फ्लाइंग टीम ने संदिग्ध रूप से बैठे दो व्यक्तियों की जांच की
रांची : आरपीएफ रांची (RPF Ranchi) के कमांडेंट पवन कुमार के दिशा निर्देश पर आरपीएफ हटिया और फ्लाइंग टीम रांची द्वारा 8 दिसंबर को हटिया रेलवे स्टेशन में संयुक्त कार्रवाई के दौरान बड़ी सफलता हासिल की गई। ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह और फ्लाइंग टीम ने संदिग्ध रूप से बैठे दो व्यक्तियों की जांच की। जिनके बैगों से प्लास्टिक में पैक कुल 23 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 11,50,000 रूपये है। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त रांची अशोक कुमार सिंह की उपस्थिति में सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए चारों पैकेटों की DD किट से जांच की गई, जो पॉजिटिव पाए गए। बाद में उक्त गांजे को जब्त कर उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी हटिया को सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्रवाई में आरपीएफ हटिया के उपनिरीक्षक एसके सिंह तथा फ्लाइंग टीम रांची के स्टाफ दिनेश प्रसाद, आरके सिंह, हेमंत और वीएल मीणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। Maurya News18 Ranchi.
डीएक्सएन इंडिया परिवार के साथ बड़ी संख्या में लोगों की जीवनशैली और आर्थिक समृद्धि में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है
रांची : वैश्विक स्तर पर आर्थिक समृद्धि का परचम लहराने वाला डीएक्सएन इंडिया (DXN India) अपना सिल्वर जुबली (Silver Jubilee) मना रहा है। जो लगातार 25 वर्षों से स्वास्थ्य, वैलनेस, उद्यमिता तथा भारत के सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने का सार्थक प्रयास कर रहा है। आज डीएक्सएन इंडिया परिवार के साथ बड़ी संख्या में लोगों की जीवनशैली और आर्थिक समृद्धि में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। 25 वर्षों के गौरवशाली विकास की उपलब्धि पर 9 दिसंबर को रांची के प्रभात तारा मैदान में सिल्वर जुबली समारोह आयोजित हुआ। जिसमें नेपाल सहित भारत के विभिन्न राज्यों से 1 लाख से ज्यादा डीएक्सएन से जुड़े लोग शामिल हुए। डीएक्सएन से जुड़े लोगों में से सैकड़ो लोग लाखों रुपए की प्रतिमाह आमदनी कर रहे हैं। उनमें से कई सदस्यों को यहां सम्मानित किया गया। डीएक्सएन वैश्विक स्तर पर 562 उत्पाद के साथ बाजार में मौजूद है जिसमें न्यूट्रास्यूटिकल्स, पेय पदार्थ, कॉस्मेटिक, घरेलू उत्पाद और नैनो समाधान शामिल है। डीएक्सएन दुनिया का सबसे बड़ा गैनोडर्मा, स्पिरुलिना और नोनी उत्पादक है जिसके आधुनिक कारखाने मलेशिया, चीन, मैक्सिको, मध्य पूर्व, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, नेपाल और भारत में विस्तारित है। 1993 में मलेशिया में स्थापित डीएक्सएन 180 देश के साथ भारत में 1999 से अपना व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान समय में भारत में लगभग 500 करोड़ का निवेश है, जिसमें सिद्धिपेट, तेलंगाना में 189919 वर्गमीटर में 355 करोड़ की लागत से निर्मित आधुनिक उत्पादक केंद्र संचालित है। डीएक्सएन के संस्थापक दातू लिम सियाओ जिन ने प्रयास किया है कि आर्थिक उत्पादन के साथ-साथ प्राचीन भारत के सांस्कृतिक विरासत को फिर से भारत को लौटाया जाए। इसके लिए नालंदा विश्वविद्यालय में बख्तियार खिलजी द्वारा जलाए गए ग्रंथों के मूल तथ्य को चीन से संग्रहित कर विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है। क्योंकि ग्रंथों में सन्निहित बातो को चीन के छात्रों द्वारा कंठस्थ कर लिया गया था और उसे अपने देश में जाकर लिपिबद्ध कर लिया गया था। अब फिर से उसे विभिन्न भाषाओं में अनुवाद कर भारत को सौंपा जाएगा। सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए डीएक्सएन द्वारा वन डॉलर वन चाइल्ड के तहत कुपोषित बच्चों के जीवन स्तर सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। डीएक्सएन का स्पिरुलिना पौष्टिक इम्युनिटी देकर एक मिलियन बच्चों का कुपोषण दूर करना है। लोगों से अपील की गई कि इस मूवमेंट में शामिल हो। Maurya News18 Ranchi.
