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बिहार : एनकाउंटर स्पेशलिस्ट वीके सिंह अब कहां हैं औऱ क्या कर रहे..जानिए आप भी । Maurya News18

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जनता के चहेते और अपराधियों के लिए खौफनाक नाम थे खाकी बर्दी वाले वीके सिंह।

खास मुलाकात : वीके सिंह, पूर्व पुलिस उपाधीक्षक, बिहार । मूलवासी- रसलपुर गांव, मोहद्दीनगर, समस्तीपुर

नयन, नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18।  

किसान परिवार में जन्मे। पढ़ाई की। पुलिस सेवा में इंट्री मिली। खाकी बर्दी पहनी। इंस्पेक्टर बने। फिर डीएसपी बने। रिटायर हुए। दुर्दांत से दुर्दांत अपराधियों के बीच खौफ। जनता के बीच के हीरो। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट। बहादुरी औऱ साहस ऐसी की राष्ट्रपति ने गेलेन्ट्री अवार्ड से नवाजा। अब जनता के बीच सेवा भाव से गांव-गांव घुमते हैं। संवैधानिक तरीके से जनता की सेवा में खुद को झोंका हुआ है।

ऐसे शख्स से क्या आप मिलना नहीं चाहेंगे। तो चलिए मिलवाते हैं …

मैं हूं नयन और आप हैं मौर्य न्यूज18 के साथ। हमारे साथ हैं… रिटायर डीएसपी बीके सिंह ।

वीके सिंह बिहार से हैं। समस्तीपुर जिले के मोहद्दीनगर के ग्राम रसलपुर  से आते हैं। पुलिस अधिकारी रहते ऐसी हनक थी कि अपराधियों को सपने में भी बीके सिंह आ जाएं तो नींद उड़ जाती थी। कितने अपराधी एनकाउंटर में डेर हो गए। कितनों ने इलाका छोड़ दिया। आम जनता को धमकाने और डराने वालों की खैर नहीं थी। ऐसे बहादुर शख्स रिटायर डीएसपी बीके सिंह से आपको मिलवा रहा हूं। नई दिल्ली में मौर्य न्यूज18 से खास मुलाकात हुई, बहुत सारी बीतें हुईं । ऐसे बहादुर पुलिस अधिकारी अब आगे का क्या पलान किया हुआ है। किस तरह से अपने को समाज औऱ जनता की सेवा में लगाया हुआ है आपको भी जनना चाहिए। पेश है बातचीत की खास रिपोर्ट।

समस्तीपुर जिले में जब बतौर इंस्पेक्टर पोस्टिंग हुई फिर क्या हुआ..। जानिए । 

90 के दशक में जब अपराध चरम पर था, बिहार के समस्तीपुर जिले में पोस्टेड थे, समस्तीपुर जिले के ही मोहद्दीनगर विधान सभा क्षेत्र में पड़ने वाले रसलपुर गांव के एक किसान परिवार का युवक इंस्पेक्टर बनकर आया था, और इस जिले में स्तिथि ये थी कि एक तरफ दुर्दांत अपराधियों का बोलबाला, राजनैतिक संरक्षण और आम जनता की मुझसे ढ़ेरों उम्मीदें कि अब अपना अपने-अपनों के बीच का युवक इंस्पेक्टर बनकर आया है तो बहुक कुछ करेगा। यही चुनौती थी हमारे लिए।

कहते हैं – उस वक्त समस्तीपुर जिले में अपराधियों की तूती बोलती थी, अपहरण, हत्या, लूट, डकैती से आम जनता आक्रांत थी, अपराधियों के खौफ से आवाज तक नहीं उठा पाती थी, अपराधियों को उस समय सत्ता में रहे राजनीतिज्ञों का संरक्षण प्राप्त था, पूसा थाना और पटोरी थाना क्षेत्र के अपराधी तांडव मचाए थे। इसी बीच इंस्पेक्टर बीके सिंह की थाने में पोस्टिंग होती है। फिर क्या था उन्होंने चुन-चुन कर अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। आम जनता के हित और क्षेत्र की जनता को सुकून भरी जिंदगी देने के लिए इंस्पेक्टर बीके सिंह ने अपराधियों को सलाखों में भेजना शुरू किया।

अपराधियों को मिलता रहा राजनैतिक संरक्षण फिर एनकाउंटर जारी रहा…

इस बीच राजनीतिज्ञ संरक्षण प्राप्त अपराधियों के बचाव में भी दवाब आते रहते लेकिन बीके सिंह किसी की एक नहीं सुनते और आम जनता के हित में अपराधियों को सैतना जारी रखा । इस क्रम में दुर्दांत अपराधियों ने उनपर हमला करने का दुसाहस भी किया लेकिन सबका मुकाबला करते हुए अपराधियों को ढेर करते गए। पूसा और पटोरी थाना क्षेत्र में ठिकाना बनाने वाले दुर्दांत अपराधियों को भी एनकाउंटर में मार गिया । इसी बीच उत्तर बिहार का एक कुख्यात अपराधी भी हत्थे चढ़ गया, जिसकी तूती बोलती थी, राजनेताओं से खूब कनेक्शन थे, लेकिन इंस्पेक्टर बीके सिंह ने उसका भी एनकाउंटर कर दिया। फिर तो जनता के बीच हीरो बन गए।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रपति वीरता पदक प्रदान करते हुए। साथ में तत्कालीन डीजीपी अभ्यानंद ।

