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गुरूवार, जून 24, 2021
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बिहार ने एक विद्वान अधिवक्ता और पत्रकार “बालेश्वर बाबू” को खो दिया ! Maurya News18

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बिहार बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष के निधन से बाढ़ में शोक की लहर, पूरा बिहार दुखी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी शोक व्यक्त किया।

बिहार के सूचना जनसंपर्क मंत्री जदयू के नीरज कुमार औऱ पूर्व मंत्री भाजपा के सम्राट चौधरी ने भी दुख जताया।

बालेश्वर बाबू के दामाद बिहार के पोस्टमास्टर जनरल अनिल कुमार ने कहा- उनके निधन से सभी स्तब्ध है।

पटना, मौर्य न्यूज18 ।

वो बिहार के बाढ़ इलाके में जन्मे। स्कूल लाइफ में ही समाज सेवा में कूद पड़े। उच्च शिक्षा ली। पत्रकार बने। फिर वकालत में आए। अधिवक्ता बने। बाढ़ सिविल कोर्ट से पटना हाई कोर्ट तक पहुंचे। यहां काफी उच्चाई पर पहुंचे। काबिल अधिवक्ताओं में नाम शुमार हुआ। फिर हाई कोर्ट में बार काउंसिल के चेयरमैन बने। यहां जबतक रहे “बालेश्वर बाबू” एक प्रतिष्ठत नाम के तौर पर सबकी जुब़ान पर रहा। अब वो दुनिया छोड़ चुके हैं। उनका रविवार की देर रात पटना स्थित आवास पर निधन हो गया । इस सूचना से पूरा बिहार स्तब्ध है। दुखी है। उनकी जन्मभूमि बाढ़ में तो मातम सा है । शोक की लहर है। विद्वान अधिवक्ता बालेश्वर प्रसाद शर्मा के चले जाने से बिहार को बहुत बड़ी बौद्धिक क्षति हुई है। आपको बता दें कि इसकी जानकारी बालेश्वर बाबू के दामाद बिहार के पोस्टमास्टर जनरल अनिल कुमार से मिली। मौर्य न्यूज18 परिवार बालेश्वर बाबू के निधन से काफी शोक में है। दुखी है। स्तब्ध है। उन्होंने मौर्य न्यूज18 परिवार नमन करता है।

बालेश्वर बाबू ऐसे थे…

व्यक्तिगत अनुभव शेयर कर रहा हूं

विद्वान अधिवक्ता बालेश्वर प्रसाद शर्मा की फाइल फोटो।

आपको बता दें कि देर रात को पोस्टमास्टर जनरल अनिल कुमार ने फोन से एक ही शब्द कहा कि आपको कुछ पता चला। एकबार मैसेज पढ़ लीजिए। फिर पढ़ने के बाद आंखें नम हो गई। बालेश्वर बाबू से मेरा व्यक्तिगत लगाव रहा था, 19 साल पहले जब दैनिक जागरण पटना में कार्यरत था, तो एक पत्रकार के तौर पर हाईकोर्ट में एक अधिवक्ता से मिला, जिनका नाम बालेश्वर प्रसाद शर्मा था। उन्होंने बहुत देर तक अपने पास बिठाकर रखा औऱ मिठाइयां खिलाई। चाय पिलाई। औऱ ढेर सारी बातें की। अभी दो-तीन दिनों पहले ही हमने इंटरव्यू के दौरान पोस्टमास्टर जनरल अनिल कुमार से मुलाकात के दौरान, बालेश्वर बाबू की बहुत सारी बातें शेयर की थी और उनका हालचाल जाना था।

मौर्य न्यूज18 के साथ खास मुलाकात में हमारे साथ हैं विद्बान अधिवक्ता बालेश्वर बाबू के दामाद बिहार के पोस्टमास्टर जनरल अनिल कुमार । हाल ही में इंटरव्यू के दौरान विद्वान अधिवक्ता के बारे में काफी चर्चा हुई। मौर्य परिवार इनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता है। मौर्य न्यूज18 ।

