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पॉलिटिक्स : जदयू ये तूने क्या किया….,मर्डर के आरोपी को अध्यक्ष बना दिया ! Maurya News18

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हत्या का आरोपी जदयू प्रदेश अध्यक्ष बन गए

मर्डर केस के आरोपी संवारेंगे बिहार जदयू

प्रदेश अध्यक्ष बने उमेश कुशवाहा, शीर्ष नेताओं ने जताया भरोसा, सभी चौंके।

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18

पूर्व विधायक जदयू नेता उमेश कुशवाहा जो जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं।

राजनीति तो राजनीति है। मर्डर का आरोपी हो तो क्या हुआ। ये तो राजनीति का श्रृंगार है। ये तो आरोप है । जो तेरे माथे पर सजी है। आरोप का क्या, ये तो लगता रहता है। सो, अब लग ही गई है तो आ अब तू पार्टी संभाल। संवार दे जदयू। नये साल पर नया ताज पहन। इसतरह नये साल पर नया प्रदेश सुप्रीमो मिल गया । उमेश कुशवाहा प्रदेश अध्यक्ष बन गए। वैसे, इस ताज को पहनने के लिए कई नेता लाइन में थे वो मुंह ताकते रह गए।

कहने वाले कह रहे जदयू का ग्रहण नक्षत्र ठीक नहीं चल रहा। बवाल पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा। चुनाव से पहले लोजपा को लेकर बवाल, चुनाव बाद सीट कम आने पर बवाल, सरकार गठन के बाद मेवालाल को मंत्री बनाने पर बवाल। और अब संगठन ठीक करने को लेकर मर्डर केस के आरोपी को प्रदेश का कमान संभालने का बवाल। बवाल है जो जदयू के गले पड़े है। लेकिन जदयू की माने तो ये सब चलता रहता है। राजनीति में ये कोई बवाल नहीं रूटीन वर्क है।

खैर, नीतीश कुमार के काम करने का अपना अंदाज है। जो सोंचो, वो होता नहीं। जो होता है वो सोंच में आती नहीं। बताइए…उमेश कुशवाहा। पूर्व विधायक । वैशाली के महनार विधानसभा से पटखनी तो खा गए लेकिन पार्टी ने कहा तू कुशवाहा है….तेरे में यही काबिलियत है। चल आ बैठ प्रदेश की कुर्सी पर। प्रदेश की कमान संभाल।

मर्डर का आरोप है तो देख लेंगे। राजनीति में शायद ये सब चलता रहता है। थोड़ी हो हल्ला होगी। फिर सब शांत हो जाएंगे। विपक्ष का क्या उसका हल्ला करना तो काम है। मेरी मर्जी मैं चाहे ये करूं या वो करूं।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ।

और शायद यही कारण है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय कार्रकारणी की बैठक के बाद पूर्व विधायक उमेश कुशावाह ही इतने काबिल निकले की प्रदेश अध्यक्ष बन बैठे।

एक तरफ नीतीश कुमार ने एक आईएएस को राष्ट्रीय कमान संभालने को दिया। दूसरी तरफ एक मर्डर आरोपी को प्रदेश का कमान। अब इस तरह की जोड़ी पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों को पच नहीं रहा। कहने वाले कह रहे कि जदयू ये तूने क्या किया।

आखिर ये सवाल क्यों उठ रहे हैं…वजह भी साफ है। नीतीश कुमार अब तक की राजनीति में सुचिता की बात करते रहे हैं। सुशासन को अपनी यूएसपी मानते हैं। दंभ भरते हैं। गर्व करते हैं। सरेआम कहते रहे हैं कि मैं ना अपराधियों का सपोर्ट करता हूं और ना ही संरक्षण देता हूं, ना फंसाता हूं। फिर ये क्या है। मर्डर के नामजद आरोपी को प्रदेश का कमान संभालने को दिया। अत्यंत पिछड़ी जाति के व्यक्ति की हत्या के आरोपी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दे दी। ये निर्णय आम जनता को भी चकित कर रहा है कि सुशासन बाबू कहलाने वाले सीएम ने ये क्या किया। क्या पार्टी को इन सब चीजों की जानकारी नहीं थी। या फिर इस मामले को हल्के में लिया गया । खैर, उमेश कुशवाहा जैसे दागदार व्यक्ति को ही इसके लिए चुन लिया गया। सांसद वशिष्ठ नाराय़ण सिंह स्वास्थ्य कारणों से इस पद से इस्तीफा देने की बात कही है। जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

