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बिहार की एक बिटिया ऐसी भी…!

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प्रधानमंत्री करेंगे पुरस्कृत, गोपालन में देशभर में नाम कमाया, पेश की मिसाल

बांका, बिहार। मौर्य न्यूज18 ।

बिहार की बेटी कमाल कर रही है। हर फिल्ड में कमाल। पढ़ाई लिखाई के बाद अब बिजनेस में भी लोहा मनवाया है बिहार की बिटिया ने। आज हम ऐसी ही बिटिया की कहानी लेकर आए है आपको बताने।

बिहार की इस बिटिया का नाम है सविता। रहने वाली है बांका जिले की अमरपुर से सिझुआ गांव की। इसने गोपालन में ऐसा उम्दा काम कर दिखाया है कि प्रधानमंत्री पुरस्कृत करने वाले हैं।

दरअसल, सविता ने एक गाय से दस गाय कर ली है और करीब 300 लीटर दूध रोजना बेचती है। गोपालन की इस अनोखी पहल को देश काफी सराह रहा है। इस कार्य के लिए 16 जुलाई को नई दिल्ली के न्यू ऑडिटोरियम एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय कृषि पुरस्कार के लिए चयन किया गया। उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। कल तो जो महिला गोपालन कर बेहतर दुग्ध उत्पादन की उपाधि पाकर नाम कमा रही थी, वे आज पूरे देश के लिए मिसाल बनने जा रही हैं। 

प्रधानमंत्री के हाथों पुरस्कृत होने की घोषणा के साथ ही रविवार को अधिकारियों का दल उनके घर पहुंचने लगा। अब जिले भर से लोग अब उनके घर पर गोपालन के गुर सीखने पहुंचने लगे हैं। सविता बताती है कि वे अपने डेयरी से 70 से 80 लीटर दूध समिति के माध्यम से सुधा डेयरी को दे रही हैं। लंबे समय से वे इस कार्य को कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार रही हैं। सविता बताती है कि उन्होंने बहुत ही मुश्किल दौर में 2007 में गोपालन शुरू करना चाहा। तब 18 हजार रुपए में किसी प्रकार से एक गाय खरीदी, फिर कड़ी मेहनत कर मुनाफा कमाया। 

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आज सविता अपनी डेयरी में 10 गाय एवं दस बछड़े रखती हैं। बताया कि इसी वर्ष अप्रैल में उन्होंने बांका, भागलपुर, जमुई और मुंगेर जिला के दुग्ध समिति संघ में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अभी वर्तमान में वह प्रतिदिन समिति के माध्यम से सुधा डेयरी को 3 सौ लीटर दूध देती हैं। प्रति वर्ष पांच से छह लाख रुपए की आय हो रही है।

 डेयरी के साथ-साथ बना रखा है किचनगार्डन

सविता सिर्फ गोपालन ही नहीं कर रही है, अपनी दो एकड़ जमीन पर डेयरी के साथ-साथ कई कृषि कार्य भी करती हैं। इससे उन्हें गाय को देने के लिए हरा चारा के लिए भटकना नहीं पड़ता है। उन्होंने गाय को पौष्टिक तत्व की कमी न हो, इसके लिए हरा चारा के तौर पर घास के भी कई प्रकार को डेयरी परिसर में ही लगा रहा है। इसमें मशरुम, साग, भिंडी, गोभी सहित अन्य प्रकार की सब्जी के साथ-साथ गाय को हरा चारा देने के लिए अजोला घास, नेपियर घास भी है। उनकी गायों को कभी भी पौष्टिकता की कमी नहीं होती है।

सविता के इस कार्य से बिहार के लोग काफी गौरवांन्वित महसूस कर रहे हैं। ऐसी बिटिया को मौर्य न्यूज18 का सलाम।

मौर्य न्यूज18 की खास रिपोर्ट

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