Home खबर XISS : पीजीसीएम जियो-स्पेशियल टेक्नोलाजी एप्लीकेशन इन रूरल डेवलपमेंट का कोर्स शुरु

XISS : पीजीसीएम जियो-स्पेशियल टेक्नोलाजी एप्लीकेशन इन रूरल डेवलपमेंट का कोर्स शुरु

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>कोर्स में आर्कजीआइएस&comma; एरडास&comma; ईएनवीआइ&comma; आइ-जीआइएस&comma; क्यू-जीआइएस आदि साफ्टवेयर के साथ-साथ जीपीएस&comma; डीजीपीएस और ईटीएस हार्डवेयर की ट्रेनिंग भी दी जाएगी<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img data-id&equals;"1386" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;f2ca4-img-20230717-wa0014&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-1386" &sol;><&sol;figure>&NewLine;<&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रांची &colon; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस &lpar;AI&rpar; और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स &lpar;Smart City Projects&rpar; में दिलचस्पी रखने वाले छात्र छात्राओं के लिए खुशखबरी है। उनके लिए एक्सआइएसएस रांची &lpar;XISS Ranchi&rpar; ने पीजीसीएम जियो-स्पेशियल टेक्नोलाजी एप्लीकेशन इन रूरल डेवलपमेंट कोर्स की शुरुआत की है। कोर्स पूरा करने के बाद एक्सआइएसएस के छात्र छात्राओं को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट&comma; ग्रामीण विकास&comma; वन विभाग&comma; राजस्व विभाग&comma; कृषि विभाग&comma; खनन&comma; शहरी विकास&comma; पेयजल विभाग&comma; सर्वे आफ इंडिया प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ कई निजी क्षेत्र और अन्य गैर सरकारी संगठन में भी नौकरी के अवसर मिलेंगे। ऐसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए जेवियर समाज सेवा संस्थान रांची पीजीसीएम जियो-स्पेशियल टेक्नोलाजी एप्लीकेशन इन रूरल डेवलपमेंट के 2023-24 बैच लिए कोर्स की शुरुआत की है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img data-id&equals;"1388" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;74e60-img-20230804-wa0008&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-1388" &sol;><&sol;figure>&NewLine;<&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद &lpar;एआइसीटीई&rpar; द्वारा अनुमोदित इस कोर्स के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। इस कोर्स में आर्कजीआइएस&comma; एरडास&comma; ईएनवीआइ&comma; आइ-जीआइएस&comma; क्यू-जीआइएस आदि साफ्टवेयर के साथ साथ जीपीएस&comma; डीजीपीएस और ईटीएस हार्डवेयर की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कोर्स में छात्रों को अध्ययन सामग्री के साथ कक्षा में एक अलग कंप्यूटर उपलब्ध कराया जाएगा। एक्सआइएसएस में सहायक प्रोफेसर डा&period; प्रकाश चंद्र दास ने इस कोर्स के विषय में कहा कि पीजीसीएम जियो-स्पेशियल टेक्नोलाजी एप्लीकेशन इन रूरल डेवलपमेंट कोर्स की डिमांड कई सरकारी और निजी एजेंसियों में है। जो छात्रों और प्रोफेशनल्स को बेहद आकर्षित कर रही है। इससे पूर्व संस्थान में 6 महीने की अवधि का एक समान कार्यक्रम भी चलाया गया था जो औसतन 85-95 प्रतिशत प्लेसमेंट के साथ काफी सफल रहा था। वर्तमान के इस एक वर्षीय कार्यक्रम की उपयोगिता अधिक व्यापक एवं बेहतर होगी। इस कोर्स में 30-30 सीटों के दो बैच होंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-3 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img data-id&equals;"1390" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;e6cd3-img-20230708-wa0002&period;jpg&quest;w&equals;1024&&num;038&semi;h&equals;731" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-1390" &sol;><&sol;figure>&NewLine;<&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कोर्स के पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को जीआइएस और रिमोट सेंसिंग और प्रबंधन की अवधारणा और व्यावहारिक उपयोग दोनों के बारे में सिखाया जाएगा। जिसे छात्र ग्रामीण विकास&comma; मौसम पूर्वानुमान&comma; भूमि सूचना प्रबंधन प्रणाली&comma; वाटरशेड प्रबंधन परियोजनाओं&comma; शहरी नियोजन आदि के क्षेत्रों में लागू कर सकते हैं।<br>&colon; डा&period; जोसफ मारियानुस कुजुर एसजे&comma; निदेशक&comma; एक्सआइएसएस रांची।<&sol;p>&NewLine;

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version