैदान में सिर्फ और सिर्फ टीम सुशील मोदी के चहेते ।  

भाजपा डॉन मोदी ने टिकट बंटवारे में जो चाहा किया, केन्द्र व राज्य कोर कमेटी भी फिसड्डी निकली

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 । भाजपा को 121 सीट मिली। 122 जदयू को। लोजपा एनडीए से निकल गई। टिकट बंटवारे में भाजपा की सीट भी बढ़ गई। भाजपा खेमे में बांछे खिल गई। लेकिन हुआ वही जो भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने चाहा। सुशील मोदी की बादशाहत बिहार में कायम है…इससे इनकार नहीं किया जा सकता। इनकी टीम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, हेल्थ मिनिस्टर मंगल पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल थे। दूसरे खेमे में बांकी सारे चेहरे और कद काठी वाले दिग्गज। लेकिन किसी की कुछ भी नहीं चली। आप बिहार में भाजपा की सीटों पर गौर करें तो एक-एक सीट पर जो भी उम्मीदवार हैं वो सबके सब सुशील मोदी गुट के हैं। एक बात तो तय है कि सुशील मोदी ही बिहार भाजपा के डॉन हैं, वो जिसे कमिटेंट दे देते हैं वो पूरा करते हैं। आखिर आप कहेंगे कैसे तो इसे जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

मुंह ताकते रह गए सारे दिग्गज किसी को नहीं दिला पाए टिकट ।

आपके सामने कुछ नाम दे रहा हूं। इन लोगों का नाम भाजपा में दिग्गजों के दिग्गज में लिया जाता है, इससे शायद ही कोई इनकार करे। कहा जाता है कि ये लोग डायरेक्ट अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ उठते-बैठते हैं। यहां तक कि डायरेक्ट फोन से बात करते हैं। इनकी भाजपा में धाक चलती है। ऐसा माना जाता है…जो बहुत हद तक सही भी है…लेकिन बिहार भाजपा में एक ही सुपर स्टर कह सकते हैं ..वो हैं सिर्फ व सिर्फ बिहार भाजपा के डॉन लीडर डिप्टी सीएम सुशील मोदी। कह सकते हैं …डॉन को जो पसंद है वही बात चलेगी…वाली बात सौ फिसदी सच साबित हुई है।

मैं जिन दिग्गजों की बात कर रहा हूं उनका नाम भी सुन लीजिए…। नाम और पद के साथ जानिए…बिहार भाजपा के प्रभारी भूपेन्द्र यादव कई सालों से बिहार में जमे हैं। लेकिन बस कहने को वो बिहार के प्रभारी…कहने को दिग्गज नेता हैं। बिहार विधान सभा सीट बंटवारे में भूपेन्द्र की भी भोपू बजा दी बिहार भाजपा के डॉन ने। कुछ नहीं चली इनकी भी।

दूसरा नाम चुनाव प्रभारी पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फर्डणवीस जिनकी अभी अभी इंट्री हुई है। जो इससे पहले बिहार कभी सैर करने को भी शायद नहीं आए थे…अब चुनाव प्रभारी बनकर किसी कार्यकर्ता के लिए क्या कुछ कर पाए होंगे ये तो भगवान ही मालिक। ऐसे ऐसे को भाजपा डॉन नजरों-नजरों में निपट लेने की दमखम रखते हैं। खैर, चलिए …अब आगे बढ़ते हैं…

नित्यानंद राय …..का हाल…!

नाम हैं नित्यानंद राय…। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय । ऐसे दिग्गज जिनके बारे में क्या कहना। जो विभाग है उसके बॉस अमित शाह हैं…और जो अमित शाह के विभाग का राज्यमंत्री हो वो कितना करीब होगा ये किसी से बताने की बात नहीं। डायरेक्ट अमित शाह के साथ कनेक्ट रहने वाले, उठने बैठने वाले…भाजपा नेता नित्यानंद राय। जिनके बारे में यहां तक कहा जाता है कि यदि भविष्य में भाजपा की सरकार बनने का अवस आया तो मुख्यमंत्री के तौर पर यदि कोई पहला नाम होगा तो वो होंगे नित्यानंद राय। लेकिन ऐसे दिग्गज नेता के मुंह पर भी फूफरी पड़ी हुई है। वजह, बिहार के भाजपाई डॉन सुशील मोदी। सुशील मोदी के आगे इनकी भी कुछ नहीं चल पाई। जो भी नित्यानंद की बैशाखी पकड़ कर बैतरनी पार करना चाहते थे, वो, आंखों में आंसू की लड़ी बहा रहे हैं। सदमे में हैं। डिप्रेशन में हैं। सबको निराशा हाथ लगी है।

