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निपुण भारत मिशन : प्राथमिक स्कूलों में मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा पर जोर

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>27 से 29 दिसंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य सरकारी प्राथमिक स्कूलों के शुरूआती कक्षाओं में मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा के लिए रणनीति एवं योजना का निर्माण करना है<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img data-id&equals;"917" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;797de-img-20221227-wa0017&period;jpg&quest;w&equals;1024&&num;038&semi;h&equals;682" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-917" &sol;><&sol;figure>&NewLine;<&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रांची<&sol;strong> &colon; झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद झारखंड&comma; यूनिसेफ और रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के सहयोग से मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा पर राज्य स्तरीय सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी&comma; राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डा अभिनव कुमार&comma; शिक्षा विशेषज्ञ यूनिसेफ दिल्ली सुनीशा आहूजा&comma; शिक्षा विशेषज्ञ यूनिसेफ झारखंड पारुल शर्मा&comma; कार्यक्रम निदेशक रूम टू रीड शक्तिव्रता सेन ने की। 27 से 29 दिसंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य आने वाले वर्षों में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता को सुदृढ़ करने के à¤²à¤¿à¤ राज्य में सरकारी प्राथमिक स्कूलों के शुरूआती कक्षाओं में मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा के लिए रणनीति एवं योजना का निर्माण करना है। मौके पर किरण कुमारी पासी ने ने राज्य में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों की बुनियादी शिक्षा की नींव के लिए मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा के महत्व और शुरूआती कक्षाओं में बहुभाषी शिक्षा को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होने अपने अनुभव साझा करते एमटीबी-एमएलई कार्यक्रम के तहत बच्चों के साथ बहुभाषिकता पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में रूम टू रीड&comma; यूनिसेफ&comma; छत्तीसगढ़ राज्य&comma; एनसीईआरटी&comma; रांची यूनिवर्सिटी&comma; सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ झारखंड और अन्य शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा पर अपने अनुभव को साझा करते हुए आगे की रणनीति बनाने पर कार्य करेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img data-id&equals;"919" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;5c67c-img-20221227-wa0016&period;jpg&quest;w&equals;1024&&num;038&semi;h&equals;586" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-919" &sol;><&sol;figure>&NewLine;<&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रुम टू रीड के प्रयासों पर चर्चा <&sol;strong><br>डा अभिनव कुमार ने राज्य की बहुभाषी परिस्थिति और इस संदर्भ में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत राज्य में बहुभाषी शिक्षा को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा यूनिसेफ झारखंड एवं रूम टू रीड के सहयोग से किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसी क्रम में सुनीशा आहूजा तथा शक्तिव्रता सेन ने मातृभाषा आधारित बाहुभाषी शिक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। इस दौरान पूरे राज्य की भाषा विविधता को समझने के लिए कराए गए भाषाई मैपिंग à¤•ी रिपोर्ट को भी साझा किया गया और सुझावों पर चर्चा à¤•ी à¤—ई। पहले दिन के इस सम्मेलन में पल्लवी शा&comma; यूनिसेफ झारखंड&comma; रूम टू रीड के सूरज पांडेय &lpar;राज्य समन्वयक&rpar;&comma; शशिकांत सिंह&comma; रवि कुमार&comma; सुरील&comma; पिरामल&comma; संपर्क फाउंडेशन&comma; प्रथम संस्था के प्रतिनिधि&comma; अभिभावक एवं शिक्षकों ने हिस्सा लिया।<&sol;p>&NewLine;

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