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पटना के डाकबंगला चौराहे पर लालू की तस्वीर को लेकर हांफते दिखे तेज प्रताप और रीतलाल यादव, देखिए वीडियो। Maurya News18

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Maurya News18, Patna

Political Desk

पटना का डाकबंगला चौराहा मंगलवार को करीब दो घंटे तक रणक्षेत्र में तब्दील रहा। पुलिस ने राजद कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां भांजी। विधानसभा मार्च के दौरान सड़क पर RJD कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भिड़ंत हो गई।

इस दौरान तेज प्रताप यादव अपने पिता व राजद सुप्रीमो लालू यादव की तस्वीर हाथ में उठाए हुए दिखे। वे शायद तस्वीर के माध्यम से कार्यकर्ताओं को कुछ मैसेज देना चाह रहे थे। लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी और इतना शोरगुल हो रहा था कि उनकी आवाज कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंच रही थी। इस दौरान तेज प्रताप यादव के साथ दानापुर के राजद विधायक रीतलाल यादव भी दिख रहे थे। तस्वीर में दोनों नेताओं के चेहरे पर टेंशन साफ देखी जा सकती है।

कहा जा रहा है कि भगदड़ के दौरान तेजस्वी यादव को भी चोट लगी है। राजद नेताओं का कहना है कि उनके पैर में चोट आई है। बाद में राजद कार्यकर्ताओं ने उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया। वे हेलमेट पहने हुए भी दिखे।

तेजस्वी-तेजप्रताप के नेतृत्व में राजद ने बेरोजगारी, महंगाई, राज्य में बदतर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ विधानसभा मार्च निकाला। मार्च के दौरान डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और राजद कार्यकर्ताओं के बीच जमकर भिड़ंत हुई। दोनों तरफ से चली पत्थरबाजी में पुलिस के कई जवान और पत्रकार भी घायल हुए।

राजद कार्यकर्ताओं ने गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की। चश्मदीदों का कहना है कि राजद के कार्यकर्ता झोला में पत्थर और ईंट के टुकड़े भरकर लाए थे। हंगामे के कारण डाकबंगला चौराहे पर करीब 2 घंटे तक अफरातफरी की स्थिति रही। शहर के कई हिस्सों में जाम लग गया। इसमें कई एंबुलेंस भी फंसे रहे।

लाठीचार्ज के बाद भी राजद कार्यकर्ता जब शांत नहीं हुए तो पुलिस ने गिरफ्तारी शुरू की। कार्यकर्ताओं को बस से भर कर कोतवाली थाना लाया गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और तेजप्रताप सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी।

प्रदर्शन के दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने पुलिस को धमकी भी दी। कार्यकर्ता बोल रहे थे कि जाने दीजिए नहीं तो आप चक्कर में पड़ जाएंगे।

सरकार पुलिस से जुड़ा काला कानून सामने लाने जा रही है। हमलोग सदन के अंदर और बाहर दोनों ही जगह इसका बहिष्कार करेंगे। यह कानून फाड़ने लायक है। इससे मजिस्ट्रेट का कोई मतलब नहीं रह जाएगा और बिना वारंट के पुलिस धर-पकड़ कर सकेगी। इसलिए इसका हम विरोध कर रहे हैं।

इधर, सहायक पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि बिना अनुमति के विधानसभा मार्च का आयोजन किया गया था, लिहाजा सभी पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है।

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