कहने वाले तो ये भी कह रहे हैं कि लव-कुश समीकरण को साधने के लिए जदयू ने ये सब किया है। लेकिन इस बात को मान भी लिया जाए तो क्या जदयू में कोई और काबिल कुशवाहा नहीं था। जो बेदाग हो। अच्छी छवि वाले हों।

खैर, अब तो बना दिया गया है लेकिन इस मामले पर विपक्ष को एक बार फिर बोले का मौका दे दिया है।

आखिर ये मर्डर का मामला कब और क्या था ये समझिए…।

13 अगस्त 2018 को जंदाहा के प्रखंड प्रमुख मनीष सहनी की हत्या कर दी गई। इस मामले में तब के जेडीयू विधायक उमेश कुश्‍वाहा समेत दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी भी गठित की गई. घटना के बाद बिहार के वैशाली में तनाव फैल गया था. इस दौरान पुलिस-पब्लिक झड़प में आक्रोशित भीड़ ने जंदाहा थाने को आग के हवाले कर दिया था. आक्रोशित भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी जबकि सात अन्‍य को भी गोली लगी थी.



मामले की गंभीरता को देखते हुए जंदाहा इलाके में धारा 144 लगा दी गई. प्रखंड प्रमुख मनीष साहनी को उस समय बदमाशों ने गोली मार दी थी जब वह जंदाहा थाना के जंदाहा प्रखंड परिसर स्थित कार्यालय से निकल रहे थे. बदमाशों ने मनीष को तीन गोली मारी. घायल हालत में मनीष सहनी को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया था.

कहा ये जाता है कि एसएसबी जवान की बस पर भी आक्रोशित भीड़ ने पथराव कर दिया. इस घटना में  एक दर्जन एसएसबी जवान घायल हो गए थे. जंदाहा में कई जगह पर प्रमुख समर्थकों ने आग लगा दी थी. इस दौरान कई वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया था ।

विपक्षी नेता क्या कह रहे ये भी सुनिए….

तब उपेन्द्र कुशवाहा ने भी नीतीश पर बोला था हमला –



तब के केंद्रीय राज्‍यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी ट्वीट कर नीतीश कुमार पर हमला बोला था. उपेंद्र कुशवाहा ने लिखा था- आज दोपहर वैशाली जिला के जन्‍हादा प्रखंड परिसर में नवनिर्वाचित प्रखंड -प्रमुख एवं रालोसपा नेता मनीष सहनी की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी. अत्यंत दुखद घटना. मन शोक से व्यथित है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कितनी लाशों के बाद होश में आएगा शासन?

अब क्या कह रहे उपेन्द्र कुशवाहा ये भी जानिए….

रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने इस पर प्रतिक्रिया देने से साफ मना कर दिया। कहा कि ये जदयू का अंदरूनी मामला है, इसपर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। मौर्य न्यूज18 ने ये भी जानने की कोशिश की कि जब हत्याकांड के टाइम ट्वीट कर नीतीश पर हमला किया था फिर अब बोलने से क्यों बच रहे हैं। इसपर उन्होंने कहा कि वो सरकारी मामला था। संवैधिनिक मामला था। अब तो ये किसी खास पार्टी के संगठन को संभालने का मामला है तो इसपर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करना मुझे उचित नहीं लगता।

इस तरह कुल मिलाकर उपेन्द्र कुशवाहा जदयू पर वार करने से बचते रहे। जबकि हमने ये भी पूछा कि क्या इसकी वजह जदयू से नजदीकी तो नहीं। तो उन्होंने कहा – नहीं ये कहना बिल्कुल गलत है । ऐसा बिल्कुल नहीं है।

राजद ने कहा –

संगठन का कमान एक हत्या आरोपी को सौंपा है, अब जदयू की दुर्गति तय है

अपराधियों को संरक्षण देने वाली पार्टी बन गई है जदयू।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बनाए जाने पर राजद नेता और पूर्व विधायक शक्ति यादव ने साफ कहा कि पार्टी ने जिस तरह से अत्यंत पिछड़ी जाति व्यक्ति की हत्या करने वाले को प्रेदश संगठन का कमान दिया है, इससे साफ है कि जदयू बिहार के अपराधियों को संरक्षण देने वाली पार्टी बन गई है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुचिता की बात करते हैं वही खुद अपनी पार्टी का कमान हत्या के आरोपी को सौंपते हैं। इससे साफ है कि नीतीश कुमार को अपराधिक प्रवृति के लोगों पर ही भरोसा है। पार्टी में कोई भी साफ-सुथरे छवि वाले नेता लगता है है ही नहीं। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है। अभी मेवालाल मंत्री पद से हटाये गए। फिर से वैसी ही प्रवृति के लोगों को शीर्ष पर बिठाना कहीं ना कहीं पार्टी की सोंच को ही दर्शाता है। अब जदयू पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। समझ लीजिए आगे और दुर्गती होने वाली है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा बोले- मुझे मर्डर केस के बारे में पता नहीं है।

बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि जदयू ने बनाया है बिहार का प्रेदश अध्यक्ष तो कुछ काबिलियत देख कर ही बनाया होगा। रही बात मर्डर केस में आरोपी होने की बात तो ये मामला मुझे याद नहीं है। इसके बारे में पता करूंगा फिर प्रतिक्रिया दूंगा। फिलहाल जदयू समझे ऐसा क्यों कर रहे हैं नीतीश कुमार औऱ उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह।

राजनीति गलियारे में क्या चर्चा है

राजनीति गलियारे में जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बनाये जाने से खूब चर्चा हो रही है। किसी को ये विश्वास ही नहीं हो रहा कि ऐसा भी होगा। क्योंकि जो नाम थे उस हिसाब से कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी तो आगे थे ही। लेकिन धीरे-धीरे ये भी बात सामने आई कि नहीं पूर्व मंत्री रामसेवक सिंह बनेंगे। पार्टी के कार्यकर्ता तो ये मान चुके थे कि रामसेवक सिंह के नाम की घोषणा होने भर की देर है। लेकिन इसी बीच अचानक महनार पूर्व विधायक उमेश कुशवाहा के नाम की घोषणा हो गई। राजनीति करने वाले कह रहे कि ये तो लव-कुश को मजबूत करने का दांव है। भाजपा खेमे में भी इसको लेकर सब टूकूर-टूकूर देख रहे । क्योंकि भाजपा भी अपने कुशवाहा लीडर को आगे करने के चक्कर में लगी थी। जो अब तक हो ना सका। इससे पहले सहयोगी दल जदयू बाजी मार ले गई। अब भाजपा क्या रणनीति अपनाती है ये भी देखना होगा।

लेकिन अब जरा जदयू का कुशवाहा प्रेम को समझिए…पहले इसी चक्कर में मेवालाल कुशवाहा को टिकट देकर औऱ जीत के बाद मंत्री पद देकर गोटी लाल करने की कोशिश की। लेकिन खुद ही लाल हो गए। उधर, मंत्री रह चुकी जदयू नेत्री मंजू वर्मा पर इतने गंभीर आरोप के बाद मंत्री पद छोड़ना पड़ा फिर भी उन्हें विधानसभा का टिकट दिया गया। उसका भी जदयू ठोस जवाब नहीं दे पाई लेकिन कुशवाहा प्रेम के नाम पर फजिहत झेलती रही। बीच में रालोसपा सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा से मिटिंग भी सुर्खियों में रही।

कहा जाने लगा कि अब पुराने दोस्त को नीतीश कुमार फिर से पार्टी में शामिल करने में लगे हैं। विधानसभा चुनाव में रिजल्ट से मिले झटके ने ये सब करने को मजबूर किया । इसमें उपेन्द्र कुशवाहा को नम्बर वन साथी मानकर तुरंत मुलाकात की औऱ मंत्री पद तक दिए जाने की बात होने लगी। खैर, अब तक इसपर कुछ सीन बनता नहीं दिख रहा है। जब होगा तो देखा जाएगा। इन सब के बीच अब फिर कुशवाहा जाति को प्रदेश का कमान सौंप कर फिर से बवाल मचा दिया है। इसलिए तो कहते हैं… राजनीति जो ना कराए…देखिए आगे-आगे होता है क्या।

आप देखते रहिए…पढ़ते रहिए मौर्य न्यूज18

पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की पॉलिटिकल रिपोर्ट।

Nayan Kumarhttp://www.mauryanews18.com%20
MANAGING EDITOR MAURYA X NEWS18 PVT LTD . #March 2019 to till now ------- #20yrs Experience field of Journalism, #Mass Com - Print Media & Electronic Media #Former Sr. Subeditor, Dainik Jagaran, India's No-1 Hindi Daily News Paper, Patna, Bihar, 12 April 2000 -March2008 #Former Channel Co-Ordinator, Maurya Tv, Patna, Bihar/Jharkhand, April 2008 - March 2013 Channel Co-Ordinator, Zee Bihar/Jharkhand news from march 2013- march2014 #Editor, Ommtimes.com news portal, Patna, Bihar, April 2014 - AuG2018 #Former Editor, Maurya News, news Portal, Sept.2018-Feb2019

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