20 की वहीं धुएं में घुट गईं सांसें, गोवा नाइट क्लब हादसे में 25 की मौत
गोवा : गोवा के अरपोरा इलाके में स्थित एक रेस्टोरेंट-कम-नाइट क्लब में आधी रात ब्लास्ट होने से बड़ा हादसा हो गया। कुछ सेकेंड में आग ऐसी भड़की कि लोगों को बाहर निकलने तक का वक्त नहीं मिला। भीषण आग ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 20 की जान दम घुटने से गई जबकि तीन लोग जिंदा जल गए। विधायक माइकल लोबो ने हादसे को बेहद दर्दनाक बताया और क्लबों के सेफ्टी ऑडिट की मांग की है। गोवा के अरपोरा गांव स्थित Birch by Romeo Lane क्लब में यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ, जब किचन एरिया में ब्लास्ट हुआ। चंद सेकेंड में आग ने पूरे किचन को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते बेसमेंट तक धुएं का गुबार भर गया। क्लब का बेसमेंट उस वक्त कर्मचारियों से भरा हुआ था। अधिकतर लोग वहीं काम कर रहे थे, जैसे ही आग लगी अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोग बाहर की ओर भागने की बजाय बेसमेंट की ओर भागे, जहां धुएं की चादर पहले से फैल चुकी थी। हादसे में मरने वालों में 20 लोगों की मौत दम घुटने से हुई जबकि तीन लोगों के शव बुरी तरह झुलसे हुए मिले। बाद में दो की और मौत हो गई। कुल 25 की जान गई है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस घटना को राज्य के लिए बहुत दर्दनाक दिन बताया और मामले की जांच के आदेश दिए। स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने कहा इस तरह की लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी क्लबों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। लोबो के मुताबिक, कुछ मृतक पर्यटक थे, जबकि अधिकतर स्थानीय लोग थे, जो क्लब के बेसमेंट में काम कर रहे थे। गोवा पुलिस के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 4 पर्यटक और 14 क्लब के कर्मचारी शामिल हैं। हादसे में 7 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पूरे मामले की जांच पुलिस और फायर विभाग द्वारा की जा रही है। इस संबंध में कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने (धुएं के कारण) से हुई है। पुलिस कंट्रोल रूम को रात 12:04 बजे आग की सूचना मिली थी। इसके बाद तुरंत पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। कई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी शवों को बाहर निकाला गया और बांबोलिम के सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। Maurya News18 Goa.
जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं, 7 दिन में पूरे राज्य की फायर फूड सेफ्टी ऑडिट का आदेश
गोवा त्रासदी में झारखंड के 3 बेटों की मौत, PM से हर परिवार को 1 करोड़ रूपये मुआवजा देने की मांग
मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा ऐलान : झारखंड अलर्ट मोड पर, लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई
रांची : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि रूफटॉप और छतों पर संचालित बार, रेस्टोरेंट एवं होटलों की फायर सेफ्टी एवं संरचनात्मक सुरक्षा की तत्काल जांच सुनिश्चित की जाए। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपें। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार है। यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही राज्य के सभी होटल और रेस्टोरेंट को निर्देश जारी किए गए हैं कि किचन की नियमित एवं सख्त साफ-सफाई सुनिश्चित करें। गैस पाइपलाइन, चूल्हा एवं चिमनी सिस्टम की तकनीकी जांच कराएं, फायर सेफ्टी उपकरण और इमरजेंसी एग्जिट को पूरी तरह कार्यशील रखें। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा जनता की जानमाल और स्वास्थ्य की सुरक्षा की गारंटी मेरी है। झारखंड में किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
गोवा जैसी घटना झारखंड में हुई तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई : गोवा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अलर्ट मोड में है। राज्य के सभी होटल, रेस्टोरेंट, बार एवं अस्पतालों में फायर सेफ्टी की अनिवार्य जांच का आदेश दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर सभी जिलों से रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा जन-धन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि झारखंड में गोवा जैसी कोई घटना होती है, तो संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने घटना में मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रत्येक मृतक परिवार को 1 करोड़ रूपये मुआवजा देने का आग्रह किया। साथ ही, गोवा सरकार से पर्यटकों की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की अपील की। झारखंड और रांची के मृतकों के स्वजनों के लिए मंत्री ने कहा वे स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर राज्य स्तर पर आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे। झारखंड सरकार सतर्क है। प्रशासन अलर्ट है। जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। Maurya News18 Ranchi.
एक्सएलआरआइ जमशेदपुर में ‘मनकृति 2.0’ का हुआ आयोजन, रिस्पांसिबल एआई पर हुआ मंथन
जमशेदपुर : एक्सएलआरआइ जमशेदपुर (XLRI Jamshedpur) के पीजीडीएम (GM) छात्रों ने एआइ नेक्सस क्लब के बैनर तले मनकृति 2.0 : ट्रस्ट, ट्रुथ एंड ट्रांसफॉर्मेशन-बिल्डिंग रिस्पॉन्सिबल एआइ फॉर द नेक्स्ट डिकेड का आयोजन किया। इस एआइ कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और तकनीकी नेताओं ने हिस्सा लिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की रूपांतरणकारी शक्ति, बदलते कारोबारी परिदृश्य तथा भविष्य के नेतृत्व मॉडल पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत XLRI के एसोसिएट डीन (XOL) एवं मार्केटिंग विभाग के प्रो. गिरिधर रामचंद्रन के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक उन्हीं कॉर्पोरेट लीडरों का होगा, जो इनोवेशन को विवेक के साथ संतुलित रखेंगे तथा यह समझेंगे कि एआइ की दुनिया में विश्वास ही सबसे बड़ा मूल्य है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे एआइ को सिर्फ तकनीकी साधन न मानकर जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं, जिसमें नैतिकता, स्पष्ट उद्देश्य और मानवीय संवेदना केंद्र में हों।
