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दुबई में “अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार ” विषय पर सेमिनार,पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ जज हुए शामिल

&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-full"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;e147e-img-20221013-wa0093&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-515" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दुबई &colon; Mission Let&&num;8217&semi;s Inspire Bihar <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>Maurya News18<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दुबई स्थित दीनदयाल उपाध्याय ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा मंगलवार को एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार में पटना हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार और अंजनी कुमार शरण ने भाग लिया और अपने विचार को श्रोताओं के समक्ष रखा।<br>कार्यक्रम का आयोजन बिहारीमूल के दुबई निवासी रवि शंकर चंद ने किया जो दीनदयाल उपाध्याय ग्लोबल फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं। इस कार्यक्रम में दुबई में रह रहे अप्रवासीय भारतीय और खासकर बिहार के लोगों ने जोर शोर से हिस्सा लिय। कार्यक्रम की खास बात ये रही की बिहार और भारत के लोगों को शायद ये पहली बार भारत के संविधान और मौलिक अधिकारों के बारे में सीधे तौर पे उच्य न्यायालय के न्यायाधीशों से बातचीत और संवाद का अवसर मिला।<br>बिहार के जानेमाने आईपीएस विकास वैभव ने भी ऑनलाइन जुड़कर अपने विचार रखे और लेट्स iNSPIRE बिहार संस्था के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में लेटस इंस्पायर बिहार के दुबई शाखा ने भी खूब सहयोग दिया। जस्टिस संजय कुमार ने संयुक्त राष्ट के नीतियों और इतिहास के बारे में बताया और भारत के संविधान के मूल भाव में जो लोकतंत्र निहित है उसपर जोर दिया। संविधान के निर्माण में बिहार के ही सच्चिदान्द सिन्हा के योगदान को भी विशेष तौर पे याद किया गया। जस्टिस अंजनी कुमार शरण ने सेमिनार में उपस्थित बिहार के लोगों से अपने मातृभूमि बिहार और भारत के विकास में सहयोग देने पर जोर दिया और बिहार में इन्वेस्ट करने की सलाह दी। उन्होंने विश्व में मानव अधिकार को संविधान के ढांचे में मजबूती से बांधने की बात कही और साथ ही भारत में न्यायालय व्यवस्था में मानवाधिकार की प्राथमिकता पर चर्चा किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विकास वैभव ने कहा कि हमारा स्वप्न अपने जीवन काल में ही उस विकसित बिहार के निर्माण का है जिसमें शिक्षा अथवा रोजगार के लिए किसी को बाहर नहीं जाना पड़े और जो अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अनुसार पुनः संपूर्ण भारतवर्ष का मार्गदर्शन कर सके तथा भारत के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में अपना योगदान कर सके ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-full"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;mauryanewslive18&period;files&period;wordpress&period;com&sol;2023&sol;11&sol;404e6-img-20221013-wa0094&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-516" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>रवि चंद ने इस संवाद को ऐतिहासिक बताते हुए बिहार के न्यायाधीश संजय कुमार &comma; अंजनी कुमार शरण और आईपीएस विकास वैभव को दुबई में रह रहे ३ लाख बिहार मूल के लोगों से जुड़े रहने और मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। रवि चंद ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय के सिंद्धांत की चर्चा की और कहा की समाज के अंतिम पायदान पर बैठे लोगों तक विकास से ही अपने राज्य और देश का विकास संभव है। कार्यक्रम के दौरान बिहार के व्यवसायी Shobhit कुमार भी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

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