Google search engine
शनिवार, जून 19, 2021
Google search engine
होमSTATE‘व्याकुलता’ से आसन की मर्यादा हुई तार-तार, मंत्री ने मांगी माफी। Maurya...

‘व्याकुलता’ से आसन की मर्यादा हुई तार-तार, मंत्री ने मांगी माफी। Maurya News18

-

Maurya News18, Patna

Political Desk

मंत्री सम्राट चौधरी की व्याकुलता और विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा की आक्रामकता की वजह से बुधवार को आसन की मर्यादा तार-तार हो गई। हालांकि बाद में पंचायतीराज मंत्री सम्राट चौधरी ने अपने कथन पर खेद जताया और कहा कि आसन के सम्मान को ठेस पहुंचाने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मंत्री परिषद के एक सदस्य के बयान से आसन के सम्मान को ठेस पहुंचा है, ऐसा भविष्य में नहीं होना चाहिए। सरकार की ऐसी मंशा कभी नहीं थी। उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्री को भी इस घटना पर दुख है। 

क्या है पूरा मामला

दरअसल, हुआ यूं कि पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को सदन में विधायक विनय बिहारी के सवाल का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें टोक दिया। विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने सम्राट चौधरी को कहा कि उनके विभाग से ऑनलाइन जवाब पूरे दाखिल नहीं हुए हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि उन्होंने 16 में से 14 सवालों के जवाब दे दिए हैं। 

अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि उनके विभाग द्वारा सुबह 9 बजे तक सभी जवाब मंगा लिए जाते हैं। उस समय तक 16 में से 11 जवाब ही आए थे जो कि 69 फीसदी होते हैं। विधानसभा अध्यक्ष का जवाब सुनकर मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि व्याकुल नहीं होना है, आप दिखवा लीजिए। फिर सभाध्यक्ष ने व्याकुल शब्द को वापस लेने की बात कही तो मंत्री बोले कि ऐसे सदन नहीं चलेगा, व्याकुल होने की जरूरत नहीं है। इस पर सभाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा

हालांकि 12 बजे भी सदन की कार्यवाही शुरू करने विधानसभा अध्यक्ष नहीं आए तब सभापति नरेंद्र नारायण यादव ने कार्यवाही शुरू की। 

सम्राट चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा के बीच तीखी नोंक-झोंक पर विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया। नेता-प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं काफी मर्माहत हूं। बिहार में सत्ता पक्ष और मंत्री सदन की गरिमा और आसन की महत्ता को तार-तार कर रहे हैं। सरकार के एक भाजपाई मंत्री अध्यक्ष महोदय की तरफ अंगुली उठाकर कह रहे हैं कि व्याकुल मत होईए। ऐसे सदन नहीं चलेगा। कैसे-कैसे लोग मंत्री बन गए है जिन्हें लोकतांत्रिक मर्यादाओं का ज्ञान नहीं ?

राजद विधायक राहुल तिवारी ने कहा कि सम्राट चौधरी को विधानसभा अध्यक्ष से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें मंत्री पद से हटाना चाहिए। साथ ही सम्राट चौधरी की सदस्यता भी समाप्त कर देनी चाहिए। विधायक-विधायक में तू-तू मैं-मैं हो तो समझ में आता है। लेकिन अध्यक्ष से तू-तू मैं-मैं सही नहीं है यह गलत है। पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।

ALSO READ  पर्यावरण की रक्षा हेतु पौधे अवश्य लगाएं : लक्षमण गंगवार

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Must Read

बिहार में पंचायत चुनाव : रहिए तैयार, आयोग EVM जुटाने में...

कोरोना की धीमी लहर के बाद राज्य निर्वाचन आयोग के काम करने की रफ्तार तेज अनुमान दो-तीन माह में चुनाव कराने पर चल रहा विचार बाढ़...

दिल्ली – आखिर जमानत मिल ही गई ।