29 नवंबर 2025 को आयोजित इस वार्षिक कॉन्क्लेव में तीन प्रमुख पैनल चर्चा हुईं। पहला पैनल इंजीनियरिंग इंटेलिजेंस में विशेषज्ञों ने पीओसी से आगे बढ़कर स्केलेबल, एक्सप्लेनेबल और बिजनेस-रेडी एआइ की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने बताया कि एआइ की परिपक्वता मजबूत डेटा गवर्नेंस, क्लाउड नेटिव प्लेटफॉर्म, एमएलऑप्स और स्पष्ट बिजनेस लक्ष्यों के संयोजन से ही संभव है। दूसरे पैनल रीडिफाइनिंग टैलेंट ने भविष्य के कार्यस्थल पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि एआइ मानव क्षमताओं को प्रतिस्थापित नहीं बल्कि उन्हें सशक्त बना रहा है। आने वाले रोल अधिक हाइब्रिड होंगे, जिनमें तकनीकी समझ के साथ समस्या समाधान, रचनात्मकता, नेतृत्व और सहानुभूति जैसी क्षमताएं अनिवार्य होंगी। सतत सीखना और अनुकूलन भविष्य के पेशेवरों के मूल मंत्र बताए गए। तीसरे पैनल एआई एथिक्स बाय डिजाइन में पारदर्शिता, निष्पक्षता, गोपनीयता और वैश्विक एआई शासन पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि बायस मिटिगेशन, एक्सप्लेनेबिलिटी और प्राइवेसी अब विकल्प नहीं बल्कि रणनीतिक आवश्यकता है। जो संस्थान नैतिक ढांचे को मजबूती से अपनाएंगे, वही विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल कर पाएंगे। कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के चुनिंदा दिग्गज लीडरों ने विचार साझा किए, जिनमें अप्टिव, केर्नी, ईवाई, कान्वेरा, एक्सेंचर, बीसीजी, नील्सनएआई, आईबीएम, डेल, माइक्रोसॉफ्ट और पीडब्ल्यूसी जैसी संस्थाओं के वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल थे।कार्यक्रम का समापन प्रो. सुनील सारंगी के संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि एआइ की तीव्र प्रगति के बीच मानव मूल्य और सामाजिक सरोकार ही असली दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने छात्रों से जिज्ञासा, विनम्रता और करुणा के साथ नेतृत्व करने की अपील की। आयोजन के सफल संचालन में फा. एस. जॉर्ज एसजे, फा. डोनाल्ड डिसिल्वा एसजे, प्रो. संजय पात्रो, प्रो. सुनील सारंगी और प्रो. गिरिधर रामचंद्रन के मार्गदर्शन की सराहना की गई। कार्यक्रम प्रो. कनगराज अय्यालुसामी और हरिप्रिया बी के नेतृत्व में एआई कमेटी ने सफलतापूर्वक संपन्न किया।
अलग-अलग सेशन में ये लीडर्स और वक्ता हुए शामिल : पैनल 1 : इंजीनियरिंग इंटेलिजेंस
गुरुप्रसन्ना मरिमुथु – चीफ, एज एआई एवं एआई एजेंट्स, एप्टिव
अभिजीत पाणी – सीनियर डायरेक्टर, कियर्नी
प्रकाश द्विवेदी – पार्टनर, ईवाई
रामकुमार रविचंद्रन – डायरेक्टर, डेटा साइंस एवं एआई, कन्वेरा
सतीश अग्रवाल – एआई लीड, ईवाई
पैनल 2 : रीडिफाइनिंग टैलेंट
प्रियांकर राय चौधरी – जेनएआई लीड, एक्सेंचर
वेदनारायणन – सीनियर एडवाइजर, सिमोन -कूचर
राजेश कुमार भट्ट – सीईओ, नॉलेज फाउंड्री
विजया घोष – पार्टनर, बीसीजी
विकास शर्मा – लीडर, एआई/एमएल, नीलसेन एआइ
पैनल 3 : एआई एथिक्स बाय डिजाइन
सुमन दास – मैनेजिंग कंसल्टेंट एवं एआई ट्रांसफॉर्मेशन लीडर, आइबीएम से
बिहार कांग्रेस : दिल्ली की बात में दम है…, मिलेंगे तो फिर बताएंगे…। इन लोगों को ऐसा क्या कहा राहुल गांधी ने जो आवाज बुलंद करने वाले कांग्रेसी बोल रहे..पटना लौट कर बताऊंगा…।
Maurya News18
वैसे बातों बातों में कहते है, ये लड़ाई नहीं ये कांग्रेस की बात है। कांग्रेस पार्टी सबकी है । यहां कोई चाहेगा कि हर चीज में मैं ही बॉस हूं तो यहां बॉसगिरी नहीं चलेगी… सामाजिक और लोकतांत्रिक तरीका ही चलेगा… मकसद एक है… पार्टी मजबूत हो …किसी की हकमारी ना हो…अगर कोई बॉस बनकर किसी की हकमारी करेगा…तो नहीं चलेगा… । सबके लिए #राहुल_गांधी हैं ना…। ये कांग्रेसी कहते हैं…दिल्ली की बातों में दम है…मिलेंगे तो फिर बताएंगे । उम्मीद की जा रही है कि बिहार प्रदेश कांग्रेस में फिर से सब पटरी पर आ जाएगा…। फिलहाल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जो दिल्ली से पटना लौटने का वायरल है..जिसमें पार्टी की मजबूती और पार्टी के अंदर के घुसपैठियों को दूर करने के लिए आवाज बुलंद करने वाले काफी आश्वस्त दिख रहे हैं। .. पॉलिटिक्स जो ना कराए..।
राजनीति की बात !!!
