Home खबर राज्य एवं दुनिया की समृद्धि तथा विकास की कल्पना किसानों के बिना...

राज्य एवं दुनिया की समृद्धि तथा विकास की कल्पना किसानों के बिना संभव नहीं : शिल्पी नेहा तिर्की

&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>आइएचएम रांची में विश्व खाद्य दिवस पर मिलेट फेस्ट 2025 का आयोजन<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;10&sol;1000153117-1024x682&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4703"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रांची &colon;<&sol;strong> विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर IHM Ranchi में मिलेट फेस्ट 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मिली नैचुरल लिमिटेड एवं स्टार्टअप झारखंड के संयुक्त सहयोग से किया गया। फेस्ट के मुख्य अतिथि के रूप में शिल्पी नेहा तिर्की झारखंड सरकार में कृषि&comma; पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री तथा विशिष्ट अतिथियों में आइएचएम के प्राचार्य डा&period; भूपेश कुमार&comma; डा&period; आरती महतो&comma; मिली लाइफ नैचुरल्स की सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी&comma; पंकज राय&comma; डा&period; मनीषा उरांव&comma; गौरव कुमार&comma; शेलिन जया एक्का&comma; अरुण&comma; डा&period; ममता उपस्थित रहे। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;10&sol;1000153093-1024x682&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4704"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि राज्य एवं दुनिया की समृद्धि तथा विकास की कल्पना किसानों के बिना संभव नहीं है। वर्तमान समय में भोजन के उपयोग में मिल्लेट्स की उपयोगिता बढ़ाने तथा अन्न ग्रहण करने से पहले किसानों के योगदान को समझाना आवश्यक है। बताया कि राज्य की मिल्लेट्स को लोगों तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित बाजार होना भी आवश्यक है ताकि मड़ुआ की उपयोगिता में वृद्धि हो सके। उन्होंने आइएचएम रांची को राज्य में मिलेट कैफे खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का आग्रह किया। कहा कि मिलेट्स &lpar;श्री अन्न&rpar; न केवल पोषण का एक समृद्ध स्रोत है बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;10&sol;1000153105-1024x768&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4705"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नाबार्ड के डीजीएम गौरव कुमार ने मिलेट उत्पादन एवं प्रसंस्करण में वित्तीय सहायता&comma; प्रशिक्षण और बाजार उपलब्धता पर अपने विचार रखे। डा&period; भूपेश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों की समृद्धि को दर्शाना है। राज्य की समृद्धि में मिल्लेट्स की भूमिका रही है। यह कार्यक्रम सभी के बीच मड़ुआ संबंधी उत्पादों के जागरूकता तथा कृषि क्षेत्र के विकास में भूमिका निभाएगी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanews18&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;10&sol;1000153135-1024x682&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-4706"&sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रियता पर प्राचार्य ने कहा कि आइएचएम रांची स्थानीय खाद्य संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मिलेट आधारित लाइव कुकरी शो का प्रदर्शन संस्थान के व्याख्याता राजशेखर द्वारा फाक्सटेल मूसली&comma; ताबुले&comma; वेज रागी ताकोज विथ टर्मरिक चीज सास एंड मिसरी पाइनएप्पल सालसा&comma; कोदो मिलेट फलाफल इन मड़ुआ पीठा विथ बुरानी तजाजकी&comma; मिलेट गोदिल खीर&comma; जैसी पौष्टिक व्यंजन प्रस्तुत किए गए।<br><strong>Maurya News18 Ranchi&period;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version