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DSPMU : द इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन का 105वां वार्षिक अधिवेशन 27 दिसंबर से

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>1917 में अपने स्थापना वर्ष के बाद से देश के विभिन्न प्रांतों में प्रतिवर्ष इस अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>कुलपति डा तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि इस वर्ष इसे आयोजित करने का गौरव डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी रांची को प्राप्त हुआ है<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img data-id&equals;"866" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;2a4bb-img-20221224-wa0017&period;jpeg&quest;w&equals;576&&num;038&semi;h&equals;1024" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-866" &sol;><&sol;figure>&NewLine;<&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रांची<&sol;strong> &colon; द इंडियन इकोनामिक एसोसिएशन का 105वां वार्षिक अधिवेशन डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी रांची में 27 से 29 दिसंबर तक होगा। तीन दिवसीय शिक्षा के इस महाकुंभ में राष्ट्रीय आर्थिक विषयों पर केंद्रित वृहत शिक्षा समागम में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद&comma; अर्थशास्त्री और अर्थ जगत के विद्वान शामिल होंगे। इसे लेकर डीएसपीएमयू में कुलपति डा तपन कुमार शांडिल्य व रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति डा अजीत कुमार सिन्हा की उपस्थिति में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। बताया गया कि 1917 में अपने स्थापना वर्ष के बाद से देश के विभिन्न प्रांतों में प्रतिवर्ष इस अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है। कुलपति डा तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि इस वर्ष इसे आयोजित करने का गौरव डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी रांची को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि रांची यूनिवर्सिटी की सहभागिता से यह आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में कुलपति ने कहा कि पिछले कई वर्षों से देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित अधिवेशन में शामिल होने का मौका मिला है। इन अनुभवों के आधार पर यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि इस आर्थिक सम्मेलन की पूर्णता के बाद यह न सिर्फ डीएसपीएमयू बल्कि अन्य यूनिवर्सिटी के शामिल प्रतिनिधियों को भी काफी कुछ सीखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन से जुड़े न्यूज लेटर का प्रकाशन भी किया जा चुका है। जिसमें पूर्व के वार्षिक अधिवेशनों का ब्यौरा और वर्तमान अधिवेशन की रुपरेखा और इंडियन इकोनामी एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों का विवरण दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img data-id&equals;"869" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;d523f-img&lowbar;20221224&lowbar;161616&lowbar;hdr&period;jpg&quest;w&equals;1024&&num;038&semi;h&equals;768" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-869" &sol;><&sol;figure>&NewLine;<&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आयोजन के पैट्रान हैं कुलपति &colon;<&sol;strong><br>एसोसिएशन के अध्यक्ष केआइआइटी और केआइएसएस के संस्थापक प्रो अच्युत सामंत हैं। 105वें अधिवेशन में अध्यक्ष प्रो एडीएन वाजपेयी&comma; मुख्य कन्वेनर डा अनिल कुमार ठाकुर&comma; आयोजन के पैट्रान और कुलपति डा तपन कुमार शांडिल्य हैं। कुलपति ने कहा कि तीन दिवसीय आर्थिक सेमिनार में झारखंड की अर्थव्यवस्था पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। यह सत्र झारखंड के शिक्षाविदों और शोधार्थियों के लिए बेहद उपयोगी होगा। वहीं रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति डा अजीत कुमार सिन्हा ने इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बेशक छात्र छात्राओं के साथ साथ शिक्षकों का भी ज्ञानवर्द्धन होता है। अर्थ जगत से जुड़े लोग यहां आकर अपने अनुभवों को साझा करेंगे&comma; जो कि आने वाले दिनों आर्थिक योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि अब तक 467 शोध पत्र की विवरणिका 10 विभिन्न वाल्यूम में प्रकाशित हो चुकी है। अब तक 700 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है जबकि लक्ष्य 2000 का है। बता दें कि इस आयोजन में 17 प्रदेशों से अर्थ जगत से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे। जो बजट&comma; फाइनांस और पोस्ट कोविड हालातों पर अपना वक्तव्य देंगे। वहीं मुख्य कन्वेनर डा अनिल कुमार ठाकुर ने कहा कि यह पहली बार है कि झारखंड में इतने बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पूर्व संयुक्त बिहार में 1972 में मगध विश्वविद्यालय में हरगोविंद सिंह के नेतृत्व में अधिवेशन का आयोजन किया गया था।<&sol;p>&NewLine;

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