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होमBIHAR NEWSबिहार के दिग्गज क्राइम रिपोर्टर विनायक विजेता नहीं रहे । Maurya News18

बिहार के दिग्गज क्राइम रिपोर्टर विनायक विजेता नहीं रहे । Maurya News18

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Patna, Maurya News18

दस सितंबर, 2020 को उन्होंने फेसबुक पर अंतिम पोस्ट लिखा था। मूल रूप से जहानाबाद जिले के रहनेवाले थे। अपराध की खबरों को ब्रेक करने में महारत हासिल थी। हिंदुस्तान अखबार में क्राइम रिपोर्टर के पद पर लंबे समय तक किया था काम।

पटना के वरिष्ठ पत्रकार विनायक विजेता जी का सोमवार को निधन हो गया। वे मूल रूप से जहानाबाद जिले के बंधुगंज गांव के रहनेवाले थे। इधर, कुछ सालों से वे गांव में ही रह रहे थे। अपने पीछे वे पत्नी, एक बेटा व बेटी को छोड़ गए। जिंदादिल इंसान थे। किसी भी फोरम पर बेबाक अपनी बात रखते थे।

पूरी फैमली के साथ वरिष्ठ पत्रकार विनायक विजेता। फाइल फोटो । मौर्य न्यूज18

एक माह पहले सिर में लगी थी चोट

परिजनों ने बताया कि एक महीना पहले वे घर में ही गिर गए थे जिससे उनके सिर में गहरी चोट लगी थी। इसके अलावे भी वे कई अन्य छोटी-मोटी बीमारियों से जूझ रहे थे। पत्रकारिता की दुनिया में उनकी अपनी एक अलग पहचान थी। खासकर अपराध की खबरों पर गजब की पकड़ थी उनकी। लंबे अर्से तक पटना के हिंदुस्तान अखबार में उन्होंने काम किया। इस दौरान वहां काम कर रहे पत्रकारों को उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। पत्रकारिता की दुनिया में क्राइम रिपोर्टिंग से उनकी एक अलग पहचान बनी।

नक्सली घटनाओं पर उनकी लेखनी होती थी दमदार

कहा जाता है कि उनका सोर्स बहुत तगड़ा था। खबर ब्रेक करने में उन्हें महारत हासिल थी। पुलिस विभाग में तबादला हो या फिर नक्सली घटना या फिर क्राइम मीटिंग में चल रही कोई महत्वपूर्ण बात, वे सबसे पहले उस खबर को ब्रेक करते थे। न सिर्फ खबर ब्रेक करते बल्कि खबर की तह तक जाते और तथ्यों के साथ अपनी रिपोर्ट बनाते।  

विनायक विजेता की यादगार तस्वीर जिसे वो अपने फेसबुक वॉल पर लगा रखे थे। फाइल फोटो । मौर्य न्यूज18

पत्रकारों में शोक की लहर, नई पीढ़ी को देते थे सीखने का मौका, जिंदादिली के लिए हमेशा याद किए जाएंगे

पटना के पत्रकारों को जैसे ही पता चला कि विनायक विजेता जी उनके बीच नहीं रहे, सभी की आंखें नम हो गईं। हर एक ने उनके साथ बिताए समय को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। हिंदुस्तान अखबार में काम करनेवाले वरिष्ठ पत्रकार चंदन द्विवेदी ने बताया कि विनायक भईया से बहुत कुछ सीखने को मिला। वे बेहतरीन इंसान के साथ-साथ कलम के धनी भी थे।  हंसने-हंसाने वाले जिंदादिल लोग अब हैं ही कितने। अपराध की रिपोर्टिंग में गजब की पकड़ थी।

उनकी असंख्य स्मृतियां, अंतहीन किस्से हमेशा जिंदा रखेगी उन्हें, आपको भूलाना आसान नहीं

उनकी ये अंतिम तस्वीर कह सकते हैं जब वो अपने 51वें जन्म दिवस पर फेसबुक वॉल पर पोस्ट कर कुछ अच्छे संदेश लिखे थे। फाइल फोटो। मौर्य न्यूज18 ।