अंदरूनी खबर रखने वाले यहां तक कह रहे हैं कि नित्यानंद राय ने अपने चहेतो के लिए इस्तीफे तक की सिफारिश कर दी। लेकिन भूपेन्द्र यादव ने सब कुछ झांप-पोत के किसी तरह से मामले को सुलझा लिए। लेकिन रिजल्ट वहीं निकला जो डॉन सुशील मोदी ने चाहा। आपको बता दें कि नित्यानंद राय का गृह संसदीय इलाका समस्तीपुर औऱ हाजीपुर आता है। यहां भी जिन सीटों को भाजपा के पाले में ऱखना चाहते हैं वो नहीं हो सका। खैर, जो सीटें भाजपा के पाले में आई भी उसपर कुंडली मार कर डॉन सुशील मोदी के उम्मीदवारों को बिठा दिया गया। इन सब से खफा नित्यानंद राय इतना भी नहीं करा पाने में अब तक सफल वो पाए हैं कि एक अदना सा अपने चहेते कार्यकर्ता को भी टिकट नहीं दिला पाएं। और तो और जिनकी भी उम्मीदवारी तय हुई कहीं ना कहीं शुरू से उन उम्मीदवारों के पक्ष में नित्यानंद राय नहीं थे। यानि उनके माद में भी घुस कर डॉन ने अपना सिक्का जमा दिया है। जिसका उदाहरण कहने वाले लोग समस्तीपुर के मोहद्दीनगर विधानसभा के उम्मीदवार के रूप में देतें है…कहते हैं कि जो शुरू से नित्यानंद राय का हर तरह से दुतकारता रहा…नित्यानंद राय की आंखों का किरकिरी बना रहा…वो डॉन का चहेता निकला। ऐसे कई तरह की खबरें समस्तीपुर इलाके के भाजपाई कार्यकर्ता करते देखे-सुने जा सकते हैं। इन बातों में कितना दम है ये खुद गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय या डॉन सुशील मोदी हो समझ रहें होंगे। फिलहाल, तो हालत यही दिखती है।

अगला शिकार – गिरिराज सिंह : जानिए महादेव के आगे कौन बना महाकाल !

अब चलते हैं अगले दिग्गज के पास…नाम है गिरिराज सिंह…। भारत सरकार में केन्द्रीय पशुपालन मंत्री हैं। जिन्हें हिन्दू सम्राट के नाम से पूरी दुनिया जानती है। लोकसभा चुनाव में कन्हैया को हराकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। जो गरजते हैं तो धरती कांपने लगती है…जो एकबार महाकाल को याद कर महादेव-महादेव गरजते हैं तो आसमान से लेकर पाताल लोक तक आवाज गुंजने लगती है…, जो होम मिनिस्टर अमित शाह…औऱ पीएम मोदी तक से डायरेक्ट हैं। ऐसे दिग्गज नेता अपने नौ फूट की कद काठी लिए जब बिहार विधान सभा चुनाव में कोर कमेटी का मेम्बर बनते हैं और अपने कुछ कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं लेकिन मुक्की खा जाते हैं। महादेव-महादेव चिल्लाने लगते हैं। इतना के बाद भी बिहार भाजपा के डॉन सुशील मोदी इनकी कदकाठी को दो फूट में बदल डालते हैं। औकात में रहिए..वाले स्टाइल में …अपनी पसंद की उम्मदवारी पेश कर देते हैं। हालत समझिए…केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बेगूसराय लोक सभा क्षेत्र से सांसद हैं…इसके अंतर्गत सात विधानसभा सीटें आती है…। लेकिन यहां भी महाकाल बनकर आ गए डॉन सुशील मोदी। तीन सीटें भाजपा के खाते में डाला और अपने पसंद का उम्मीदवार भी दिया..और महादेव-महादेव चिल्लते रहे लेकिन गिरिराज सिंह का दामन थामने वाले खून की आंसू बहाते रह गये। बात रूठने मनाने की भी चली…एक-दूसरे पर फेंका-फेंकी की भी चली लेकिन गिरिराज सिंह की कुछ ना चली…चली तो सिर्फ और सिर्फ डॉन सुशील मोदी की चली।