Indian National Congress – Delhi Rahul Gandhi #BiharCongress #Mauryanews18 Indian National Congress – BIHAR
विराट कोहली ने रचा इतिहास, तोड़ा सचिन तेंदुलकर के शतकों का रिकॉर्ड
खेल डेस्क, रांची। 30 नवंबर 2025. मौर्य न्यूज़18।
रांची : विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैच की वनडे सीरीज में धमाकेदार आगाज किया। रांची में उन्होंने अपने वनडे करियर का 52वां शतक जड़ा और द ग्रेट सचिन तेंदुलकर के एक फॉर्मेट में सर्वाधिक शतक बनाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने 8 महीने बाद इस फॉर्मेट में शतक जड़ा है। इससे पहले वह सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी पर थे।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में विराट कोहली ने द ग्रेट सचिन तेंदुलकर के शतकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब किसी एक फॉर्मेट में सर्वाधिक शतक बनाने का रिकॉर्ड विराट के नाम हो गया है। इस मुकाबले से पहले वह सचिन की बराबरी पर थे।
विराट ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस मुकाबले में 102 गेंद में अपनी सेंचुरी पूरी की। उन्होंने इस पारी में 6 चौके और 5 छक्के लगाए। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक है।
इस शतक के साथ ही वह किसी एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक के रिकॉर्ड को तोड़कर यह उपलब्धि हासिल की।
इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। उन्होंने 200 टेस्ट मैच में सर्वाधिक 51 शतक लगाए थे। यह किसी एक फॉर्मेट में किसी खिलाड़ी द्वारा लगाया गया सर्वाधिक शतक का रिकॉर्ड भी था।
यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विराट का 83वां शतक था। इससे पहले उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ शतक जड़ा था। ओवरऑल शतक के मामले में अब वह सचिन के 100 शतक के एक और कदम करीब पहुंच गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक का रिकॉर्ड अभी भी सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने 664 मैच में 100 शतक बनाया था।
इससे पहले विराट ने वर्ल्ड कप के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में सचिन के 49 शतक का रिकॉर्ड तोड़ कर वनडे में अपना 50वां शतक पूरा किया था।
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट रांची में तीन दिवसीय 10वें पैन-आईआईएम विश्व प्रबंधन सम्मेलन 2025 का समापन हुआ
समापन सत्र के दौरान, विद्वानों के योगदान को मान्यता देते हुए नौ शैक्षणिक ट्रैकों में उत्कृष्ट शोध पत्रों को सम्मानित किया गया
रांची : आईआईएम रांची (IIM Ranchi) में तीन दिवसीय 10वें पैन-आईआईएम विश्व प्रबंधन सम्मेलन 2025 का समापन हुआ। अंतिम दिन अकादमिक नेताओं और नीति निर्माताओं के नेतृत्व में विचारोत्तेजक चर्चाएं हुईं। बातचीत प्रबंधन अनुसंधान के महत्व, नेतृत्व में खुशी की भूमिका और विकसित भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में आईआईएम के योगदान जैसे विषयों पर केंद्रित थी। समापन सत्र के दौरान, विद्वानों के योगदान को मान्यता देते हुए नौ शैक्षणिक ट्रैकों में उत्कृष्ट शोध पत्रों को सम्मानित किया गया। निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने 1400 से अधिक शोध-पत्रों के प्रस्तुतीकरण पर प्रकाश डाला, जिनमें से 950 शोध-पत्रों का चयन किया गया। उन्होंने सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना की और सामाजिक प्रभाव के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा प्रबंधन अनुसंधान किस प्रकार सार्थक सामाजिक मूल्य सृजन में योगदान देता है। उन्होंने कहा आईआईएम रांची भविष्य में ऐसी कई और पहलों को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है।
