Global Statistics

All countries
230,278,519
Confirmed
Updated on Wednesday, 22 September 2021, 07:36:37 IST 7:36 am
All countries
205,274,336
Recovered
Updated on Wednesday, 22 September 2021, 07:36:37 IST 7:36 am
All countries
4,721,632
Deaths
Updated on Wednesday, 22 September 2021, 07:36:37 IST 7:36 am
होमजीवन मंत्रक्या बच्चा भी हो रहा है चिड़चिड़ा और गुस्सैल? Maurya News 18

क्या बच्चा भी हो रहा है चिड़चिड़ा और गुस्सैल? Maurya News 18

-

Patna ,Health Tips ,Maurya News 18

बच्चों में गुस्सैल स्वभाव को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

  • बच्चों में चिड़चिड़ापन और उनके गुस्सैल स्वभाव को अनदेखा नहीं करना चाहिए। कई माता-पिता को लगता है कि वक्त के साथ बच्चों की यह आदत अपने आप चली जाएगी लेकिन कई सर्वे के मुताबिक बच्चों में यह आदत आगे जाकर और बड़ी बन सक सकती है।वहीं, कभी-कभी यह आदत उनके व्यक्तित्व का हिस्सा भी बन सकती है।ऐसे में आप अगर छोटे बच्चों के माता-पिता हैं, तो आपको कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए।
  • मनोचिकित्सक कहते हैं, माता-पिता को बच्चे की गलत आदतों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उसके कारणों को जानने की कोशिश करनी चाहिए। संभव है कि खेलकूद न कर पाने या स्कूल में कोई विषय न समझ आने के कारण या फिर दोस्तों के बीच झगड़ा व नाराजगी के कारण बच्चा चिड़चिड़ा व्यवहार कर रहा हो।  माता-पिता की अटेंशन पाने के लिए भी बच्चा छोटी बातों पर गुस्सा होने लगता है। 

कैसा रखें अपना व्यवहार

  • बच्चों को ज्यादा से ज्यादा खेलकूद और बाहरी एक्टिविटीज में व्यस्त रखना जरूरी होता है। बच्चे को डांस या आर्ट क्लास में भेज सकते हैं। समय-समय पर  उन्हें आउटडोर गेम्स खेलने के लिए बाहर ले जाना भी अच्छा है। इससे बच्चे की अतिरिक्त शारीरिक ऊर्जा व्यय होगी और आत्म अभिव्यक्ति व सामाजिक व्यवहार की समझ भी विकसित होगी।
  • -बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रखना जरूरी है। नियमित रूप से उसकी स्कूल टीचर से  मिलते रहें। इससे बच्चे के व्यवहार को समझने में मदद मिलेगी। टीचर को वजह बताते हुए बच्चे को आगे वाली सीट पर बिठाने का अनुरोध भी कर सकते हैं। यदि बच्चे को ब्लैकबोर्ड पर कुछ लिखने के काम या किताबों को दूसरे बच्चों में वितरित करने में व्यस्त रखा जाए तो उनकी हाइपरएक्टिविटी पर काबू पाया जा सकता है।
  • -बच्चा यदि ज्यादा हाइपरएक्टिव है तो बच्चे की  मन:स्थिति का विश्लेषण करने के लिए मनोरोग विशेषज्ञ की सलाह लें। हाइपरएक्टिव बच्चों के लक्षण एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसॉर्डर) से काफी मिलते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों में एडीएचडी की समस्या 3-7% तक देखी गई है। इससे न केवल बच्चे के आत्मसम्मान पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि आसपास के लोगों के साथ उनके संबंध  भी प्रभावित होते हैं। एडीएचडी एक दिमागी जैविक बीमारी है, जिसका इलाज दवाओं द्वारा किया जा सकता है। ऐसे में बच्चे को विशेष रूप से शिक्षा तथा थेरेपी दी जाती हैं, ताकि बच्चा अपने क्रोध व अतिसक्रियता पर नियंत्रण करना सीख सके।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Must Read

केन्द्रीय मंत्री पशुपति पारस को किसने दी धमकी. मचा है बवाल...

कुमार गौरव, पूर्णिया, मौर्य न्यूज18 । केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस को फोन पर जान से मारने की धमकी एवं अभद्र भाषा...

Avast Antivirus Assessment – Can it Stop Pathogen and Spyware and adware Infections?

Kitchen Confidential by simply Carol K Kessler

Top rated Features of a business Management System

How Does the Free of charge VPN Software Help You?

Finding the Best Mac Anti virus Software