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फाइलेरिया मरीजों को दिव्यांगता सर्टिफिकेट दिलाने का करें सामूहिक प्रयास : सिविल सर्जन

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>राज्य के 4 जिलों में फाइलेरिया उन्मूलन में अवरोधक&comma; सहयोगी एवं आगे की रणनीति बनाने पर बैठक का आयोजन<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पटना&comma; पूर्णिया&comma; बेगूसराय एवं मोतिहारी जिलों के बारे में की गई चर्चा<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>एम्स पटना&comma; जिला स्वास्थ्य समिति एवं वीमेंस कोलेबोरेटिव फोरम के द्वारा बैठक का हुआ आयोजन<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;11&sol;1000333794-1024x654&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4931"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना &colon; <&sol;strong>राज्य के चार जिलों पटना&comma; पूर्णिया&comma; बेगूसराय एवं मोतिहारी में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में अवरोधक&comma; कार्यक्रम में सहयोगी एवं भविष्य की रणनीति बनाने पर पटना के एक निजी होटल में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन एम्स पटना&comma; जिला स्वास्थ्य समिति एवं वीमेंस कोलेबोरेटिव फोरम के द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि डॉ&period; अविनाश कुमार सिंह&comma; सिविल सर्जन पटना&comma; जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ&period; सुभाष चंद्र प्रसाद&comma; एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ&period; संजय पांडेय&comma; राज्य फाइलेरिया सलाहकार डॉ&period; अनुज सिंह रावत&comma; पिरामल स्वास्थ्य के स्टेट एनटीडी लीड बासब रूज&comma; विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ&period; अरुण कुमार&comma; एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ&period; संतोष कुमार निराला एवं डॉ&period; बिजय नंदा नायक&comma; पटना एम्स के सीनियर रेजिडेंट डॉ&period; दीपिका अग्रवाल&comma; डॉ&period; वेंकटेश&comma; डॉ&period; राम्या&comma; पटना डीपीआरओ लोकेश कुमार झा&comma; आईजीआईएमएस से विशेषज्ञ&comma; जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी एवं कर्मी&comma; जिला फाइलेरिया कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मी&comma; सीएचओ&comma; आशा कार्यकर्ता&comma; सिफार के प्रतिनिधि&comma; फाइलेरिया मरीज&comma; जीविका&comma; आईसीडीएस तथा ने विभागों के प्रतिनिधि तथा एम्स पटना के कई चिकित्सक मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;11&sol;1000333798-1024x627&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4930"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>MDA कार्यक्रम का हुआ है सकारात्मक प्रभाव &colon;<&sol;strong><br>बैठक को संबोधित करते सिविल सर्जन डॉ&period; अविनाश कुमार सिंह ने कहा सभी योग्य फाइलेरिया मरीजों को जांच के बाद जल्द से जल्द दिव्यांगता सर्टिफिकेट दिलाने के लिए सभी प्रयास करें ताकि उन्हें दिव्यांगता पेंशन प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा MDA कार्यक्रम का प्रभाव दिखता है लेकिन अभी और मेहनत करने की आवश्यकता है। सिविल सर्जन ने कहा राज्य की आबादी के 50 प्रतिशत लोग अपने जीवनकाल में कभी न कभी हाइड्रोसिल से ग्रसित होते हैं और यह फाइलेरिया संक्रमण के कारण होता है। फाइलेरिया को लेकर समुदाय में व्याप्त भ्रम और गलतफहमी को दूर करने की आवश्यकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;11&sol;1000333796-1024x975&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4928"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दुनिया के 40&percnt; फाइलेरिया रोगी भारत में &colon;<&sol;strong><br>स्वागत संबोधन में एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ&period; संजय पांडेय ने कहा दुनिया के 40 प्रतिशत फाइलेरिया रोगी अकेले भारत में हैं। राज्य के सभी 38 जिले फाइलेरिया से प्रभावित हैं। बैठक का उद्देश्य है कि सभी प्रतिभागी अपनी बात खुलकर सामने रखें। राज्य फाइलेरिया सलाहकार डॉ&period; अनुज सिंह रावत ने कहा बिहार देश का एकमात्र राज्य है जो MMDP किट में विशेष चप्पल फाइलेरिया मरीजों को देता है। पिरामल स्वास्थ्य के स्टेट एनटीडी लीड बासब रूज ने फाइलेरिया उन्मूलन के लिए अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल को-ऑर्डिनेटर डॉ&period; अरुण कुमार ने फाइलेरिया बीमारी एवं इसके उन्मूलन के तकनीकी पहलुओं पर बात की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;11&sol;1000333800-973x1024&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4929"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना जिले में 1500 हाइड्रोसिल मरीजों का किया जा चुका है ऑपरेशन &colon;<&sol;strong><br>बैठक को संबोधित करते जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ&period; सुभाष चंद्र प्रसाद ने कहा जिला के 1500 हाइड्रोसिल मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है। सभी चिन्हित हाइड्रोसिल मरीजों का ऑपरेशन शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा सभी फाइलेरिया मरीजों को MMDP किट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को कहा किट देते समय उसके इस्तेमाल का सही तरीका फाइलेरिया मरीजों को दिखाएं। उन्होंने कहा क्रॉस वेलिडेशन के लिए नाईट ब्लड सर्वे में एकत्रित किया गए सैंपल की स्लाइड को अविलंब भेजें। बैठक में पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया&comma; जिसमें विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि&comma; सहयोगी संस्थानों के प्रतिनिधि&comma; स्वास्थ्य अधिकारी एवं आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी। पैनल डिस्कशन का संचालन विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल को-ऑर्डिनेटर डॉ&period; अरुण कुमार ने किया। पैनल डिस्कशन के दौरान सिफार के सहयोग से आए फाइलेरिया मरीज जितेंद्र कुमार एवं बाबूनंद सिंह ने फाइलेरिया से अपने संघर्ष की चर्चा की। डॉ&period; संतोष कुमार निराला ने बताया फाइलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व के कई देशों में फैली हुई है। भारत में यह बीमारी 20 राज्यों के 348 जिलों में फैली है। इस रोग को समाप्त करने के लिए समुदाय के बीच मौजूद समस्याओं को समझना और उनका प्रबंधन करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई। इसके लिए सभी को अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ&period; संतोष कुमार निराला ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित कर बैठक का समापन किया। बैठक का संचालन एम्स पटना के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ&period; बिजय नंदा नायक ने किया।<br><strong>Maurya News18 Patna&period;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;

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