पूर्व केंद्रीय रेल, वाणिज्य एवं उद्योग, नागरिक उड्डयन एवं विद्युत मंत्री सुरेश प्रभु अतिथि वक्ता के रूप में समापन सत्र में शामिल रहे। उन्होंने कहा आइआइएम को अपना प्रभाव कार्पोरेट क्षेत्रों से आगे बढ़ाना चाहिए तथा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के चालक बनना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यद्यपि भारत 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, फिर भी इसकी प्रति व्यक्ति आय रैंकिंग (130 से नीचे) गंभीर विकास अंतराल को दर्शाती है। सच्ची प्रगति के लिए मानव और सामाजिक पूंजी का निर्माण आवश्यक है, जैसा कि चीन और अन्य देशों में सफल माडल देखे गए हैं।
IIM Ahmedabad के निदेशक प्रो. भारत भास्कर ने उद्यमिता और गैर-रेखीय विकास को प्रमुख बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की महत्वाकांक्षी 32 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था को प्राप्त करने के लिए उद्यमशीलता और गैर-रेखीय विकास की ओर मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा भारत वर्तमान में सालाना केवल 25000 गुणवत्ता प्रबंधन स्नातकों का उत्पादन करता है, जो भविष्य की आर्थिक मांगों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। जबकि विदेशी विश्वविद्यालय मूल्य संवर्धन करते हैं, वास्तविक परिवर्तन केवल नौकरी चाहने वालों पर ही नहीं बल्कि नौकरी सृजक सृजन पर भी केंद्रित होना चाहिए। भारत में एमएसएमई भारत के निर्यात में 45 प्रतिशत का योगदान करते हैं तथा 30 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देते हैं, जिससे वे आर्थिक तेजी के लिए केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। नोवार्टिस के विपणन, रणनीति एवं नवाचार के प्रोफेसर तथा आइएसबी हैदराबाद के पूर्व डीन प्रो. राजेंद्र श्रीवास्तव ने सतत व्यवसाय नवाचार के माध्यम से विकास में तेजी लाना विषय पर एक व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक मानसिकता को बदलने के लिए यह समझना आवश्यक है कि उत्पाद-बाजार जीवनचक्र में मूल्य किस प्रकार बदलता है, जिसमें असेंबली, डिजाइन, ब्रांडिंग, सेवाएं और अनुसंधान एवं विकास शामिल हैं। समापन सत्र के दौरान गणमान्य व्यक्तियों ने 10वें पैन-आइआइएम डब्ल्यूएमसी 2025 की सार पुस्तक का अनावरण किया। सिद्धार्थ सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ आफलाइन पेपर प्रजेंटेशन के लिए सम्मानित किया गया जबकि प्रप्ति अग्रवाल को सर्वश्रेष्ठ आनलाइन पेपर प्रजेंटेशन के लिए समग्र विजेता नामित किया गया। पोस्टर प्रेजेंटेशन श्रेणी में विक्रांत सिंह को समग्र विजेता घोषित किया गया। इसके अलावा, नौ आमंत्रित अनुसंधान डोमेन में विजेताओं की घोषणा की गई, जिसमें अर्थशास्त्र वरुण शर्मा, वित्त एवं लेखा गोखिलवानी आर., डा. लक्ष्मी सुब्रमणि और अमित त्रिपाठी, आइएसबीए सौर्या जय डे, जिम्मेदार व्यवसाय सिद्धार्थ सिन्हा, विपणन संस्कृति देशपांडे, ओबीएचआर प्रगति अग्रवाल, क्वांट और संचालन अर्नब अधिकारी, रणनीति एवं उद्यमिता संदीप यादव, अंतःविषय अध्ययन अपूर्व शामिल हैं। सम्मेलन के आयोजन में सम्मेलन के अध्यक्षों प्रो. मनीष बंसल, प्रो. सुभरो सरकार और प्रो. कृष्ण कुमार दाद की भूमिका रही। Maurya News18 Ranchi.