हद तो तब हो गई कि जब साहेबपुर कमाल विधानसभा से जहां गिरिराज सिंह किसी यादव उम्मीदवार को देना चाहते थे…वहां भी एक भाजपाई कार्यकर्ता को सीट दिलाने के लिए डॉन सुशील मोदी ने साहेबपुर कमाल की सीट को जदयू के खाते में डाल कर अपने चहेते उम्मीदवार को भाजपा से जदयू में ज्वाइन करा कर उसे टिकट थमा दिया। इसे कहते हैं मांद में घुस कर बाजीगर बनना। कह सकते हैं डॉन सुशील मोदी अपने चहेते वर्कर को यदि कमिटमेंट कर दिया तो कर दिया…उसे हर हाल में पूरा करते हैं। बेगूसराय जैसे विधानसभा सीट पर भी महादेव की कुछ ना चली। महाकाल हावी है। जिसके आगे गिरिराज सिंह गुम हैं। मौन हैं । ठहर से गए हैं। सोंच रहे हैं क्यों राजनीति में आया। ऐसे हैं बिहार के भाजपाई डॉन सुशील मोदी।

बात यहीं तक सीमित नहीं है। पूरे बिहार में देखें तो उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मिलकर पूरे एनडीए का टिकट बंटवारे में अपने सिक्के को जमाया हुआ है। ऐसे में 56 इंच वाले नहीं तो तो 55 इंच वाले मोदी तो जरूर साबित हुए हैं।

अब थोड़ा कुछ और दिग्गज-महादिग्गजों से भी मिलवाता हूं।

ये कुछ नाम हैं जो चमचमाती लग्गजरी गाड़ियों के अंदर शीशे से झांकते मुस्कुराते….और ऑफिस में भौकाल टाइप मिटिंग करते दिख जाएंगे। जिनके चरणों में भाजपाई कार्यकर्ता गिरते हैं और ये मानते हैं कि ये कह दे तो बह्मा वचन समझिए। कोई काट ही नहीं सकता इनकी बात। सब संगठन औऱ आरएसएस के खेमे से हैं…। नाम है आरएसएस के सौदान सिंह, बीएल संतोष, राम कुमार, संगठन प्रभारी नागेन्द्रजी सब के सब कहने को सूरवीर, बड़े नाम, भौकाल वाले लेकिन सबकी हवा निकाल दी बिहार के दिग्गज भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी एंड टीम ने। कहने की बात नहीं कि डॉन को जो पसंद है वही बात करेंगे और जिसे डॉन ने अपना कमिटमेंट दे दिया, उसे धोखा नहीं देते, लड़के-झगड़ के, तर्क करके…डटके…मुकाबला करके…अपने-अपनों के लिए करते हैं। इसलिए तो सुशील मोदी को गहराइयों से जानने वाले यही कहते हैं कि वो अब भी बिहार भाजपा थे…अब भी हैं और आगे भी रहेंगे।

पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट

ALSO READ  क्या होगा चिराग का लॉलीपॉप, धर्म संकट से मुक्त नहीं हुई है भाजपा !
ALSO READ  बिहार पंचायती राज : जिनका क्षेत्र नगर निकाय में चला गया वो अब पंचायत प्रतिनिधि नहीं माने जाएंगे । प्रमुख पद भी उसी दिन से समाप्त : मंत्री सम्राट चौधरी

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Must Read

राजद से TEJ बोले – CHIRAG तय करें कि संविधान के...

तेजस्वी ने चिराग पासवान को साथ आने का दिया न्योता राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद जल्द होंगे पटना में, शुरू होगी राजनीति पॉलिटिकल ब्यूरो, पटना, मौर्य...