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DSE ने अंग्रेजी शब्दावली संवर्द्धन के लिए पहली से आठवीं कक्षा तक शुरू की जिला स्तरीय पहल…

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>जिला शिक्षा अधीक्षक &lpar;DSE&rpar; बादल राज ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को रोजाना नए शब्दों से परिचित कराया जाता है और उन्हें उच्चारण के साथ सही प्रयोग का अभ्यास कराया जाता है<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-full"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;07&sol;IMG-20250521-WA0005-2&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4170"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रांची &colon;<&sol;strong> शिक्षा विभाग ने बच्चों की भाषा क्षमताओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शब्दावली संवर्द्धन कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों की भाषा क्षमताओं को बेहतर बनाने का है। जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को रोजाना नए शब्दों से परिचित कराया जाता है और उन्हें उच्चारण के साथ सही प्रयोग का अभ्यास कराया जाता है। इससे बच्चों की पढ़ने&comma; समझने&comma; बोलने और लिखने की क्षमता में सुधार होता है। यह कार्यक्रम बच्चों की रुचि और स्तर के अनुसार तैयार किया गया है ताकि वे सहजता और आनंद के साथ भाषा सीख सकें और विद्यालय में विभिन्न विषयों को अधिक प्रभावी ढंग से समझ सकें। शब्दावली संवर्द्धन कार्यक्रम के तहत वोकेबथान छात्रों की भाषा क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। एनुअल स्टेटस आफ एजुकेशन रिपोर्ट और परफार्मेंस असेसमेंट रिव्यू एंड एनालाइसिस आफ नालेज फार होलिस्टिक डेवलपमेंट की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों में बुनियादी भाषा ज्ञान की स्थिति संतोषजनक नहीं है। पढ़ने&comma; समझने और प्रभावी रूप से अभिव्यक्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह कार्यक्रम छात्रों की शब्द संपदा बढ़ाकर उनकी संप्रेषण क्षमता को सशक्त बनाने का प्रयास है। यह कार्यक्रम रांची जिले में FLN यानी फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी मिशन के तहत एक सहायक पहल के रूप में संचालित हो रहा है। इसके अंतर्गत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को प्रतिदिन सुनियोजित रूप से नए शब्दों से परिचित कराया जाना है&comma; जिससे उनकी भाषा में गहराई और विविधता आए। शिक्षकों को बच्चों के साथ संवादात्मक गतिविधियां&comma; खेलों&comma; कहानियों और चित्रों के माध्यम से शब्द सिखाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। बच्चों को नए शब्दों का प्रयोग दैनिक जीवन में करना सिखाया जाना है&comma; जिससे भाषा सीखना उनके लिए आनंददायक और उपयोगी हो।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिले के सभी प्रखंडों के विद्यालयों में किया गया है संचालित &colon;<&sol;strong><br>रांची जिले के सभी प्रखंडों के विद्यालयों में इस कार्यक्रम का संचालन नियमित रूप से किया जाना है। विद्यालयों में विद्यार्थियों के शब्दज्ञान की प्रगति को मापने के लिए मूल्यांकन भी किया जाना है। इस कार्यक्रम से न केवल बच्चों की भाषा दक्षता में सुधार होगा बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। यह पहल रांची जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नई दिशा देने की ओर अग्रसर है। इसी परिप्रेक्ष्य में वोकेबथान के तहत रणनीति के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए कुछ बदलाव भी लाया गया है। जिसमें पहला&comma; शिक्षक द्वारा सही उच्चारण&comma; दूसरा बच्चों द्वारा शिक्षक के साथ-साथ सही उच्चारण और तीसरा प्रत्येक बच्चे द्वारा सही उच्चारण की विधि को अपनाया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ये है उद्देश्य &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी बच्चे अंग्रेजी के नित्य प्रयोग में आने वाले शब्दों का सही उच्चारण&comma; सही वर्तनी के साथ कर सके जो क्षेत्रीय एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि से प्रभावित न हो<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>छात्रों के पास एक समुचित शब्द भंडार हो<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>छात्र दैनिक प्रयोग में आने वाले अंग्रेजी के शब्दों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सके<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>छात्रों में आत्म‌विश्वास और अंग्रेजी भाषा अभिव्यक्ति को सशक्त करना।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>विद्यालयों में इस तरह होगा क्रियान्वयन &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>इसके लिए प्रत्येक पखवाड़े में विभिन्न प्रकार के लगभग 50 शब्द समूहों से एक शब्द समूह पहली से पांचवीं कक्षा तथा एक शब्द समूह छठी से आठवीं के लिए जिला से भेजे जाएंगे<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>शिक्षक द्वारा सही भाषा वर्तनी एवं उच्चारण के साथ पढ़ना एवं सही अर्थ बताना<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>शिक्षक का अनुसरण कर बच्चे एक साथ पढ़ेंगे<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>प्रत्येक बच्चे स्वतंत्र रूप से उच्चारण करेंगे एवं अर्थ बताएंगे<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>सही वर्तनी का प्रयोग करेंगे और याद रख सकेंगे।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ये होगी शिक्षकों की भूमिका &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>प्रार्थना सभा&comma; चेतना सत्र&comma; भाषा कक्षा अथवा किसी अन्य अतिरिक्त समय में अभ्यास कराना एवं प्रत्येक छात्र से स्वतंत्र रूप में सही वर्तनी एवं उच्चारण के साथ दुहराव कराना<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>पूर्व में दिए गए शब्दों का पुनर्मूल्यांकन करवाना शामिल है।<br><strong>Maurya News18 Ranchi&period;<&sol;strong><&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;

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