रातू, चान्हो, मांडर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ा अपडेट ODI मैच के दिन ट्रैफिक में रहेगा बदलाव
रांची : 30 नवंबर को रांची के जेएससीए स्टेडियम (JSCA Stadium Ranchi) में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट मैच के मद्देनजर रांची यातायात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। शहर में संभावित भीड़-भाड़ और पार्किंग की समस्याओं को देखते हुए यह एडवाइजरी लागू की गई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने एक्स पोस्ट पर टिकट वितरण पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मैच कराना अच्छी बात है लेकिन यहां भी अव्यवस्था ही देखने को मिली है। लोग टिकट के लिए परेशान थे।
ट्रैफिक पर प्रतिबंध और डायवर्जन : मैच के दिन, यानी 30 नवंबर को सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक शहर में भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा। इन वाहनों को रिंग रोड का उपयोग करने की सलाह दी गई है। शालीमार चौक से लेकर स्टेडियम के नॉर्थ गेट तक सामान्य वाहनों का परिचालन भी पूरी तरह से बंद रहेगा और केवल एम्बुलेंस तथा चिकित्सा सेवा वाहन इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा, सुबह 6 बजे से लेकर मैच समाप्ति तक सुजाता चौक, राजेंद्र चौक, बिरसा चौक, धुर्वा गोल चक्कर, शहीद चौक, कडरू पुल और अरगोड़ा चौक समेत प्रमुख चौराहों पर छोटे-बड़े मालवाहक वाहन, ऑटो, टोटो और सवारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी। अगर जरूरत पड़ी तो अन्य मार्गों पर भी ट्रैफिक डायवर्ट या रोकने का निर्णय लिया जा सकता है।
ये हैं प्रमुख पार्किंग स्थल : मैच के दौरान सामान्य वाहनों के लिए कई वैकल्पिक पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। जिनमें सखुआ बागान, महाराणा प्रताप सिंह स्कूल मैदान, धुर्वा गोलचक्कर मैदान, डीएवी स्कूल मैदान, जवाहर लाल स्टेडियम, मियां मार्केट तीन मुहाना, संत थॉमस स्कूल, प्रभात तारा मैदान, शहीद मैदान। इसके अलावा, सैंबो कैंप मोड़ और धुर्वा बस स्टैंड से आने वाले वाहन सखुआ मैदान या महाराणा प्रताप मैदान में पार्क कर सकते हैं। शहीद मैदान, नया सराय रिंग रोड और CISF कैंप से आने वाले वाहन हेलीपैड मैदान का उपयोग करेंगे।
वीआईपी और मीडिया वाहनों के लिए मार्ग : वीआईपी और वीवीआईपी वाहनों का प्रवेश शालीमार बाजार, प्रभात तारा मैदान और पारस अस्पताल होते हुए नॉर्थ गेट से होगा। वहीं, मीडिया वाहनों के लिए धुर्वा गोलचक्कर या बस स्टैंड से दक्षिण गेट का रास्ता अपनाया जाएगा।
मैच समाप्ति के बाद ट्रैफिक डायवर्जन : मैच के समाप्ति के बाद शालीमार बाजार से सुजाता चौक तक भारी ट्रैफिक को देखते हुए रिंग रोड आधारित वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं।
रातू, मांडर, चान्हो के लिए तिरिल कुटे-नयासराय-रिंग रोड
नगड़ी, इटकी, बेड़ो के लिए नगड़ी होते हुए
कांके, पिठौरिया, ओरमांझी के लिए तिलता चौक
नामकुम, टाटीसिल्वे, सिल्ली, मुरी के लिए झारखंड मंत्रालय-तुपुदाना-रिंग रोड
रांचीवासियों से अपील : रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने रांचीवासियों से अपील की है कि वे मैच रूट पर चारपहिया वाहनों का उपयोग न करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। ट्रैफिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए, रांचीवासियों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य मार्गों पर अस्थायी डायवर्जन या स्टॉप भी लगाए जा सकते हैं। ट्रैफिक एडवाइजरी मैच के दौरान रांची के यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जारी की गई है ताकि शहरवासियों और क्रिकेट प्रेमियों को कोई परेशानी न हो। Maurya News18 Ranchi.