अपने जन्म दिवस 1 दिसम्बर 2020 को अपने फेसबुक वॉल पर जो संदेश लिखा था उसे आपके सामने हू-ब-हू रख रहा हूं पढिए आप भी ।

इतनी शक्ति हमें देना दाता……

कल यानी 1 दिसम्बर को मैंने अपने जीवन की अर्धशतकीय पारी पूरी कर 51वें वर्ष में प्रवेश कर रहा हूं। जीवन की इस अर्धशतीय पाली के बीच सुख- दुख के साथ कई झंझावातों से भी गुजरना पड़ा। कुछ अच्छे मित्र और शुभचिन्तक कुछ कारणों से मझसे विमुख भी हुए जिसके लिए मैं अपनी ही गलती माता हूं और ऐसे लोगों से वादा करता हूं कि जल्द ही उनकी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी। अपने मित्रों और शुभचिन्तकों की हौसला-आफजाई और बड़े-बुजुर्गो के आर्शीवाद से मैंने हर परिस्थितियों का डटकर समाना किया। जब भी कोई विकट परिस्थिति आती परम श्रद्वेय पं. आचार्य स्व. श्री राम शर्मा यह उक्ति हमारा साहस बंधाती कि ‘मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं बल्कि वह उसका निर्माता, नियंत्रणकर्ता और स्वामी है।’आगे भी अभी काफी चुनौतियां शेष हंै, पर भगवान से यही प्रार्थना है कि ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना। हम चलें नेक रस्ते पर हमसे भूलकर भी कोई भूल हो ना।।’ सभी बड़े जनों, अभिभावकों, शुभचिन्तक-गणोें और मित्रों का तहे दिल से आभार जिनका आशीर्वाद, स्नेह और साथ हमें समय-समय पर मिलता रहा! – विनायक विजेता।

2009 से लेकर 2020 तक की असंख्य स्मृतियां उनसे जुड़ी हुई हैं। अंतहीन किस्से हैं। पत्रकारिता के आरंभिक दिनों में साथियों का इतना उत्साहवर्धन अब करता ही कौन है। पत्रकारिता के शिशुत्व काल में हर छोटी-बड़ी रिपोर्ट लिखने पर फोन करके शाबासी देना मुझ जैसे कई नये नवेले रिपोर्टर को आजीवन याद रहेगा। अभी आपको नहीं जाना चाहिए था। अभी साथ बैठना था। अभी होली पर आपसे फगुआ सुनना था। अभी हंसी-ठिठोली करनी थी। कई इच्छाएं अधूरी रह गईं। आपकी कमी कभी पूरी न होगी।

इस तरह आप याद किए जाते रहेंगे, सुनिए आपके बारे में कौन क्या कह रहा

मित्रता, पत्रकारिता, अपनत्व की दुनिया में आपके चले जाने से बनी यह रिक्तता तब तब बहुत सालेगी जब कोई रंग गुलाल उड़ाएगा। जब कोई महफ़िल जमेगी। जब-जब ठहाके गूंजेंगे आपकी कमी हमारी आंखें नम करती रहेंगी। मैं भैया को नमन करता हूं। ईश्वर आपको अपने श्रीचरणों में जगह दें।

जदयू के वरिष्ठ नेता नवल शर्मा ने बताया कि विनायक विजेता पत्रकार होने के साथ ही एक खुशमिजाज इंसान भी थे। हर फ्रिक को धुएं में उड़ा दिया करते थे। क्राइम के अलावे राजनीति की खबरों की भी उन्हें काफी समझ थी। सामाजिक विषयों में भी गहरी रुचि रखते थे। मेरा उनसे वर्षों पुराना संबंध था। फोन पर अक्सर बातें हुआ करती थीं। ऐसे इंसान का इतना जल्दी चले जाना न सिर्फ पत्रकारिता जगत के लिए बल्कि समाज के लिए भी दु:ख की बात है। दिवंगत आत्मा को मैं नमन करता हूं और अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

मौर्य न्यूज 18 भी अपनी ओर से विनायक विजेता को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ईश्वर दु:ख की इस घड़ी में उनके परिजनों को साहस दें और दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।

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