मैं 20 साल पहले तो कम उम्र वाला पत्रकार था, तो बोले आपकी उम्र में ही मैंने भी पत्रकारिता शुरू की थी, आप आते रहना बराबर। फिर इस तरह से उनसे एक अलग पारिवारिक लगाव सा हो गया। धीरे-धीरे ऐसा हुआ कि हर हफ्ते उनके दफ्तर जाता था, नहीं पहुंचने पर वो दैनिक जागरण ऑफिस में अपने जुनियर को भेज दिया करते थे। और फिर मिलन होती थी, वो कहते थे…मैं समझता हूं पत्रकारों की व्यस्तता लेकिन कोई बात नहीं नयनजी मैं तो आपको छोड़ूंगा नहीं। उनके साथ होने की बहुत सारी कहानी है। बस इतना जान लीजिए कि हाईकोर्ट में केस लड़ने कोई गरीब-गुरबा भी आ जाए तो उनकी टेबल से गरीबी या पैसे ना होने की मजबूरी के कारण केस लड़ने से वंचित नहीं हो सकता था । गरीब कलाइंट जो दूर-दराज से आते थे उसे वो खाना भी खिलाते थे अपना पैसा लगाकर। ये भी मैंने देखा है। ऐसे थे वो।

      सामाजिक समरसता, सदभाव और सभी जातिधर्म से प्यार करने वाले इंसान । समाज को इनसे मिलने वाली  इंसानियत ना जाने कहां गुम हो गई।

नयन, मौर्य न्यूज18 ।

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इनके सफर को विस्तार से समझिए…

बाढ़ सिविल कोर्ट के वरीय अधिवक्ता एवं बिहार बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन बालेश्वर प्र. शर्मा 77 साल के थे। बिहार के जाने माने विधिवेत्ताओं में से एक बालेश्वर प्र. शर्मा अधिवक्ता के अतिरिक्त आर्यावर्त, इंडियन नेशन एवं पी.टी.आई. से जुड़े पत्रकार भी रहे थे। मगध विश्वविद्यालय से बी.एस-सी., बी.एल. एवं राजस्थान विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की शिक्षा हासिल करने वाले स्व.शर्मा 1962 से पत्रकारिता तथा 1968 से बाढ़ न्यायालय में अधिवक्ता के रुप में कार्यरत थे।

बाल्यकाल से ही समाजसेवा में अभिरुचि रखने वाले स्व. शर्मा बिहार राज्य संवाददाता संघ,  भारतीय रेडक्रॉस समिति सहित कई संगठनों के पदाधिकारी भी रहे थे। इसके अतिरिक्त वह अपने पैतृक गाँव पंडारक स्थित चौधरी रामप्रसाद शर्मा प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय के संस्थापक सचिव भी थे। बाढ़ जैसे छोटे से शहर से बिहार बार कांउसिल के बरसों तक सदस्य रहने के बाद क्रमशः उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष पद को सुशोभित करने वाले वह पहले और एकमात्र व्यक्ति थे।

 पिछले कई महीनों  से लगातार बीमार चल रहे स्व. शर्मा अपने चिकित्सक पुत्र डॉ. विवेक विशाल के साथ पटना में ही रह रहे थे।  बालेश्वर प्र. शर्मा के छोटे भाई अरुण कुमार अरुण पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता हैं तथा उनके दामाद और भारतीय डाक सेवा के चर्चित अधिकारी अनिल कुमार अभी पटना सर्किल के पोस्टमास्टर जनरल हैं।

मुख्यमंत्री सहित इन लोगों ने भी शोक व्यक्त किया….

बालेश्वर बाबू के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार, भाजपा नेता औऱ पूर्व मंत्री सम्राट कुमार चौधरी, जदयू नेता संजय खंडेलिया, जदयू नेता शंभूनाथ सिन्हा, आप नेता राजेश सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही बार एसोसिएशन, बाढ़ के अध्यक्ष मृगेन्द्र कृष्ण, सचिव धीरेन्द्र प्रसाद, अपर लोक अभियोजक अर्जुन शर्मा एवं वरीय अधिवक्ता अर्जुन सिंह, मिथिलेश प्र. सिंह, सदन प्र. सिंह आदि ने स्व. बालेश्वर शर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

पटना से मौर्य न्यूज18 की रिपोर्ट

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