पटना : 16 दिवसीय अभियान के तहत सहयोगी संस्था और महिला एवं बाल विकास निगम की संयुक्त पहल पर उच्च माध्यमिक विद्यालय, छितनावा, खासपुर पंचायत, मनेर प्रखंड, पटना में जेंडर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नौवीं से 12वीं कक्षा के लगभग 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें 90 किशोरियां और 20 किशोर शामिल थे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल हिंसा को समझाना और बच्चों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना था। इस दौरान सभी लड़कियों के खिलाफ डिजिटल हिंसा को समाप्त करने के लिए एकजुट होने पर संवाद किया गया। इस संवाद के दौरान बताया गया कि इंटरनेट जितना सुविधाजनक है, उतनी ही तेजी से उससे जुड़े जोखिम भी बढ़ते जा रहे हैं। निजी तस्वीरों का दुरुपयोग, फेक अकाउंट, डीपफेक वीडियो, साइबर-स्टॉकिंग, ऑनलाइन धमकी और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाएं अब डिजिटल हिंसा का गंभीर रूप बन चुकी हैं, जिनका प्रभाव सबसे अधिक लड़कियों और महिलाओं पर पड़ता है।
डिजिटल हिंसा रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता आवश्यक : महिला एवं बाल विकास निगम की जिला प्रबंधक निशा कुमारी ने कहा डिजिटल हिंसा को रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता सबसे अहम है। उनका कहना था कि कानून और तकनीक जरूरी हैं लेकिन बच्चों और परिवारों को डिजिटल अनुशासन सिखाना सबसे आवश्यक है। निगम के एमटीएस अभिषेक कुमार ने कहा तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से ऑनलाइन अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन सुरक्षा को शिक्षा प्रणाली का स्थायी हिस्सा बनाया जाना आवश्यक है।
प्रतिभागियों ने ये कहा : कार्यक्रम में शामिल पायल कुमारी ने कहा यह संवाद उनके लिए आंखें खोलने वाला रहा और इससे उन्हें समझ आया कि डिजिटल सुरक्षा सबसे पहले उनकी अपनी जिम्मेदारी है। राखी कुमारी ने कहा वे अब अपने अधिकारों और सुरक्षा को लेकर अधिक सजग होंगी। पिंकी कुमारी ने कहा डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने का पहला कदम जागरूकता है।
डिजिटल जागरूकता वर्तमान की है आवश्यकता : स्कूल के प्रिंसिपल राजेश कुमार राजन ने कहा यह आयोजन छात्रों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल जागरूकता और लैंगिक समानता जैसे विषयों का प्रसार स्कूल से लेकर घर तक होना चाहिए।
सभी के सहयोग से बदलेगी तस्वीर : शिक्षक भास्कर सिंह ने कहा डिजिटल हिंसा के खिलाफ लड़ाई में पुरुषों की जागरूकता को भी समान महत्व देना चाहिए। शिक्षिका टीनू कुमारी ने कहा कि जेंडर गैर-बराबरी और डिजिटल हिंसा दोनों के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है। शिक्षक विक्रांत कुमार ने कहा सभी के सहयोग से ही सुरक्षित डिजिटल भविष्य का निर्माण संभव है।
निरंतर संवाद परिवर्तन की बुनियाद : सहयोगी संस्था की कार्यकारी निदेशक रजनी ने कहा कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार सिखाना और समुदाय को संवेदनशील बनाना है। उन्होंने कहा तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में डिजिटल हिंसा एक गंभीर चुनौती बन गई है और इससे निपटने के लिए निरंतर संवाद और प्रशिक्षण आवश्यक है। कार्यक्रम को सफल बनाने में खुशबू, मोनिका, लाजवंती, फरहीन, प्रियंका, शारदा, निर्मला, बिंदु, उषा और मनोज ने सक्रिय भूमिका निभाई। Maurya News18 Patna.