फिर तो पूरे पुलिस महकमें में बाहवाही होने लगे। बिहार सरकार और केन्द् सरकार को जिले के एसपी ने पत्र लिखकर ऐसे बहादुर पुलिसिंग के लिए प्रशंसा की औऱ अवार्ड देने की अनुशंसा की। जहां जिस जिले में भी गए इसी हनक के साथ काम करते रहे। अपने पुलिस कप्तान और सरकार से ढेरों प्रशंसा पत्र औऱ मैडल पाते रहे। लेकिन खुशी का सबसा बड़ा पल वो था जब बहादुरी के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल ने वीरता का सर्वोच्य मैडल में एक गलेंट्री अवार्ड दिए। इस तरह एक बहादुर पुलिस की छवि लिए बीके सिंह की पोस्टिंग बेगूसराय, खगड़िया सहित उत्तर बिहार के कई जिलों में भेजा गया जहां अपराधियों का बोलबाला था, वहां भी कुख्यात से कुख्यात का एनकाउंटर करते चले गये। फिर तो पूरे बिहार में बीके सिंह का मतलब  एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बीके सिंह। अब डीएसपी बनकर खाकी से मुक्त हो चले हैं।

सवाल – खाकी की हनक तो जनता देख चुकी है अब आगे क्या करेंगे।   

कहते हैं… ये सच है कि खाकी की हनक को जनता देख चुकी है लेकिन जनता की सेवा का अवसर हमारे पास अब और भी है। थोड़ा तरीका बदलेगा। सबसे पहले तो ये बता दूं कि मोहद्दीनगर क्षेत्र मेरी जन्म और कर्म भूमि है, इसलिए यहां बालागछ की धरती को सलाम करते हुए… अपना सामाजिक जीवन प्रारंभ करना चाहूंगा। मेरा मकसद है, क्षेत्र का विकास हो, बालागछ का लाल जनता की सेवा में है, सामाजिक, आर्थिक विकास हो और इलाके में आपसी भाईचारा बनी रहे, गरीब-गुरबों को हमाशा न्याय मिलती रहे। इसी उदेश्य के साथ वर्षों से क्षेत्र के विकास का सपना लिए सामाजिक जीवन में जनता के बीच काम करना चाहता हूं।

संवैधानिक तौर तरीकों से मोहद्दीनगर विधान सभा क्षेत्र की जनता की सेवा करना चाहता हूं। वहां की जनता को भी पता है कि मेरे जैसे व्यक्ति क्षेत्र की सेवा के लिए आएंगे तो अपराधियों, विचौलिओं या गैरकानूनी काम करने वालों को कभी राजनैतिक संरक्षण नहीं मिल पाएगा और आम जनता के हित में तेजी से विकास होगा। कहते हैं मुझे उस इलाके के नश-नश के बारे में पता है कौन कहां क्या कर रहा है। और किसके साथ क्या किया जाए तो क्षेत्र का विकास होगा और जनता खुशहाल रह सकेगी।

अगर जनता की सेवा की बात है तब तो आप किसी राजनैतिक दल को भी अपनाएंगे। बिहार में चुनाव है, इसे देखते हुए ऐसी कोई योजना है क्या।

कहते हैं…देखिए जनता की सेवा करनी है। संवैधानिक तरीके से करनी है। इसके लिए किसी राजनैतिक दल को अपनाने की बात होगी तो जरूर अपनाउंगा। हां, जो राजनैतिक पार्टी राष्ट्रहित, देश की सुरक्षा और जनहित में काम करने का जजवा रखती है, उसी का हिस्सा बनना चाहूंगा। जनता की सेवा के लिए ऐसा कर सकता हूं। मौका और अवसर मिलने दीजिए। फिर आगे की बात होगी।

चलते-चलते – 

कुल मिलाकर रिटायर डीएसपी वीके सिंह से खास बातचीत से साफ है कि वो अब भी जनता के बीच रहकर ही अपनी सेवा कायम रखना चाहते हैं। वर्दी चाहे खाकी की हो या खादी की जनता सर्वोपरि है। अपनी जन्म भूमि औऱ कर्म भूमि मोहद्दीनगर क्षेत्र का विकास और सामाजिक दायित्व से पीछे हटे नहीं हैं। ऐसे में “मत चूको चौहान” वाली कहावत तो आपको पता ही है। इनके साथ भी वही बात है मौका मिला, पसंद की पार्टी मिली तो चुकेंगे नहीं। ऐसे “चौहान” के लिए अवसर क्या मोड़ लाती है देखना होगा।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।

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