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राजस्थान में राज अशोक का और नीति सचिन की…सुनिए और क्या बोले योगी प्रकाशनाथ ! Maurya News18

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धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है…की राह पर राजस्थान पॉलिटिक्स !

नयन, नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18 ।  

चलिए चलते हैं राजस्थान । और देखते हैं नये रूप रंगवाली पॉलिटिक्स को। जिसमें राज अशोक का है, नीति सचिन की। कुछ इसी अंदाज में बढ़ता राजस्थान। आपने एक गाना सुना होगा। धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है…फिर हद से गुजर जाना है। हद यहां भी हुई। और एक हद और भी होने वाली है। आप बात समझ रहे होंगे। अगर नहीं समझ रहे तो चलिए मिलवाते हैं एक योगी से जिनका नाम है योगी प्रकाशनाथ । योगी से इसलिए मिला रहा हूं कि किसी पॉलिटिसिय़न से कुछ पूछा जाएगा तो वो प़ॉलिटिक्स ही करेगा। सो, मौर्य न्यूज18 ने योगी प्रकाशनाथ से बात की कि अब क्या कहती है राजस्थान की पॉलिटिक्स।

योगी प्रकाशनाथ ।

आप सोंच रहें होंगे हमने योगी प्रकाशनाथ से ही इस संबंध में बात क्यों की, तो चलिए हम बताते हैं। आप यदि राजस्थान से हैं तो आपको पता होगा कि यहां एक योगी हैं, जिनका नाम है योगी प्रकाशनाथ। और रूद्रवाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। जिसने भगवान पशुपतिनाथ का विश्वस्तरीय मंदिर निर्माण का संकल्प लिया है। जिसकी शुरूआत भी कर दी गई है।

अब ये सब किसी राज्य के राजा और वहां की प्रजा पर भी निर्भर करता है कि इस काम के लिए राजा औऱ प्रजा का कैसा सहयोग मिल रहा है। सो, हमने पूछ लिया— कैसे हैं राजस्थान के राजा और कैसी है यहां कि राजनीति।  

योगी प्रकाशनाथ कहते हैं कि प्रकृति संवारने के लिए धौलागढ़ आश्रम से वृक्षारोपण महायज्ञ कर रहा हूं । राजा को संवारने के लिए उनकी जनता है। मैं तो योगी हूं। लेकिन वर्तमान में राजस्थान की जो राजनीति  है उसमें कह सकता हूं कि राज अशोक गहलौत की है औऱ नीति सचिन पायलट की चल रही है। बांकी जनता सब देख ही रही है।

वृक्षारोपण करते योगी प्रकाशनाथ मौर्य न्यूज18 ।

हमने उनसे अगला सवाल भी दागा। ठीक है जनता देख रही है लेकिन एक योगी जो राजस्थान में बड़े संकल्प के साथ बैठा है। जिसके दरबार में राज औऱ नीति दोनों आकर गाहे-बगाहे टकराते हैं। ऐसे में एक योगी क्या कहेगा यहां की राजनीति के बारे में।

योगी प्रकाशनाथ कहते हैं…सही है हमसे राज करने वाले औऱ नीति निर्धारित करने वाले दोनों टकराते हैं..लेकिन प्यार से। इसलिए मैं तो यही कहूंगा कि धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है और हद से गुजर जाना है…वाली पॉलिटिकस राजस्थान में हो रही है। जो काफी सुखद भी है।

लेकिन जो बीते समय में हुआ उसका क्या।

कहने लगे बीती बातों को भूलना ही सबसे बेहतर होता है। आगे-आगे सब प्यार से हो ये जरूरी है। पार्टी पॉलिटिक्स में टकराव एक रणनीति का हिस्सा है। चाहे ये पार्टी करे या वो पार्टी करे। हमारे लिए या इस आश्रम के लिए या ये कहिए कि एक योगी के लिए राजा और रंक सभी समान होते हैं।

बात चली तो हमनें ये भी पूछ ही लिया कि योगीजी यदि सब बेहतर ही था तो ये उठा पटक क्यों। आगे फिर उठापटक ना हो इसकी क्या गारंटी।

योगी प्रकाशनाथ कहने लगे – एक शब्द है “हाय” ! यदि आप इंसानी प्रवृति के खिलाफ कुछ करेंगे, किसी ईमानदार इंसान को सताएंगे तो आपको उसकी हाय लगेगी ही।

अच्छा तो आप ये कहना चाह रहे कि किसी की हाय की वजह से ये उठा पटक हुई है।

कहने लगे मैं ये दावे के साथ नहीं कह सकता लेकिन जब राजा, सत्ता और जनता के रखवालों के बीच उठापटक होती है तो निश्चिततौर पर किसी ईमानदार की हाय का नतीजा भी एक बड़ा फैक्टर है…वो इंसान जनता के बीच का भी हो सकता है…राजनेता भी हो सकता है…ऑफिसर भी हो सकता है। कोई भी हो सकता है।

अच्छा ये बात है ! तो योगीजी इसका कोई उदाहरण या कोई ऐसी बात बता सकते हैं …जिससे हाय वाली बात पता चले।

योगीजी कहते हैं विल्कुल बता सकते हैं। कई उदाहरण हैं…मसलन, पार्टी स्तर पर ही बताता हूं एक नेता हैं, जो पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं…नाम है दिनेश खोडनिया। ये जिलाध्यक्ष जरूर हैं लेकिन राजस्थान को चलाने वाले राजनेता भी जानते हैं कि पार्टी और सत्ता की मजबूती के लिए इन्होंने कितने दम-खम लगाए। इनके किए को पार्टी के शीर्ष नेता भी तारीफ करते नहीं थकते। लेकिन पॉलिटिक्स में कहते हैं ना, गंदगी आ ही जाती है। ऐसे लोग अब भी साइड में हैं।

