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अपने पिता के पार्थिव शरीर को पारंपरिक रीति-रिवाज एवं रस्म के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी मुखाग्नि

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन का रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड स्थित पैतृक गांव नेमरा में हुआ अंतिम संस्कार<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>शिबू सोरेन के अंतिम दर्शन एवं अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हजारों की संख्या में पहुंचे थे लोग<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>राज्य की जनता ने नम आंखों और व्यथित मन से दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को किया नमन&comma; दी भावभीनी श्रद्धांजलि<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-full"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;08&sol;Screenshot&lowbar;20250806-1014142&period;png" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4310"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रांची &colon; <&sol;strong>झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन होने के साथ झारखंड में एक युग का अवसान हो गया। रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड स्थित पैतृक गांव नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता के पार्थिव शरीर को पारंपरिक रीति-रिवाज तथा रस्म के साथ मुखाग्नि दी। इस दौरान हर किसी की आंखें नम थी। इससे पहले रांची के मोरहाबादी स्थित आवास से दिवंगत शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम दर्शनार्थ रखा गया। यहां हजारों की संख्या में लोगों ने भावुक होकर और नम आंखों से गुरुजी को नमन कर अंतिम विदाई दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-full"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;08&sol;Screenshot&lowbar;20250806-1015512&period;png" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4311"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अंतिम जोहार के लिए उमड़ा जन सैलाब &colon;<&sol;strong><br>क्या आम और क्या खास&comma; शिबू सोरेन के अंतिम जोहार के लिए नेमरा गांव में जन सैलाब उमड़ पड़ा था। उनके अंतिम दर्शन के लिए राज्य के अलग-अलग कोनों से लोग पधारे थे। इनमें अति विशिष्ट व्यक्ति से लेकर आम जन तक&comma; हर कोई शामिल था। हर किसी ने झारखंड राज्य के प्रणेता&comma; पथ प्रदर्शक और मार्गदर्शक दिशोम गुरु को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान हर किसी का दिल उदास&comma; व्यथित और आंखें नम थी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-full"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;08&sol;Screenshot&lowbar;20250806-1016412&period;png" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4312"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रो पड़ा पूरा नेमरा गांव &colon;<&sol;strong><br>यूं तो दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन की जानकारी मिलने के बाद से ही उनके पैतृक गांव नेमरा में उदासी और सन्नाटा पसर चुका था। हर कोई गमगीन था। घरों में चूल्हे तक नहीं जले थे। वहीं&comma; 5 अगस्त को जैसे ही दिशोम गुरुजी का पार्थिव शरीर पैतृक आवास पहुंचा&comma; पूरा नेमरा रो उठा। परिजन एवं सगे संबंधी समेत राज्य के दूर दराज से आए लोगों की आंखों से आंसू छलक रहे थे। सभी ने दिशोम गुरु जी को नमन कर अंतिम विदाई दी।<br><strong>Maurya News18 Ranchi&period;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;

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