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जिसने पौधों के लिए झोंक दी जिंदगी

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देश-दुनिया में कहलाते हैं फादर ऑफ ट्री !

बाबा सेवा सिंह की संस्था निशान-ए-सिखी ने 128 किमी लंबी 7 सड़कों के किनारे 25600 पौधे रोपे 

पर्यावरण के प्रति प्रेम देख 2010 में उन्हें पद्मश्री दिया गया

मौर्य न्यूज18 !

अमृतसर (पंजाब) !

लाइफ में हर कोई अपनी जिंदगी के बारे में सोंचता है। और ताउम्र उसी जुगत में लगा रहता है। लेकिन अपने देश में एक ऐसे शख्स हैं जो अपनी पूरी जिंदगी वृक्षों को जीवन देने और उनकी सेवा में झोंक दी। पिछले 20 साल में चाल लाख पेड़ खुद ही लगाए और उसकी सेवा भी कर रहें हैं। उनके इस लगन को देखते हुए अब उन्हें देश-दुनिया में फादर ऑफ ट्री यानि पेड़ के पिता का दर्जा दिया गया है। और यही उनकी पहचान बन गई है। नाम है बाबा सेवा सिंह। जानिए पूरी रिपोर्ट।

 तरनतारन से खडूर साहिब का रुख करते ही हरे-भरे पेड़ आपका स्वागत करते हैं। खडूर साहिब को अलग-अलग दिशाओं से जाने वाली 7 सड़कों के दोनों तरफ लगे ये पेड़ पद्मश्री बाबा सेवा सिंह की 20 बरस की मेहनत का नतीजा है। बाबा सेवा सिंह को इसकी प्रेरणा अपने एक प्रण और गुरबाणी में गुरु साहिबान की ओर से दिए गए संदेश से मिली। 2004 में गुरु अर्जन देव का 500वां प्रकाश पर्व था। इससे 5 साल पहले, 1999 में बाबा सेवा सिंह की संस्था निशान-ए-सिखी ने प्रकाश पर्व की तैयारियां शुरू की तो संगत से पूछकर 5 प्रण लिए। इनमें पर्यावरण बचाने का प्रण भी था। 20 साल बाद बाबा सेवा सिंह के लगाए 4 लाख पौधों में ज्यादातर पेड़ बन चुके हैं। इसी वजह से बाबा सेवा सिंह को ‘फादर ऑफ ट्री’ कहा जाता है।

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चार एकड़ की नर्सरी में एक लाख पौधे तैयार

तरनतारन, जंडियाला, रईया और खिलचियां से खडूर साहिब को जाने वाली 128 किमी लंबी 7 सड़कों के किनारे बाबा सेवा सिंह और उनके सेवादारों ने 25600 पौधे लगाए थे, वे पेड़ बन चुके हैं। वह ब्यास-अमृतसर हाईवे के किनारे भी पेड़ लगा रहे हैं। पर्यावरण के प्रति उनके प्रेम को देखते हुए 2010 में उन्हें पद्मश्री दिया गया। उन्हें राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र भी बुलाया गया। अब तक बाबा सेवा सिंह 4 राज्यों के 450 किमी में 4 लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं। वह कहते हैं, ‘पौधे लगाना मुश्किल नहीं है। मेहनत उसे बड़ा करने में है।’ इसी सोच के साथ उन्होंने खडूर साहिब में 4 एकड़ में नर्सरी बना रखी है, जहां हर समय एक लाख से अधिक पौधे तैयार रहते हैं।

बाबा को ये सब करने में कई तरह की परेशानियों का समाना भी करना पड़ा लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अब भी लगे हैं पेड़ों की सेवा करने में। देश में पर्यावरण की बिगड़ती हालत में बाबा हम सब के लिए प्रेरणा के श्रोत बनकर उभरे हैं।

मौर्य न्यूज18 की खास रिपोर्ट।

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