योगी प्रकाशनाथ के साथ पूर्व मंत्री कांग्रेस लीडर रघुवीर सिंह मीणा । मौर्य न्यूज18 ।

दूसरा एक और उदाहरण देता हूं … पूर्व सांसद है, पूर्व मंत्री हैं, नाम है रघुवीर मीणा। राष्ट्रीयस्तर के नेताओं को भी पता है कि राजस्थान के लिए रघुवीर मीणा क्या हस्ती हैं। दक्षिण राजस्थान के कद्दावर लीडर हैं। जनता हाथों-हाथों लेती है इनको। पार्टी चाहती तो इन्हें राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष बना सकती थी। लेकिन हुआ क्या, सबके सामने है। आपको बता दूं कि मैं योगी हूं लेकिन जनहित औऱ राष्ट्रहित की बात करना भी हमारा धर्म है। राजनीति में राजा का भी धर्म होता है। लेकिन जब आप धर्म नहीं निभाएंगे तो अनहित होंगे। अनहोनी होगी। कुर्सी डगमगाएगी।

योगी प्रकाशनाथ यहीं नहीं रूके, बोले सुन लीजिए – जब हाय की बात आपने पूछी है तो एक और उदाहरण दे रहा हूं। पूरा देश कोरोना से पीड़ित है। एक वक्त ऐसा भी था कि कोरोना संकट से कैसे निपटे किसी का दिमाग काम नहीं कर रहा था, उस समय भिलवाड़ा के जिलाधिकारी राजेन्द्र भट्ट थे। एक आईएएस ऑफिसर ने इस तरह के संकट की बेला में ऐसा कमाल कर दिखाया कि पीएम मोदी तक भिलवाड़ा मॉडल की तारीफ करने लगे। देशभर की मीडिया में भिलवाड़ा मॉडल की चर्चा होने लगी। इसे अपनाने के लिए सभी अधिकारी औऱ अन्य राज्यों की सरकार इस अधिकारी से संपर्क करने लगे। लेकिन अब आप पूछिए..ये ऑफिसर राजेन्द्र भट्ट कहां हैं। इनको राजस्थान के राजनेताओं ने कौन सा इनाम दिया। तो पता चलेगा कि अभी राजा वही हैं…ऑफिसर वहीं हैं लेकिन पोस्टिंग सेंटिंग वाली है।

भीलवाड़ा के तत्कालीन जिलाधिकारी राजेन्द्र भट्ट । फाइल फोटो ।

जिलाधिकारी पद से हटा दिया गया औऱ सेंटिंग पोस्ट में धकेल दिया गया। अब आप ही बताइए कि कोई ऑफिसर ईमानदारी से अपनी जान जोखिम में डालकर क्यों काम करेगा। करना ही होगा तो आपकी जी हुजूरी कर लेगा। मलाई वाला पोस्ट मिलता रहेगा।

मैंने ये उदाहरण इसलिए रखा कि ऐसे ईमानदार लोगों को आप पुरस्कृत नहीं कर सकते तो कम से कम तिरस्कृत भी तो ना करिए, नहीं तो हाय लगेगी ही।

हो सकता हैं राजस्थान की धरती को, राजस्थान की मिट्टी को पसंद ना आई हो राजा की ये करतूत । आप यहां समझिएगा कि मैं ये कह रहा हूं कि हो सकता है ये भी एक कारण हो हाय लगने का, उठापटक होने का। लेकिन यही कारण रहा हो ऐसा मैं नहीं कह रहा।  इस फर्क को समझिएगा।

बात इतनी गहराई तक पहुंच गई तो हमने योगीजी से एक सवाल और दागा…मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का अनुभव या सचिन पायलट का जोश कौन किसपर भारी पड़ा।

योगी प्रकाशनाथ कहने लगे। सब पर भारी वक्त पड़ा। वक्त से बड़ा बलवान कोई नहीं है। सचिन अभी युवा हैं। अनुभव की कमी जरूर होगी। लेकिन जब कोई ये कहता है कि मैं सच्चाई के लिए आवाज बुलंद करूंगा तो बड़ों का अनुभव भले उसकी आवाज को दबा दे लेकिन जनता सब समझती है। यहां मैं एक योगी होने के नाते यही कहूं कि ना ही यहां कोई विजय हुआ है, ना ही कोई पराजय । सच कहूं तो राजस्थान की जय हुई है। जनता की जय हुई है। क्योंकि जनता ने सत्ता में उठापटक के लिए किसी को नहीं चुना ….लेकिन इतना तो तय है कि सचिन देखन में छोटन लगे लेकिन घाव करे गंभीर वाली स्थिति तो पैदा कर ही गए।

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नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 की नयन की रिपोर्ट ।

Nayan Kumarhttp://www.mauryanews18.com%20
MANAGING EDITOR MAURYA X NEWS18 PVT LTD . #March 2019 to till now ------- #20yrs Experience field of Journalism, #Mass Com - Print Media & Electronic Media #Former Sr. Subeditor, Dainik Jagaran, India's No-1 Hindi Daily News Paper, Patna, Bihar, 12 April 2000 -March2008 #Former Channel Co-Ordinator, Maurya Tv, Patna, Bihar/Jharkhand, April 2008 - March 2013 Channel Co-Ordinator, Zee Bihar/Jharkhand news from march 2013- march2014 #Editor, Ommtimes.com news portal, Patna, Bihar, April 2014 - AuG2018 #Former Editor, Maurya News, news Portal, Sept.2018-Feb2019

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